{"_id":"6a0f505340d73ce89e0f74de","slug":"mother-fought-with-leopard-for-15-minutes-to-save-her-sons-life-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-149829-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: बेटे के लिए 15 मिनट तेंदुए से लड़ी मां, बचाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: बेटे के लिए 15 मिनट तेंदुए से लड़ी मां, बचाई जान
विज्ञापन
बेटे को तेंदुए से बचाने में घायल हुई मां।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बिछिया। कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत बरखड़िया बीट के तेलियनपुरवा गांव में बृहस्पतिवार सुबह एक तेंदुआ दिनदहाड़े गांव में आ धमका। गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने सड़क किनारे बैठे एक मासूम बच्चे को दबोचकर ले जाने का प्रयास किया। बेटे को बचाने के लिए मां तेंदुए से भिड़ गई और करीब 15 मिनट तक संघर्ष करती रही। मां-बेटे को बचाने दौड़े दो ग्रामीण भी तेंदुए से संघर्ष में घायल हो गए। सभी को सीएचसी मिहींपुरवा पहुंचाकर भर्ती कराया गया है।
गांव निवासी मीना (32) सुबह अपने पांच वर्षीय बेटे मोहित के साथ गन्ने के खेत के पास सड़क किनारे बैठी खेत की निगरानी कर रही थीं। तभी अचानक खेत से निकले तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर उसे खींचकर ले जाने की कोशिश की। बेटे को तेंदुए के जबड़े में फंसा देख मीना तेंदुए से भिड़ गईं। उन्होंने बेटे को छुड़ाने का प्रयास करते हुए शोर मचा दिया। वह चीखते-चिल्लाते हुए करीब 15 मिनट तक तेंदुए से संघर्ष करती रहीं।
चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े। मां-बेटे को बचाने पहुंचे गांव निवासी उमेश (26) पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया। इससे उनके सिर और गर्दन पर गहरे घाव हो गए। वहीं महिला के हाथ, पैर और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। बच्चे मोहित व एक अन्य ग्रामीण को भी खरोंचें आई हैं।
विज्ञापन
घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर कतर्नियाघाट वनक्षेत्राधिकारी आशीष गौड़ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वन विभाग की तीन टीमों को गांव में निगरानी के लिए लगाया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और तेंदुए की तलाश की जा रही है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया है।
गांव निवासी मीना (32) सुबह अपने पांच वर्षीय बेटे मोहित के साथ गन्ने के खेत के पास सड़क किनारे बैठी खेत की निगरानी कर रही थीं। तभी अचानक खेत से निकले तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर उसे खींचकर ले जाने की कोशिश की। बेटे को तेंदुए के जबड़े में फंसा देख मीना तेंदुए से भिड़ गईं। उन्होंने बेटे को छुड़ाने का प्रयास करते हुए शोर मचा दिया। वह चीखते-चिल्लाते हुए करीब 15 मिनट तक तेंदुए से संघर्ष करती रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े। मां-बेटे को बचाने पहुंचे गांव निवासी उमेश (26) पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया। इससे उनके सिर और गर्दन पर गहरे घाव हो गए। वहीं महिला के हाथ, पैर और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। बच्चे मोहित व एक अन्य ग्रामीण को भी खरोंचें आई हैं।
Trending Videos
घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर कतर्नियाघाट वनक्षेत्राधिकारी आशीष गौड़ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वन विभाग की तीन टीमों को गांव में निगरानी के लिए लगाया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और तेंदुए की तलाश की जा रही है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया है।