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Bahraich News: शारदीय नवरात्र में गृह प्रवेश का वादा कर गए योगी
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 26 Mar 2026 12:43 AM IST
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मिहींपुरवा के सेमरहना में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों के साथ मौजूद मुख्यमंत्री
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मिहींपुरवा। योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सेमरहना में भरथापुर के विस्थापन को नई गति देते हुए शारदीय नवरात्र में गृह प्रवेश कराने का वादा किया है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अगले नवरात्र तक 136 परिवारों के नए घर तैयार होंगे और वे स्वयं आकर गृह प्रवेश कराएंगे।
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर बुधवार सुबह करीब 11:20 बजे अस्थायी हेलीपैड पर उतरा। इसके बाद वे सीधे सभा स्थल पहुंचे, जहां जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने प्रस्तावित कॉलोनी का नक्शा और विकास कार्यों की जानकारी दी। मंच पर पहुंचते ही जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 118 विस्थापित परिवारों के खातों में वन विभाग की ओर से 21.55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की और नई कॉलोनी का नाम भरतपुर रखने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि यहां बसने वाले 136 परिवारों को आवास, शौचालय, सड़क, बिजली, पेयजल, पार्क और अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सीएम ने गृह प्रवेश की बात कहकर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि निर्माण कार्य हर हाल में समय से पूरा कर लिया जाए। उन्होंने इशारों में कहा कि अगले नवरात्र पर वे फिर यहां आएंगे और परिवारों के साथ गृह प्रवेश करेंगे। उनके इस बयान से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई।
करीब 38 मिनट के संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब विकास जाति या भेदभाव के आधार पर नहीं, बल्कि सभी वर्गों को साथ लेकर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 54 वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जा चुका है, जबकि मिहींपुरवा क्षेत्र के छह वन ग्रामों को भी राजस्व ग्राम घोषित किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 10 लाभार्थियों को स्वीकृतिपत्र भी वितरित किए। करीब एक घंटा 40 मिनट तक कार्यक्रम स्थल पर रहे। करीब डेढ़ घंटे के दौरे में मुख्यमंत्री ने योजनाओं की शुरुआत के साथ लोगों से सीधा संवाद कर कार्यक्रम को खास बनाया।
इस दौरे में प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, विधायक पद्मसेन चौधरी, डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, विधायक सुभाष त्रिपाठी, रामनिवास वर्मा, सरोज सोनकर, सुरेश्वर सिंह, अनुपमा जायसवाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय, पूर्व मंत्री मुकुट बिहारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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होंगे ये विकास कार्य
- सीसीरोड, इंटरलॉकिंग और पार्क पर खर्च - 3.88 करोड़
- बिजली व्यवस्था पर खर्च - 57 लाख
- आंगनबाड़ी भवन निर्माण पर खर्च - 12 लाख
- प्राथमिक विद्यालय अतिरिक्त कक्ष निर्माण पर खर्च - 11.51 लाख
- अन्नपूर्णा भवन निर्माण पर व्यय - 12 लाख
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छह वन ग्रामों के भी बहुरेंगे दिन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के कतर्नियाघाट जंगल में स्थित वन ग्राम टेड़िया, ढकिया, गोकुलपुर, बिछिया, भवानीपुर और महबूबनगर को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया है। इन गांवों की भी मूलभूत आवश्यकताओं को दुरुस्त किया जाएगा। कोई भी ग्रामीण सुविधा से वंचित नहीं रहेगा।
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29 अक्तूबर की घटना को याद कर फफक पड़ीं महिलाएं
पंडाल में एक ओर मुख्यमंत्री से मिलने की खुशी थी और नया घर मिलने का उत्साह, वहीं जब मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि 29 अक्तूबर की घटना को याद कीजिए, तो पंडाल में बैठीं भरथापुर की महिलाओं की आंखों से आंसू छलक आए। मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाणपत्र और उपहार पाने वाली संगीता, आरती, निर्मला व किशोरी की आंखें डबडबा गईं। जनक दुलारी तो फफक पड़ीं, पास बैठे परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला।
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सीएम दौरे की मिनट-टू-मिनट कहानी
11:20 बजे – सेमरहना के चयनित पुनर्वास स्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर उतरा।
11:22 बजे – अधिकारियों से प्रस्तावित कॉलोनी का नक्शा व मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली।
11:30 बजे – भरथापुर के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि का हस्तांतरण, 10 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक लाभ वितरण।
11:45 बजे – प्रभारी मंत्री व स्थानीय विधायक का संबोधन सुना।
11:48–12:25 बजे – मुख्यमंत्री का संबोधन, पुनर्वास और विकास पर जोर।
12:30 बजे – मंच से उतरकर करीब 15 मिनट तक लोगों से संवाद, बच्चों को गोद में लेकर दुलारा।
12:50 बजे – हेलीकॉप्टर से अगले गंतव्य के लिए रवाना।
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...इसलिए कॉलोनी का नाम रखा भरतपुर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्र में भगवान राम का जन्म हुआ था। भगवान राम का अपने भाई भरत से जितना स्नेह था, वही स्नेह रामनवमी के अवसर पर बस रहे भरतपुर और सेमरहना गांव के बीच रहे, यही कामना है। इसलिए इस कॉलोनी का नाम भरतपुर रखा जाए।
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विस्थापित मुन्नालाल ने जताया आभार
भरथापुर निवासी मुन्नालाल मौर्य ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि गांव तीन ओर से नदियों से घिरा हुआ है। किसी तरह की सुविधा नहीं है। नाव ही सहारा है। शौचालय, विद्यालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग परेशान हैं। जमीन नदी में कट चुकी है। रोजगार नहीं है। उन्होंने कहा कि 29 अक्तूबर को हुए नाव हादसे के बाद सीएम ने तुरंत संज्ञान लेकर पीड़ा हर ली है। आज सीएम के निर्देश पर समस्या का समाधान हो रहा है। गांव बसाया जा रहा है। हम सब लोग बहुत खुश हैं।
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महिलाओं के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, जाना हालचाल
मुख्यमंत्री ने मंच से उतरकर महिलाओं के बीच पहुंचकर उनका कुशलक्षेम पूछा और समस्याएं जानीं। साथ में फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान महिलाओं ने भी खुलकर अपनी बातें रखीं, जिस पर मुख्यमंत्री ने समाधान का भरोसा दिलाया।
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जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय ने किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय ने मुख्यमंत्री को श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सम्मान स्वीकार करते हुए आयोजकों का आभार जताया।
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मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर बुधवार सुबह करीब 11:20 बजे अस्थायी हेलीपैड पर उतरा। इसके बाद वे सीधे सभा स्थल पहुंचे, जहां जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने प्रस्तावित कॉलोनी का नक्शा और विकास कार्यों की जानकारी दी। मंच पर पहुंचते ही जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
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अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 118 विस्थापित परिवारों के खातों में वन विभाग की ओर से 21.55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की और नई कॉलोनी का नाम भरतपुर रखने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि यहां बसने वाले 136 परिवारों को आवास, शौचालय, सड़क, बिजली, पेयजल, पार्क और अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सीएम ने गृह प्रवेश की बात कहकर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि निर्माण कार्य हर हाल में समय से पूरा कर लिया जाए। उन्होंने इशारों में कहा कि अगले नवरात्र पर वे फिर यहां आएंगे और परिवारों के साथ गृह प्रवेश करेंगे। उनके इस बयान से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई।
करीब 38 मिनट के संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब विकास जाति या भेदभाव के आधार पर नहीं, बल्कि सभी वर्गों को साथ लेकर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 54 वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जा चुका है, जबकि मिहींपुरवा क्षेत्र के छह वन ग्रामों को भी राजस्व ग्राम घोषित किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 10 लाभार्थियों को स्वीकृतिपत्र भी वितरित किए। करीब एक घंटा 40 मिनट तक कार्यक्रम स्थल पर रहे। करीब डेढ़ घंटे के दौरे में मुख्यमंत्री ने योजनाओं की शुरुआत के साथ लोगों से सीधा संवाद कर कार्यक्रम को खास बनाया।
इस दौरे में प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, विधायक पद्मसेन चौधरी, डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, विधायक सुभाष त्रिपाठी, रामनिवास वर्मा, सरोज सोनकर, सुरेश्वर सिंह, अनुपमा जायसवाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय, पूर्व मंत्री मुकुट बिहारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
होंगे ये विकास कार्य
- सीसीरोड, इंटरलॉकिंग और पार्क पर खर्च - 3.88 करोड़
- बिजली व्यवस्था पर खर्च - 57 लाख
- आंगनबाड़ी भवन निर्माण पर खर्च - 12 लाख
- प्राथमिक विद्यालय अतिरिक्त कक्ष निर्माण पर खर्च - 11.51 लाख
- अन्नपूर्णा भवन निर्माण पर व्यय - 12 लाख
छह वन ग्रामों के भी बहुरेंगे दिन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के कतर्नियाघाट जंगल में स्थित वन ग्राम टेड़िया, ढकिया, गोकुलपुर, बिछिया, भवानीपुर और महबूबनगर को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया है। इन गांवों की भी मूलभूत आवश्यकताओं को दुरुस्त किया जाएगा। कोई भी ग्रामीण सुविधा से वंचित नहीं रहेगा।
29 अक्तूबर की घटना को याद कर फफक पड़ीं महिलाएं
पंडाल में एक ओर मुख्यमंत्री से मिलने की खुशी थी और नया घर मिलने का उत्साह, वहीं जब मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि 29 अक्तूबर की घटना को याद कीजिए, तो पंडाल में बैठीं भरथापुर की महिलाओं की आंखों से आंसू छलक आए। मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाणपत्र और उपहार पाने वाली संगीता, आरती, निर्मला व किशोरी की आंखें डबडबा गईं। जनक दुलारी तो फफक पड़ीं, पास बैठे परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला।
सीएम दौरे की मिनट-टू-मिनट कहानी
11:20 बजे – सेमरहना के चयनित पुनर्वास स्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर उतरा।
11:22 बजे – अधिकारियों से प्रस्तावित कॉलोनी का नक्शा व मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली।
11:30 बजे – भरथापुर के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि का हस्तांतरण, 10 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक लाभ वितरण।
11:45 बजे – प्रभारी मंत्री व स्थानीय विधायक का संबोधन सुना।
11:48–12:25 बजे – मुख्यमंत्री का संबोधन, पुनर्वास और विकास पर जोर।
12:30 बजे – मंच से उतरकर करीब 15 मिनट तक लोगों से संवाद, बच्चों को गोद में लेकर दुलारा।
12:50 बजे – हेलीकॉप्टर से अगले गंतव्य के लिए रवाना।
...इसलिए कॉलोनी का नाम रखा भरतपुर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्र में भगवान राम का जन्म हुआ था। भगवान राम का अपने भाई भरत से जितना स्नेह था, वही स्नेह रामनवमी के अवसर पर बस रहे भरतपुर और सेमरहना गांव के बीच रहे, यही कामना है। इसलिए इस कॉलोनी का नाम भरतपुर रखा जाए।
विस्थापित मुन्नालाल ने जताया आभार
भरथापुर निवासी मुन्नालाल मौर्य ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि गांव तीन ओर से नदियों से घिरा हुआ है। किसी तरह की सुविधा नहीं है। नाव ही सहारा है। शौचालय, विद्यालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग परेशान हैं। जमीन नदी में कट चुकी है। रोजगार नहीं है। उन्होंने कहा कि 29 अक्तूबर को हुए नाव हादसे के बाद सीएम ने तुरंत संज्ञान लेकर पीड़ा हर ली है। आज सीएम के निर्देश पर समस्या का समाधान हो रहा है। गांव बसाया जा रहा है। हम सब लोग बहुत खुश हैं।
महिलाओं के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, जाना हालचाल
मुख्यमंत्री ने मंच से उतरकर महिलाओं के बीच पहुंचकर उनका कुशलक्षेम पूछा और समस्याएं जानीं। साथ में फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान महिलाओं ने भी खुलकर अपनी बातें रखीं, जिस पर मुख्यमंत्री ने समाधान का भरोसा दिलाया।
जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय ने किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय ने मुख्यमंत्री को श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सम्मान स्वीकार करते हुए आयोजकों का आभार जताया।