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Baghpat News: वन्य जीवों का शिकार करने वाले सात शिकारी गिरफ्तार
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बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे व निवाड़ा के पास से रविवार सुबह को वन्य जीवों का शिकार करने वाले हरियाणा के सोनीपत के सात शिकारियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से चार सियार, एक कब्र बिज्जू, एक जंगली बिल्ली और दो जल मुर्गी मृत, जबकि एक जंगली बिल्ली जिंदा बरामद की गई।
जिले में वन्य जीवों का शिकार किए जाने की सूचना मिलने पर रविवार सुबह वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो उत्तरी क्षेत्र और वन विभाग की टीम ने क्षेत्राधिकारी सुनेंद्र सिंह के साथ मवीकलां-साकरौद और दूसरी टीम ने क्षेत्राधिकारी श्रवण कुमार के साथ गौरीपुर जवाहरनगर गांव के यमुना खादर में छापामारी की। मवीकलां-साकरौद गांव के जंगल से शिकारी अपनी कार लेकर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से हरियाणा की तरफ भागने लगे। उनके पीछे लगे वन कर्मियों ने जखौली टोल प्लाजा पर कार सवार छह शिकारियों खन्नानाथ, अर्जुन, साजन, बालीनाथ, रोहन निवासी कुंडली सोनीपत और दुल्लीचंद निवासी राजपुर जिला मेरठ को गिरफ्तार कर लिया। निवाड़ा पुल के पास से विकास निवासी आरके कॉलोनी मुरथल जिला सोनीपत को पकड़ा गया।
इन सभी के पास से आठ मृत और एक जिंदा वन्य जीव के साथ शिकार में प्रयुक्त होने वाले 40 खटके, रस्से, जाल, पांच खुदाले, ईको गाड़ी, एक बाइक समेत अन्य औजार बरामद किए गए। डीएफओ विनोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सातों शिकारियों से पूछताछ की गई। इसके बाद उनके खिलाफ भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
-शिकारी बोले, सपेरे हैं हम, खाने के लिए करते हैं शिकार
वन्य जीवों के शिकार करने पर गिरफ्तार किए गए शिकारियों ने पूछताछ में बताया कि परिवार वालों के साथ बचपन से खाने के लिए शिकार करते हैं। शिकार करने के लिए अपने साथियों के साथ जंगल में जाकर खटके लगाकर शिकार को फंसाकर मार देते हैं। पकड़े गए सभी शिकारी सपेरा समुदाय से हैं और एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं। इनमें कोई कूड़ा बीनने तो कोई भीख मांगने का काम करता है। इसके अलावा शादी समारोह में ढोल भी बजाते हैं।
-मृत वन्य जीवों के पैर की हड्डी टूटी मिली
शिकारियों के पास से मृत मिले वन्य जीवों का पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसमें सियार, जंगली बिल्ली समेत अन्य जीवों के पैरों की हड्डी टूटी मिली और उनके सिर पर खुदाले जैसे हथियार के वार की चोट के निशान भी मिले। पोस्टमार्टम में यह भी पता चला कि सभी वन्य जीवों का शिकार 12 घंटे के अंदर यानी रात में किया गया।
-वन्य जीवों की तस्करी का भी शक
डीएफओ विनोद कुमार ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में शिकारियों ने खाने के लिए शिकार करने की बात कही, लेकिन उन पर दूसरे राज्यों में वन्य जीवों की तस्करी का शक भी है। इसके लिए जांच चल रही है। उनके अन्य साथियों का भी पता लगाया जा रहा है। तस्करी का तथ्य सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में वन्य जीवों का शिकार किए जाने की सूचना मिलने पर रविवार सुबह वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो उत्तरी क्षेत्र और वन विभाग की टीम ने क्षेत्राधिकारी सुनेंद्र सिंह के साथ मवीकलां-साकरौद और दूसरी टीम ने क्षेत्राधिकारी श्रवण कुमार के साथ गौरीपुर जवाहरनगर गांव के यमुना खादर में छापामारी की। मवीकलां-साकरौद गांव के जंगल से शिकारी अपनी कार लेकर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से हरियाणा की तरफ भागने लगे। उनके पीछे लगे वन कर्मियों ने जखौली टोल प्लाजा पर कार सवार छह शिकारियों खन्नानाथ, अर्जुन, साजन, बालीनाथ, रोहन निवासी कुंडली सोनीपत और दुल्लीचंद निवासी राजपुर जिला मेरठ को गिरफ्तार कर लिया। निवाड़ा पुल के पास से विकास निवासी आरके कॉलोनी मुरथल जिला सोनीपत को पकड़ा गया।
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इन सभी के पास से आठ मृत और एक जिंदा वन्य जीव के साथ शिकार में प्रयुक्त होने वाले 40 खटके, रस्से, जाल, पांच खुदाले, ईको गाड़ी, एक बाइक समेत अन्य औजार बरामद किए गए। डीएफओ विनोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सातों शिकारियों से पूछताछ की गई। इसके बाद उनके खिलाफ भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
-शिकारी बोले, सपेरे हैं हम, खाने के लिए करते हैं शिकार
वन्य जीवों के शिकार करने पर गिरफ्तार किए गए शिकारियों ने पूछताछ में बताया कि परिवार वालों के साथ बचपन से खाने के लिए शिकार करते हैं। शिकार करने के लिए अपने साथियों के साथ जंगल में जाकर खटके लगाकर शिकार को फंसाकर मार देते हैं। पकड़े गए सभी शिकारी सपेरा समुदाय से हैं और एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं। इनमें कोई कूड़ा बीनने तो कोई भीख मांगने का काम करता है। इसके अलावा शादी समारोह में ढोल भी बजाते हैं।
-मृत वन्य जीवों के पैर की हड्डी टूटी मिली
शिकारियों के पास से मृत मिले वन्य जीवों का पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसमें सियार, जंगली बिल्ली समेत अन्य जीवों के पैरों की हड्डी टूटी मिली और उनके सिर पर खुदाले जैसे हथियार के वार की चोट के निशान भी मिले। पोस्टमार्टम में यह भी पता चला कि सभी वन्य जीवों का शिकार 12 घंटे के अंदर यानी रात में किया गया।
-वन्य जीवों की तस्करी का भी शक
डीएफओ विनोद कुमार ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में शिकारियों ने खाने के लिए शिकार करने की बात कही, लेकिन उन पर दूसरे राज्यों में वन्य जीवों की तस्करी का शक भी है। इसके लिए जांच चल रही है। उनके अन्य साथियों का भी पता लगाया जा रहा है। तस्करी का तथ्य सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
