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Ballia News: डॉक्टर रहती तो बच सकती थी नेहा की जान , 3 घंटे तक 4 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला
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जिला महिला अस्पताल में हुई महिला की मौत के मामले की जांच करने पहुंची टीम के सदस्य।संवाद
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बलिया। जिला महिला अस्पताल में 28 फरवरी को भर्ती प्रसूता नेहा गोंड की मौत हो गई थी। इस मामले में भाई विशाल गोंड की शिकायत पर डीएम ने जांच टीम गठित की । रविवार को जांच टीम में शामिल एडीएम अनिल कुमार, प्रभारी सीएमओ डॉक्टर आनंद कुमार महिला अस्पताल पहुंचे और जांच पड़ताल की।
करीब तीन घंटे से अधिक समय तक जांच चली। इस दौरान टीम ने प्रसव कक्ष में डयूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों का बयान दर्ज किया। प्रसूता के भाई की शिकायत पर सीएमएस कक्ष में एलसीडी टीवी पर चार सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग मिनट टू मिनट देखी। मिले साक्ष्य को रिपोर्ट में शामिल किया। इस दौरान शिकायतकर्ता व उसके परिजन भी मौजूद रहे। महिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉक्टर राकेश चंद्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मनियर थाना के पिलुई गांव निवासी विशाल गोंड ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि प्रसव के लिए बहन नेहा गोंड को महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी इलाज के अभाव में मौत हो गई। उपचार में लापरवाही तथा ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर अभद्र भाषा व दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया। उसने कहा कि महिला डाॅक्टर भी नहीं पहंुची। पीड़ित भाई ने आरोप लगाया कि डाॅक्टर के मौजूद नहीं रहने के कारण मरीज को समय से इलाज नहीं मिला। इससे बहन व पैदा होने वाले मासूम की गर्भ में मौत हो गई।
उसने बताया कि जांच के दाैरान प्रथम दृष्टया कर्मचारियों की लापरवाही और चिकित्सक का डयूटी पर न रहना पाया गया। जांच टीम ने सभी तथ्यों की जांच पड़ताल की है। पीड़ित भाई ने कहा कि लापरवाह चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इस दौरान एडीएम अनिल कुमार ने कहा कि गर्भवती की मौत मामले में जांच के लिए आए थे। उस दिन डयूटी पर मौजूद सभी स्टाफ का बयान दर्ज किया गया है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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करीब तीन घंटे से अधिक समय तक जांच चली। इस दौरान टीम ने प्रसव कक्ष में डयूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों का बयान दर्ज किया। प्रसूता के भाई की शिकायत पर सीएमएस कक्ष में एलसीडी टीवी पर चार सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग मिनट टू मिनट देखी। मिले साक्ष्य को रिपोर्ट में शामिल किया। इस दौरान शिकायतकर्ता व उसके परिजन भी मौजूद रहे। महिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉक्टर राकेश चंद्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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मनियर थाना के पिलुई गांव निवासी विशाल गोंड ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि प्रसव के लिए बहन नेहा गोंड को महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी इलाज के अभाव में मौत हो गई। उपचार में लापरवाही तथा ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर अभद्र भाषा व दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया। उसने कहा कि महिला डाॅक्टर भी नहीं पहंुची। पीड़ित भाई ने आरोप लगाया कि डाॅक्टर के मौजूद नहीं रहने के कारण मरीज को समय से इलाज नहीं मिला। इससे बहन व पैदा होने वाले मासूम की गर्भ में मौत हो गई।
उसने बताया कि जांच के दाैरान प्रथम दृष्टया कर्मचारियों की लापरवाही और चिकित्सक का डयूटी पर न रहना पाया गया। जांच टीम ने सभी तथ्यों की जांच पड़ताल की है। पीड़ित भाई ने कहा कि लापरवाह चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इस दौरान एडीएम अनिल कुमार ने कहा कि गर्भवती की मौत मामले में जांच के लिए आए थे। उस दिन डयूटी पर मौजूद सभी स्टाफ का बयान दर्ज किया गया है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
