{"_id":"6a465fbd7b9a23eb160c3e90","slug":"the-trail-of-the-money-stolen-from-the-temple-must-be-traced-rakesh-tikait-baghpat-news-c-28-1-bag1001-154507-2026-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर से चोरी का धन कहां-कहां पहुंचा, पता लगाया जाए : राकेश टिकैत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर से चोरी का धन कहां-कहां पहुंचा, पता लगाया जाए : राकेश टिकैत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-दादरी पहुंचे भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर से चढ़ावा चोरी के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
-दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से गांगनौली में कट को जनता की जरूरत बताते हुए संघर्ष तेज करने की बात कही
फोटो 10
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली(बागपत)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बृहस्पतिवार को दादरी गांव में अयोध्या के श्रीराम मंदिर से चोरी हुए धन की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि चोरी हुआ धन कहां-कहां पहुंचा। टिकैत ने गांगनौली में कट को जनता की जरूरत बताते हुए भाकियू द्वारा इसके लिए संघर्ष तेज करने की बात कही।
टिकैत ने क्षेत्र के सांसद और विधायकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में शामिल होने के बावजूद उनका सहयोग नहीं मिल रहा है। जनप्रतिनिधियों को कट की मांग पूरी न कर पाने की स्थिति में लोगों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। भाकियू इस कट को लेकर रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए किसी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटा जाएगा। टिकैत ने किसान संगठनों के दबाव में सरकार द्वारा व्यापार समझौता रद्द करने का भी उल्लेख किया।
टिकैत ने कहा कि रद्द किए गए व्यापार समझौते के पूरे मामले पर अभी नजर रखनी होगी। उन्होंने आशंका जताई कि यदि मुक्त व्यापार समझौता (एफपीए) लागू हुआ तो विदेशों से बड़ी मात्रा में फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद भारत आएंगे। इससे देश के किसानों को भारी नुकसान होगा। यह उनकी आजीविका और आय को बुरी तरह प्रभावित करेगा। उन्होंने सरकार से इस पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।
विज्ञापन
टिकैत ने स्मार्ट मीटर जैसी योजनाओं का उल्लेख चुनावी घोषणा पत्र में करने का सुझाव दिया। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून को किसानों का सबसे बड़ा मुद्दा बताया। टिकैत ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से मक्का के सही दाम न मिलने का मुद्दा उठाया। टिकैत ने सरकार से किसानों को उनकी फसलों का उचित और सही दाम दिलाने की मांग की। इस मौके पर शिवनारायण सिंह, कमल सिंह, गगन धामा, मास्टर अमित धामा, नागेश और जयकुमार समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
-दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से गांगनौली में कट को जनता की जरूरत बताते हुए संघर्ष तेज करने की बात कही
फोटो 10
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली(बागपत)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बृहस्पतिवार को दादरी गांव में अयोध्या के श्रीराम मंदिर से चोरी हुए धन की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि चोरी हुआ धन कहां-कहां पहुंचा। टिकैत ने गांगनौली में कट को जनता की जरूरत बताते हुए भाकियू द्वारा इसके लिए संघर्ष तेज करने की बात कही।
टिकैत ने क्षेत्र के सांसद और विधायकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में शामिल होने के बावजूद उनका सहयोग नहीं मिल रहा है। जनप्रतिनिधियों को कट की मांग पूरी न कर पाने की स्थिति में लोगों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। भाकियू इस कट को लेकर रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए किसी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटा जाएगा। टिकैत ने किसान संगठनों के दबाव में सरकार द्वारा व्यापार समझौता रद्द करने का भी उल्लेख किया।
विज्ञापन
टिकैत ने कहा कि रद्द किए गए व्यापार समझौते के पूरे मामले पर अभी नजर रखनी होगी। उन्होंने आशंका जताई कि यदि मुक्त व्यापार समझौता (एफपीए) लागू हुआ तो विदेशों से बड़ी मात्रा में फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद भारत आएंगे। इससे देश के किसानों को भारी नुकसान होगा। यह उनकी आजीविका और आय को बुरी तरह प्रभावित करेगा। उन्होंने सरकार से इस पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।
विज्ञापन
टिकैत ने स्मार्ट मीटर जैसी योजनाओं का उल्लेख चुनावी घोषणा पत्र में करने का सुझाव दिया। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून को किसानों का सबसे बड़ा मुद्दा बताया। टिकैत ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से मक्का के सही दाम न मिलने का मुद्दा उठाया। टिकैत ने सरकार से किसानों को उनकी फसलों का उचित और सही दाम दिलाने की मांग की। इस मौके पर शिवनारायण सिंह, कमल सिंह, गगन धामा, मास्टर अमित धामा, नागेश और जयकुमार समेत अन्य मौजूद रहे।