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Ballia News: आंधी-बारिश से दुबहर क्षेत्र में 24 घंटे बाद भी 20 गांवों की बिजली गुल रही
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आंधी बारिश के चलते दुबहर क्षेत्र के सवरुबांध गांव में गिरा पेड़। संवाद
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दुबहर। इलाके में बुधवार की शाम आंधी और बारिश से कई विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़ गए। बिजली के पोल और तार टूटकर गिर गए। इस प्राकृतिक आपदा में क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। हालत यह है कि बृहस्पतिवार की देर शाम को भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। 20 गांवों की लगभग 25 हजार आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए हैं।
ग्राम सभा नगवां (पूरब टोला) में संतोष साहू की दुकान के पीछे स्थित लगभग 80 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ धराशाई होकर सड़क पर गिर गया। इसकी चपेट में आने से श्याम बिहारी चौबे की पक्की दीवार ढह गई।
वहीं, गायक वीर बहादुर यादव का टीन शेड बगल पेड़ की चपेट में आने से पूरी तरह नष्ट हो गया। हादसे के समय शेड में दो गायें और एक बछिया दब गई थीं, जिन्हें ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। बब्बन विद्यार्थी के मकान का छज्जा और टीन शेड भी पेड़ की डालियां गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया।
तूफान का सबसे भयावह असर बिजली विभाग पर सबसे अधिक पड़ा है। जनाड़ी, सवरूबाधं, उदयपुर, अखार और बैजनाथ छपरा जैसे गांवों में तबाही के निशान साफ देखे जा सकते हैं। अखार में ट्रांसफार्मर सहित बिजली का पोल उखड़ गया। 33 हजार, 11 हजार और एलटी लाइन के दर्जनों पोल टूट गए। जिससे 20 गांवों की बिजली पूरी तरह गुल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए रात में ही जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि पिंटू जावेद और बिजली विभाग के जेई मोहम्मद अख्तर ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। बृहस्पतिवार सुबह से ही विद्युत कर्मी गिरे हुए पेड़ों को हटाने और नए खंभे लगाने के काम में जुट गए हैं। इसके बाद भी सप्लाई बहाल नहीं हो सकी।
एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में बिजली विभाग को काफी क्षति हुई है। जगह-जगह पोल और ट्रांसफार्मर गिर गए हैं। तारों पर पेड़ गिरने से व्यवस्था चरमरा गई है। आपूर्ति पूरी तरह बहाल करने में 1 से 2 दिन का समय लग सकता है।
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ग्राम सभा नगवां (पूरब टोला) में संतोष साहू की दुकान के पीछे स्थित लगभग 80 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ धराशाई होकर सड़क पर गिर गया। इसकी चपेट में आने से श्याम बिहारी चौबे की पक्की दीवार ढह गई।
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वहीं, गायक वीर बहादुर यादव का टीन शेड बगल पेड़ की चपेट में आने से पूरी तरह नष्ट हो गया। हादसे के समय शेड में दो गायें और एक बछिया दब गई थीं, जिन्हें ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। बब्बन विद्यार्थी के मकान का छज्जा और टीन शेड भी पेड़ की डालियां गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया।
तूफान का सबसे भयावह असर बिजली विभाग पर सबसे अधिक पड़ा है। जनाड़ी, सवरूबाधं, उदयपुर, अखार और बैजनाथ छपरा जैसे गांवों में तबाही के निशान साफ देखे जा सकते हैं। अखार में ट्रांसफार्मर सहित बिजली का पोल उखड़ गया। 33 हजार, 11 हजार और एलटी लाइन के दर्जनों पोल टूट गए। जिससे 20 गांवों की बिजली पूरी तरह गुल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए रात में ही जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि पिंटू जावेद और बिजली विभाग के जेई मोहम्मद अख्तर ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। बृहस्पतिवार सुबह से ही विद्युत कर्मी गिरे हुए पेड़ों को हटाने और नए खंभे लगाने के काम में जुट गए हैं। इसके बाद भी सप्लाई बहाल नहीं हो सकी।
एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में बिजली विभाग को काफी क्षति हुई है। जगह-जगह पोल और ट्रांसफार्मर गिर गए हैं। तारों पर पेड़ गिरने से व्यवस्था चरमरा गई है। आपूर्ति पूरी तरह बहाल करने में 1 से 2 दिन का समय लग सकता है।

आंधी बारिश के चलते दुबहर क्षेत्र के सवरुबांध गांव में गिरा पेड़। संवाद