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Bahraich News: छेड़खानी व अपहरण के चार दोषियों को सात साल की सजा
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बहराइच। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी की कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए 30 साल पहले घर में घुसकर छेड़खानी और अपहरण करने के मामले में सुनवाई करते हुए चार अभियुक्तों को दोषी ठहराया। कोर्ट ने सभी को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए 16-16 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर सभी को छह-छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि घटना 23 फरवरी 1996 के रात की है। बौंडी थाना के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की महिला ने थाने में तहरीर देकर कहा था कि उसके पति दिल्ली में काम करते हैं। वह घर में अपने ससुर, देवर के साथ रहती है। रात में जब वह अपने घर में सो रही थी तभी कुछ लोग घर में घुस आए और उसे पकड़ लिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला के शोर मचाने पर ससुर, देवर व गांव के अन्य लोग जाग गए तो आरोपित बाल पकड़कर खींचते हुए लेकर चले गए।
पुलिस ने इस मामले में सीतापुर के रामपुर मथुरा के शुक्लनपुरवा निवासी तीरथराम, परसू, बैजनाथ, अरविंद, बैजू, सुमिरन व राम नरेश के खिलाफ घर में घुसकर छेड़खानी कर अपहरण करने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर उसका बयान न्यायालय में दर्ज कराया और आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। विवेचना पूरी करके चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। विचारण के दौरान अभियुक्त बैजू, सुमिरन और राम नरेश की मौत हो गई।
मंगलवार को विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी राकेश कुमार सिंह द्वितीय की कोर्ट ने मुकदमे में सुनवाई पूरी करते हुए घटना में मिले साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त तीरथराम, अरविंद, बैजनाथ व परसू को दोष सिद्ध करार दिया। कोर्ट ने सभी दोषियों को सात-सात वर्ष की सजा अर्थदंड से दंडित किया है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि घटना 23 फरवरी 1996 के रात की है। बौंडी थाना के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की महिला ने थाने में तहरीर देकर कहा था कि उसके पति दिल्ली में काम करते हैं। वह घर में अपने ससुर, देवर के साथ रहती है। रात में जब वह अपने घर में सो रही थी तभी कुछ लोग घर में घुस आए और उसे पकड़ लिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला के शोर मचाने पर ससुर, देवर व गांव के अन्य लोग जाग गए तो आरोपित बाल पकड़कर खींचते हुए लेकर चले गए।
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पुलिस ने इस मामले में सीतापुर के रामपुर मथुरा के शुक्लनपुरवा निवासी तीरथराम, परसू, बैजनाथ, अरविंद, बैजू, सुमिरन व राम नरेश के खिलाफ घर में घुसकर छेड़खानी कर अपहरण करने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर उसका बयान न्यायालय में दर्ज कराया और आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। विवेचना पूरी करके चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। विचारण के दौरान अभियुक्त बैजू, सुमिरन और राम नरेश की मौत हो गई।
मंगलवार को विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी राकेश कुमार सिंह द्वितीय की कोर्ट ने मुकदमे में सुनवाई पूरी करते हुए घटना में मिले साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त तीरथराम, अरविंद, बैजनाथ व परसू को दोष सिद्ध करार दिया। कोर्ट ने सभी दोषियों को सात-सात वर्ष की सजा अर्थदंड से दंडित किया है।