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Ballia News: 2 दिन पहले डीएम के दिए निर्देश पानी में... 25 लोगों को एक नाव पर बैठाया
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मुंडन संस्कार के दौरान क्षमता से अधिक लोगों बैठाते नाविक।संवाद
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बलिया/नरही। लगन और मुंडन संस्कार के चलते बुधवार को गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रशासन के निर्देश के बावजूद नाविकों ने मनमानी की।
दो दिन पहले डीएम ने मुंडन के दाैरान नाविकाें को अतिरिक्त सवारी नहीं बैठाने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। एक-एक नाव पर क्षमता 10 से 15 की जगह 20-25 लोगों को बैठाया गया।
आपात स्थिति से निपटने के लिए नावों पर न तो लाइफ जैकेट थी और न ही सुरक्षा के अन्य उपकरण। चैनछपरा निवासी मुन्ना साहनी ने बताया कि प्रशासन की ओर से ओवरलोडिंग नहीं करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन नाविकों ने मनमानी की। सरंया उजियार घाट पर मुंडन संस्कार के लिए आए श्रद्धालुओं ने नाविकों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए।
लोगों ने कहा कि घाटों पर न तो कोई किराया सूची अंकित है और न ही प्रशासन का कोई नियंत्रण दिखा। हनुमानगंज निवासी शिवजी राजभर ने बताया कि ओहार के लिए 1200 रुपया ले लिए गए। पूजा के नाम पर 250 लिया गया। गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के महेंद गांव निवासी दादेश्वर पासवान ने बताया कि ओहार के लिए 3200 लिए गए। कोई लाइफ जैकेट नहीं थी। नाव पर 20 से ज्यादा लोग सवार थे। चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के मानपुर गांव निवासी अखिलेश राजभर ने बताया कि ओहार का नाव भाड़ा 1600 और पूजा का 551 रुपया लिया गया। हैबतपुर गांव निवासी ढ़ेला पासवान ने बताया कि नाव का 1500 रुपया लिया गया। नाव पर 12 लोग सवार थे। गंगा नदी में ओहार में चलने वाली नावों पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया गया। कोई लाइफ जैकेट नहीं थी। नाव पर क्षमता भी अंकित नहीं था। किराया भी तय नहीं है। मनमानी वसूली की जा रही है।
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दो दिन पहले डीएम ने मुंडन के दाैरान नाविकाें को अतिरिक्त सवारी नहीं बैठाने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। एक-एक नाव पर क्षमता 10 से 15 की जगह 20-25 लोगों को बैठाया गया।
आपात स्थिति से निपटने के लिए नावों पर न तो लाइफ जैकेट थी और न ही सुरक्षा के अन्य उपकरण। चैनछपरा निवासी मुन्ना साहनी ने बताया कि प्रशासन की ओर से ओवरलोडिंग नहीं करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन नाविकों ने मनमानी की। सरंया उजियार घाट पर मुंडन संस्कार के लिए आए श्रद्धालुओं ने नाविकों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए।
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लोगों ने कहा कि घाटों पर न तो कोई किराया सूची अंकित है और न ही प्रशासन का कोई नियंत्रण दिखा। हनुमानगंज निवासी शिवजी राजभर ने बताया कि ओहार के लिए 1200 रुपया ले लिए गए। पूजा के नाम पर 250 लिया गया। गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के महेंद गांव निवासी दादेश्वर पासवान ने बताया कि ओहार के लिए 3200 लिए गए। कोई लाइफ जैकेट नहीं थी। नाव पर 20 से ज्यादा लोग सवार थे। चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के मानपुर गांव निवासी अखिलेश राजभर ने बताया कि ओहार का नाव भाड़ा 1600 और पूजा का 551 रुपया लिया गया। हैबतपुर गांव निवासी ढ़ेला पासवान ने बताया कि नाव का 1500 रुपया लिया गया। नाव पर 12 लोग सवार थे। गंगा नदी में ओहार में चलने वाली नावों पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया गया। कोई लाइफ जैकेट नहीं थी। नाव पर क्षमता भी अंकित नहीं था। किराया भी तय नहीं है। मनमानी वसूली की जा रही है।
