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Bahraich News: हर बुखार को वायरल मानकर न लें दवा
Fri, 07 Aug 2026 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:22 AM IST
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बहराइच मेडिकल कॉलेज में मरीज देखते चिकित्सक। -संवाद
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बहराइच। कभी तेज धूप, कभी झमाझम बारिश और फिर उमस भरे मौसम ने जिले में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों प्रतिदिन 280 से 350 मरीज बुखार के पहुंच रहे हैं। ज्यादातर मरीज बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि लोग हर बुखार को वायरल फीवर समझकर घर पर ही दवा खाना शुरू कर देते हैं, जबकि बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, टायफाइड और पानी से फैलने वाली बीमारियों के शुरुआती लक्षण भी लगभग ऐसे ही होते हैं। समय पर जांच और इलाज न होने पर मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है।
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. पी तिवारी ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से सक्रिय हो जाते हैं।
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बताया कि यदि बुखार दो दिन से अधिक रहे, तेज सिरदर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में परेशानी, प्लेटलेट्स गिरने के संकेत या शरीर पर चकत्ते दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना जांच एंटीबायोटिक या दर्द निवारक दवाओं का सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
डॉ. तिवारी के अनुसार बारिश के मौसम में दूषित पानी और मच्छरों के कारण संक्रमण तेजी से फैलता है। इसलिए उबला या शुद्ध पानी पीना, आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छरदानी का उपयोग करना और बाहर का खुला भोजन खाने से बचना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार होने पर स्वयं इलाज करने के बजाय नजदीकी सरकारी अस्पताल या चिकित्सक से परामर्श लेकर ही उपचार कराएं।
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डॉक्टर की सलाह
-दो दिन से अधिक बुखार रहे तो तुरंत जांच कराएं।
-मच्छरों से बचाव के पूरे उपाय अपनाएं।
-केवल उबला या स्वच्छ पानी पिएं।
-बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में बुखार को हल्के में न लें।
-तेज बुखार, प्लेटलेट्स कम होने या सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।
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चिकित्सकों का कहना है कि लोग हर बुखार को वायरल फीवर समझकर घर पर ही दवा खाना शुरू कर देते हैं, जबकि बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, टायफाइड और पानी से फैलने वाली बीमारियों के शुरुआती लक्षण भी लगभग ऐसे ही होते हैं। समय पर जांच और इलाज न होने पर मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है।
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मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. पी तिवारी ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से सक्रिय हो जाते हैं।
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बताया कि यदि बुखार दो दिन से अधिक रहे, तेज सिरदर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में परेशानी, प्लेटलेट्स गिरने के संकेत या शरीर पर चकत्ते दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना जांच एंटीबायोटिक या दर्द निवारक दवाओं का सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
डॉ. तिवारी के अनुसार बारिश के मौसम में दूषित पानी और मच्छरों के कारण संक्रमण तेजी से फैलता है। इसलिए उबला या शुद्ध पानी पीना, आसपास पानी जमा न होने देना, मच्छरदानी का उपयोग करना और बाहर का खुला भोजन खाने से बचना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार होने पर स्वयं इलाज करने के बजाय नजदीकी सरकारी अस्पताल या चिकित्सक से परामर्श लेकर ही उपचार कराएं।
डॉक्टर की सलाह
-दो दिन से अधिक बुखार रहे तो तुरंत जांच कराएं।
-मच्छरों से बचाव के पूरे उपाय अपनाएं।
-केवल उबला या स्वच्छ पानी पिएं।
-बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में बुखार को हल्के में न लें।
-तेज बुखार, प्लेटलेट्स कम होने या सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।