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Bahraich News: तेंदुए पर लोटे से वारकर बचाई महिला की जान
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:18 AM IST
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दलजीपुरवा गांव के पास तेंदुए के हमले में घायल उपमादेवी को राहत सहायता देते रेंजर। -संवाद
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मिहींपुरवा। गांव की महिलाओं के साथ सोमवार सुबह नित्यक्रिया के लिए खेत की तरफ निकलीं उपमा पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने झपट्टा मार दिया। महिलाएं शोर मचाते हुए तेंदुए से भिड़ गईं। हाथ में लिए लाेटे से पांच मिनट तक तेंदुआ पर वार करते हुए महिलाओं ने संघर्ष किया। हमले में गंभीर रूप से घायल उपमा को सीएचसी में भर्ती कराया गया।
दलजीतपुरवा गांव निवासी उपमा देवी (50) रोज की तरह सोमवार सुबह करीब छह बजे गांव की सुमिरता और गुडि़या के साथ शौच के लिए लाही के खेत की ओर जा रही थीं। वह सबसे पीछे चल रही थीं, तभी पहले से छिपे तेंदुए ने अचानक उनके ऊपर झपट्टा मार दिया।
उपमा देवी की चीख सुनकर साथ चल रहीं महिलाएं पलटीं, तो सामने तेंदुए को देखकर चीख पड़ीं। इसके बाद खुद को संभालते हुए महिलाएं तेंदुए से भिड़ गईं। उनके पास जो भी था, उसी को हथियार बना लिया, पानी से भरे लोटों से तेंदुए पर ताबड़तोड़ प्रहार किया।
लगभग पांच मिनट तक तेंदुए और महिलाओं के बीच संघर्ष हुआ। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ देखकर तेंदुआ झाड़ियों में चला गया। हमले में उपमा के चेहरे, कंधे व पीठ पर गहरे जख्म हो गए हैं।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने घायल उपमा देवी को तत्काल निजी वाहन से सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार उपमा के शरीर पर गहरे जख्म हैं, हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
वन क्षेत्राधिकारी एसके तिवारी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने, समूह में बाहर निकलने और खेतों की ओर अकेले न जाने की अपील की है। साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल पांच हजार रुपये की अहेतुक सहायता प्रदान की गई।
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बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित
जहां पर महिलाओं ने तेंदुए से संघर्ष किया, वहां से 100 मीटर की दूरी पर प्राथमिक विद्यालय स्थित होने के कारण गांव के लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
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हाल ही में हुए तेंदुए के हमले
जिले में 23 मार्च 2026 को दलजीत पुरवा निवासी उपमा देवी घायल हुईं। 8 मार्च को निशानगाड़ा रेंज के भठ्ठा बरगदपुरवा की तुलसी पर हमला हुआ। 7 मार्च को कारीकोट गांव में एक बालक की तेंदुए के हमले में मौत हो गई। 25 दिसंबर 2025 को चनैनी गांव के नागेश और धीरज यादव घायल हुए। 28 नवंबर 2025 को फखरपुर के उमरी दहलों में शांति देवी की मौत हुई। 6 दिसंबर 2025 को खेत जाते समय अच्छेलाल व उनके पिता तेंदुए के हमले में घायल हुए, हालांकि दोनों सुरक्षित बच गए।
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दलजीतपुरवा गांव निवासी उपमा देवी (50) रोज की तरह सोमवार सुबह करीब छह बजे गांव की सुमिरता और गुडि़या के साथ शौच के लिए लाही के खेत की ओर जा रही थीं। वह सबसे पीछे चल रही थीं, तभी पहले से छिपे तेंदुए ने अचानक उनके ऊपर झपट्टा मार दिया।
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उपमा देवी की चीख सुनकर साथ चल रहीं महिलाएं पलटीं, तो सामने तेंदुए को देखकर चीख पड़ीं। इसके बाद खुद को संभालते हुए महिलाएं तेंदुए से भिड़ गईं। उनके पास जो भी था, उसी को हथियार बना लिया, पानी से भरे लोटों से तेंदुए पर ताबड़तोड़ प्रहार किया।
लगभग पांच मिनट तक तेंदुए और महिलाओं के बीच संघर्ष हुआ। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ देखकर तेंदुआ झाड़ियों में चला गया। हमले में उपमा के चेहरे, कंधे व पीठ पर गहरे जख्म हो गए हैं।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने घायल उपमा देवी को तत्काल निजी वाहन से सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार उपमा के शरीर पर गहरे जख्म हैं, हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
वन क्षेत्राधिकारी एसके तिवारी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने, समूह में बाहर निकलने और खेतों की ओर अकेले न जाने की अपील की है। साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल पांच हजार रुपये की अहेतुक सहायता प्रदान की गई।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित
जहां पर महिलाओं ने तेंदुए से संघर्ष किया, वहां से 100 मीटर की दूरी पर प्राथमिक विद्यालय स्थित होने के कारण गांव के लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
हाल ही में हुए तेंदुए के हमले
जिले में 23 मार्च 2026 को दलजीत पुरवा निवासी उपमा देवी घायल हुईं। 8 मार्च को निशानगाड़ा रेंज के भठ्ठा बरगदपुरवा की तुलसी पर हमला हुआ। 7 मार्च को कारीकोट गांव में एक बालक की तेंदुए के हमले में मौत हो गई। 25 दिसंबर 2025 को चनैनी गांव के नागेश और धीरज यादव घायल हुए। 28 नवंबर 2025 को फखरपुर के उमरी दहलों में शांति देवी की मौत हुई। 6 दिसंबर 2025 को खेत जाते समय अच्छेलाल व उनके पिता तेंदुए के हमले में घायल हुए, हालांकि दोनों सुरक्षित बच गए।