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Ballia News: विभागीय कर्मी नदारद, न्यायालय में घुसे प्राइवेट कर्मी, वकीलों का हंगामा
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बैरिया तहसील में प्राइवेट व्यक्ति द्वारा फाइलों के रख-रखाव से आक्रोशित अधिवक्ता।संवाद
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बैरिया। तहसील स्थित उप जिलाधिकारी सहित सभी न्यायालय में बुधवार को विभागीय कर्मचारी नहीं रहने और कार्यालय में प्राइवेट कर्मियों के घुसकर फाइलों को इधर से उधर करने के ममले में अधिवक्ताओं ने हंगामा किया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि बुधवार दोपहर लगभग एक बजे उप जिला मजिस्ट्रेट का न्यायालय खुला था। वहां न तो पेशकार थे और न अहलमद। दो प्राइवेट कर्मी भीतर घुस गए। कुछ फाइलें और कागजात इधर-उधर कर रहे थे। वहां अधिवक्ता रामप्रकाश सिंह, शत्रुघ्न सिंह, विनय कुमार पांडेय, ओमकार पांडेय सहित कई लोग पहुंचे।
पूछने लगे की कोई सरकारी कर्मी नहीं है तो आप लोग क्या कर रहे हैं। प्राइवेट कर्मियों के पास कोई जवाब नहीं था। वह न्यायालय से बाहर निकल आए और गेट बंद कर दिया।
इसके बाद अधिवक्ता आपत्ति जताते हुए तहसीलदार न्यायालय गए। वहां भी कोई भी उपस्थित नहीं था। न्यायालय खुला हुआ था। इसपर अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर फाइलें या कोई सामान चोरी होता है तो कौन जिम्मेदार होगा। नायब तहसीलदार न्यायालय में भी एक प्राइवेट व्यक्ति बैठकर फाइल एकत्र कर रहा था। वहां भी अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में तैनात पेशकार अर्पित गुप्त पहुंच गए। कहा कि माल कार्यालय के कार्य को देख रहा था।
नायब तहसीलदार कार्यालय के पेशकार अजीत यादव अधिवक्ताओं के हंगामे को देखकर आए और बताया कि न्यायालय के कार्य से चकबंदी कार्यालय में गए थे। अधिवक्ता देवेंद्र मिश्रा, रुद्रदेव कुंवर, अजय सिंह ने बताया की तहसील की व्यवस्था अराजक हो गई है। 2023 से यहां व्यवस्था में गड़बड़ी चली आ रही है। कोई भी इसे सुधारना नहीं चाह रहा है।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि बुधवार दोपहर लगभग एक बजे उप जिला मजिस्ट्रेट का न्यायालय खुला था। वहां न तो पेशकार थे और न अहलमद। दो प्राइवेट कर्मी भीतर घुस गए। कुछ फाइलें और कागजात इधर-उधर कर रहे थे। वहां अधिवक्ता रामप्रकाश सिंह, शत्रुघ्न सिंह, विनय कुमार पांडेय, ओमकार पांडेय सहित कई लोग पहुंचे।
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पूछने लगे की कोई सरकारी कर्मी नहीं है तो आप लोग क्या कर रहे हैं। प्राइवेट कर्मियों के पास कोई जवाब नहीं था। वह न्यायालय से बाहर निकल आए और गेट बंद कर दिया।
इसके बाद अधिवक्ता आपत्ति जताते हुए तहसीलदार न्यायालय गए। वहां भी कोई भी उपस्थित नहीं था। न्यायालय खुला हुआ था। इसपर अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर फाइलें या कोई सामान चोरी होता है तो कौन जिम्मेदार होगा। नायब तहसीलदार न्यायालय में भी एक प्राइवेट व्यक्ति बैठकर फाइल एकत्र कर रहा था। वहां भी अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में तैनात पेशकार अर्पित गुप्त पहुंच गए। कहा कि माल कार्यालय के कार्य को देख रहा था।
नायब तहसीलदार कार्यालय के पेशकार अजीत यादव अधिवक्ताओं के हंगामे को देखकर आए और बताया कि न्यायालय के कार्य से चकबंदी कार्यालय में गए थे। अधिवक्ता देवेंद्र मिश्रा, रुद्रदेव कुंवर, अजय सिंह ने बताया की तहसील की व्यवस्था अराजक हो गई है। 2023 से यहां व्यवस्था में गड़बड़ी चली आ रही है। कोई भी इसे सुधारना नहीं चाह रहा है।