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लोभ लालच छोड़कर भगवान की भक्ति करने से होता है कल्याण : अनुभूति माता
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-त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में हुआ भक्तांबर महामंडल विधान, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
फोटो नंबर 09केएआर 1
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में मंगलवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा की और विशेष अनुष्ठानों में भाग लिया। धर्मसभा में अनुभूति माता ने प्रवचन देते हुए अच्छे कर्मों और लोभ त्यागने का संदेश दिया।
विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और मंडप की शुद्धि के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से इन अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। इसके बाद 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर धार्मिक वातावरण से ओत-प्रोत रहा। धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अनुभूति माता ने महत्वपूर्ण उपदेश दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए और फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए। अनुभूति माता ने यह भी बताया कि भगवान की कृपा सभी पर बरसती है और हमें जितना मिला है, उसी में संतोष करना चाहिए। उन्होंने लोभ-लालच त्यागकर भगवान की भक्ति करने पर कल्याण निश्चित होने की बात कही। इस अवसर पर त्रिलोकचंद जैन, श्यामलाल जैन, अभिषेक जैन, दीपक जैन, मुकुल जैन, नितिन जैन, साहिल जैन और वैभव जैन सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में मंगलवार को भक्तांबर महामंडल विधान हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की नित्य नियम पूजा की और विशेष अनुष्ठानों में भाग लिया। धर्मसभा में अनुभूति माता ने प्रवचन देते हुए अच्छे कर्मों और लोभ त्यागने का संदेश दिया।
विधान की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक, शांति धारा और मंडप की शुद्धि के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से इन अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। इसके बाद 48 दीपों से भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर धार्मिक वातावरण से ओत-प्रोत रहा। धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अनुभूति माता ने महत्वपूर्ण उपदेश दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए और फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए। अनुभूति माता ने यह भी बताया कि भगवान की कृपा सभी पर बरसती है और हमें जितना मिला है, उसी में संतोष करना चाहिए। उन्होंने लोभ-लालच त्यागकर भगवान की भक्ति करने पर कल्याण निश्चित होने की बात कही। इस अवसर पर त्रिलोकचंद जैन, श्यामलाल जैन, अभिषेक जैन, दीपक जैन, मुकुल जैन, नितिन जैन, साहिल जैन और वैभव जैन सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
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