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Bahraich News: कटान तेज, रामसहाय पुरवा पर मंडराया खतरा
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महसी के रामसहायपुरवा के निकट कटान कर रही सरयू नदी।
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बहराइच। तराई और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में रुक-रुककर हो रही बारिश का असर अब बहराइच के तटीय गांवों में दिखने लगा है। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी और गोपिया बैराज से शुक्रवार को करीब 1.10 लाख क्यूसेक पानी सरयू नदी में छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर के साथ कटान भी तेज हो गई है। महसी तहसील के ग्राम पंचायत पचदेवरी का रामसहाय पुरवा गांव नदी के सीधे निशाने पर आ गया है।
गांव और नदी के बीच अब महज 120 मीटर की दूरी बची है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और कई परिवार अपनी गृहस्थी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दिनों में नदी ने तेजी से खेती योग्य भूमि को अपनी आगोश में लिया है। यदि इसी रफ्तार से कटान जारी रही तो अगले चार से पांच दिनों में नदी की धारा गांव तक पहुंच सकती है। गांव निवासी अवधेश, रमेश, चेतराम, सुंदरलाल और अनोखा ने बताया कि हर घंटे नदी गांव की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। लोग रातभर जागकर कटान की निगरानी कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से पहले परक्यूपाइन लगाया गया था, लेकिन तेज बहाव के सामने वह कटान रोधी उपाय बेअसर साबित हुआ। नदी की लहरें लगातार खेतों को काट रही हैं और किसानों की उपजाऊ भूमि तेजी से नदी में समाती जा रही है। इससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
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बाढ़ खंड और प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कटान प्रभावित क्षेत्र का लगातार निरीक्षण कराया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव के कदम उठाए जाएंगे।
आज गांव में लगेगी चौपाल, अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
उपजिलाधिकारी प्रकाश सिंह ने बताया कि रामसहाय पुरवा में सरयू नदी की कटान की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया है। नायब तहसीलदार राजेश श्रीवास्तव की अगुवाई में क्षेत्रीय लेखपालों की ड्यूटी लगा दी गई है। शनिवार को गांव में चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से संवाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थिति का मौके पर आकलन कर गांव और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।
गृहस्थी समेटने की तैयारी कर रहे ग्रामीण
नदी गांव के करीब पहुंचने से कई परिवार अब अपने घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं। अवधेश यादव ने बताया, हर दिन नदी कुछ न कुछ जमीन काट रही है। अगर यही हाल रहा तो दो-तीन दिन में घरों पर खतरा आ जाएगा। इसलिए जरूरी सामान पहले ही सुरक्षित जगह भेजने की तैयारी कर रहे हैं। रमेश कुमार ने कहा, रातभर जागकर नदी की कटान देखते हैं। परिवार के लोग डरे हुए हैं। बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की चिंता सताने लगी है। चेतराम ने कहा बाढ़ खंड की ओर से पहले कटान रोकने के लिए काम कराया गया था, लेकिन तेज बहाव के आगे उसका असर नहीं दिख रहा।
धीरे-धीरे बढ़ रहा सरयू का पानी
बौंडी। शारदा, सरयू नदी का जलस्तर धीरे -धीरे बढ़ रहा है। सहायक अभियंता नंदू प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में किसी भी नदी में बाढ़ का खतरा नहीं है। महसी के घूरदेवी में जलस्तर में मामूली इजाफा हो रहा है। विभाग जलस्तर और डिस्चार्ज पर लगातार नजर बनाए हुए है। (संवाद)
बैराज और नदियों का जलस्तर व डिस्चार्ज
जलस्तर (मीटर)
खतरे का निशान (मीटर)
डिस्चार्ज (क्यूसेक)
स्थिति
शारदा बैराज 134.25
135.49
18,625
स्थिर
गिरिजा बैराज 133.95
136.78
46,175
सामान्य
सरयू बैराज 128.95
133.50
250
सामान्य
एल्गिन ब्रिज (सरयू)
104.89
106.07
65,050
0.02 मीटर गिरावट
घूरदेवी (सरयू)
110.73
112.15
0.04 मीटर वृद्धि
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गांव और नदी के बीच अब महज 120 मीटर की दूरी बची है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और कई परिवार अपनी गृहस्थी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दिनों में नदी ने तेजी से खेती योग्य भूमि को अपनी आगोश में लिया है। यदि इसी रफ्तार से कटान जारी रही तो अगले चार से पांच दिनों में नदी की धारा गांव तक पहुंच सकती है। गांव निवासी अवधेश, रमेश, चेतराम, सुंदरलाल और अनोखा ने बताया कि हर घंटे नदी गांव की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। लोग रातभर जागकर कटान की निगरानी कर रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से पहले परक्यूपाइन लगाया गया था, लेकिन तेज बहाव के सामने वह कटान रोधी उपाय बेअसर साबित हुआ। नदी की लहरें लगातार खेतों को काट रही हैं और किसानों की उपजाऊ भूमि तेजी से नदी में समाती जा रही है। इससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
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बाढ़ खंड और प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कटान प्रभावित क्षेत्र का लगातार निरीक्षण कराया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव के कदम उठाए जाएंगे।
आज गांव में लगेगी चौपाल, अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
उपजिलाधिकारी प्रकाश सिंह ने बताया कि रामसहाय पुरवा में सरयू नदी की कटान की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया है। नायब तहसीलदार राजेश श्रीवास्तव की अगुवाई में क्षेत्रीय लेखपालों की ड्यूटी लगा दी गई है। शनिवार को गांव में चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से संवाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थिति का मौके पर आकलन कर गांव और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।
गृहस्थी समेटने की तैयारी कर रहे ग्रामीण
नदी गांव के करीब पहुंचने से कई परिवार अब अपने घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं। अवधेश यादव ने बताया, हर दिन नदी कुछ न कुछ जमीन काट रही है। अगर यही हाल रहा तो दो-तीन दिन में घरों पर खतरा आ जाएगा। इसलिए जरूरी सामान पहले ही सुरक्षित जगह भेजने की तैयारी कर रहे हैं। रमेश कुमार ने कहा, रातभर जागकर नदी की कटान देखते हैं। परिवार के लोग डरे हुए हैं। बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की चिंता सताने लगी है। चेतराम ने कहा बाढ़ खंड की ओर से पहले कटान रोकने के लिए काम कराया गया था, लेकिन तेज बहाव के आगे उसका असर नहीं दिख रहा।
धीरे-धीरे बढ़ रहा सरयू का पानी
बौंडी। शारदा, सरयू नदी का जलस्तर धीरे -धीरे बढ़ रहा है। सहायक अभियंता नंदू प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में किसी भी नदी में बाढ़ का खतरा नहीं है। महसी के घूरदेवी में जलस्तर में मामूली इजाफा हो रहा है। विभाग जलस्तर और डिस्चार्ज पर लगातार नजर बनाए हुए है। (संवाद)
बैराज और नदियों का जलस्तर व डिस्चार्ज
जलस्तर (मीटर)
खतरे का निशान (मीटर)
डिस्चार्ज (क्यूसेक)
स्थिति
शारदा बैराज 134.25
135.49
18,625
स्थिर
गिरिजा बैराज 133.95
136.78
46,175
सामान्य
सरयू बैराज 128.95
133.50
250
सामान्य
एल्गिन ब्रिज (सरयू)
104.89
106.07
65,050
0.02 मीटर गिरावट
घूरदेवी (सरयू)
110.73
112.15
0.04 मीटर वृद्धि