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Ballia News: मोर्टार बम को डिफ्यूज करने के लिए बाराबंकी से मंगाए निष्क्रिय यंत्र
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बलिया/मनियर। थाना क्षेत्र के गंगापुरा गांव में मिले मोर्टार बम की जांच के लिए देर रात आजमगढ़ से बम निरोधक दस्ता पहुंचा। बम को डिफ्यूज करने के लिए बाराबंकी से विशेष निष्क्रिय यंत्र (डिमोलेशन सेट) मंगाया गया है। पुलिस ने बम पाने वाले किशोरों व ग्रामीणों से भी पूछताछ की।
प्लाटून कमांडर प्रमोद यादव के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम ने मोर्टार बम की जांच पड़ताल करने के बाद कब्जे में लेकर सुरक्षा में रखवाया है। टीम ने मनियर थाने में कैंप किया हुआ है। बीडीडीएस टीम ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह सेना का पैराशूट इल्यूमिनेटिंग मोर्टार लग रहा है, जिसका उपयोग युद्ध क्षेत्र में रात के वक्त 30 सेकंड तक उजाला करने के लिए किया जाता है। खुफिया विभाग की टीम नजर रखे हुई है। सोशल मीडिया की भी निगरानी चल रही है।
मनियर कस्बा निवासी राकेश गुप्ता गंगापुर गांव स्थित पुराने ईंट भट्ठे के पास की जमीन की चहारदीवारी करवाने के लिए हो रही खोदाई के दौरान मोर्टार बम मिला था। ग्रामीणों के अनुसार लड़कों ने लोहे का सामान जान कर साथियों के साथ उसे बेचने के लिए किसी दुकान पर गए थ। लड़कों ने मोर्टार को तोड़ने का प्रयास किया, जिसे गांव के किसी व्यक्ति ने देखा । इसके बाद पुलिस को सूचना दी। इसके बाद लड़के मोर्टार को उसी स्थान पर रख कर भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उक्त जगह की घेराबंदी कर दी है। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने जांच की। इसके बाद आजमगढ़ बीडीडीएस टीम बस से देर रात गंगापुर पहुंची।
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लड़ाकू विमानों की आवाजाही से गिरे होने की जताई आशंका
मनियर निवासी राणा सिंह ने बताया कि यहां से गोरखपुर बेस नजदीक होेने के कारण अक्सर लड़ाकू विमानों की आवाजाही होती है। किसी लड़ाकू विमान से मोर्टार गिरा होगा। लंबे समय से उक्त जगह पर पानी भरा था। पानी में होेने के कारण किसी की नजर नहीं पड़ी थी। राजेश सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष पाकिस्तान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कुछ लड़ाकू विमानों की आवाजाही हुई थी, हो सकता है कि उसी दौरान गिरा होगा।
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मोर्टार पर बने लोगों को देख फैली थी अफवाह
मिले मोर्टार बम पर चांद-सितारा बना होने के कारण पाकिस्तान का बम होने की अफवाह फैल गई थी। बलिया की सीमा नेपाल के अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 150 से 200 सौ किमी दूर है।
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आजमगढ़ की बीडीडीएस टीम मनियर थाना में कैंप की हुई है। मोर्टार बम जांच के लिए लाया है। बाराबंकी से बम को डिफ्यूज करने के लिए निष्क्रिय यंत्र मंगाया गया है। बम कहां से आया, इसकी भी जांच की जा रही है।-- दिनेश शुक्ल, एएसपी उत्तरी।
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प्लाटून कमांडर प्रमोद यादव के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम ने मोर्टार बम की जांच पड़ताल करने के बाद कब्जे में लेकर सुरक्षा में रखवाया है। टीम ने मनियर थाने में कैंप किया हुआ है। बीडीडीएस टीम ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह सेना का पैराशूट इल्यूमिनेटिंग मोर्टार लग रहा है, जिसका उपयोग युद्ध क्षेत्र में रात के वक्त 30 सेकंड तक उजाला करने के लिए किया जाता है। खुफिया विभाग की टीम नजर रखे हुई है। सोशल मीडिया की भी निगरानी चल रही है।
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मनियर कस्बा निवासी राकेश गुप्ता गंगापुर गांव स्थित पुराने ईंट भट्ठे के पास की जमीन की चहारदीवारी करवाने के लिए हो रही खोदाई के दौरान मोर्टार बम मिला था। ग्रामीणों के अनुसार लड़कों ने लोहे का सामान जान कर साथियों के साथ उसे बेचने के लिए किसी दुकान पर गए थ। लड़कों ने मोर्टार को तोड़ने का प्रयास किया, जिसे गांव के किसी व्यक्ति ने देखा । इसके बाद पुलिस को सूचना दी। इसके बाद लड़के मोर्टार को उसी स्थान पर रख कर भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उक्त जगह की घेराबंदी कर दी है। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने जांच की। इसके बाद आजमगढ़ बीडीडीएस टीम बस से देर रात गंगापुर पहुंची।
लड़ाकू विमानों की आवाजाही से गिरे होने की जताई आशंका
मनियर निवासी राणा सिंह ने बताया कि यहां से गोरखपुर बेस नजदीक होेने के कारण अक्सर लड़ाकू विमानों की आवाजाही होती है। किसी लड़ाकू विमान से मोर्टार गिरा होगा। लंबे समय से उक्त जगह पर पानी भरा था। पानी में होेने के कारण किसी की नजर नहीं पड़ी थी। राजेश सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष पाकिस्तान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कुछ लड़ाकू विमानों की आवाजाही हुई थी, हो सकता है कि उसी दौरान गिरा होगा।
मोर्टार पर बने लोगों को देख फैली थी अफवाह
मिले मोर्टार बम पर चांद-सितारा बना होने के कारण पाकिस्तान का बम होने की अफवाह फैल गई थी। बलिया की सीमा नेपाल के अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 150 से 200 सौ किमी दूर है।
आजमगढ़ की बीडीडीएस टीम मनियर थाना में कैंप की हुई है। मोर्टार बम जांच के लिए लाया है। बाराबंकी से बम को डिफ्यूज करने के लिए निष्क्रिय यंत्र मंगाया गया है। बम कहां से आया, इसकी भी जांच की जा रही है।

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