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Bahraich News: गैंगस्टर एक्ट में दो दोषियों को पांच साल की कैद
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बहराइच। करीब 15 वर्ष पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में विशेष अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) सुनील प्रसाद की अदालत ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत कैसरगंज थाना क्षेत्र के गंडारा निवासी अजीज और लल्लू को दोषी करार दिया।
अभियोजन के अनुसार, तत्कालीन कैसरगंज थानाध्यक्ष कपिलमुनि सिंह ने तीन दिसंबर 2011 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि अजीज, लल्लू और अकील गिरोह बनाकर गोवंश चोरी कर उसकी हत्या कर मांस की बिक्री से आर्थिक लाभ कमाते थे। साथ ही मंदिरों और मस्जिदों से कीमती सामान चोरी कर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वाले अपराधों को अंजाम देते थे। पुलिस जांच के बाद 25 नवंबर 2013 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। 24 फरवरी 2016 को आरोप तय होने के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। दोनों दोषियों के विरुद्ध पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
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सुनवाई के दौरान तीसरे आरोपी अकील की मृत्यु हो जाने से उसके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गई। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अजीज और लल्लू को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) सुनील प्रसाद की अदालत ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत कैसरगंज थाना क्षेत्र के गंडारा निवासी अजीज और लल्लू को दोषी करार दिया।
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अभियोजन के अनुसार, तत्कालीन कैसरगंज थानाध्यक्ष कपिलमुनि सिंह ने तीन दिसंबर 2011 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि अजीज, लल्लू और अकील गिरोह बनाकर गोवंश चोरी कर उसकी हत्या कर मांस की बिक्री से आर्थिक लाभ कमाते थे। साथ ही मंदिरों और मस्जिदों से कीमती सामान चोरी कर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वाले अपराधों को अंजाम देते थे। पुलिस जांच के बाद 25 नवंबर 2013 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। 24 फरवरी 2016 को आरोप तय होने के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। दोनों दोषियों के विरुद्ध पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
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सुनवाई के दौरान तीसरे आरोपी अकील की मृत्यु हो जाने से उसके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गई। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अजीज और लल्लू को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।