{"_id":"69b6ef6c8fe250605b02ac5e","slug":"roads-remained-unbuilt-because-approval-was-granted-on-the-very-last-day-of-march-last-year-ballia-news-c-190-1-bal1001-159633-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: पिछले वर्ष मार्च के अंतिम दिन स्वीकृत होने से नहीं बनीं सड़कें, मार्च में फिर मिली स्वीकृति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: पिछले वर्ष मार्च के अंतिम दिन स्वीकृत होने से नहीं बनीं सड़कें, मार्च में फिर मिली स्वीकृति
विज्ञापन
बांसडीह-बैरिया मार्ग से करमानपुर गांव तक जाने वाली सड़क।संवाद
विज्ञापन
बलिया। जनपद में पिछले साल मार्च के आखिरी दिन जिले को दो ओडीआर (अन्य जिला मार्ग) मार्गों के चौड़ीकरण के लिए 16.86 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति दी गई थी। मार्च का अंतिम दिन होने कारण न को निर्धारित समय तक ट्रेजरी में न धन आया और न निकासी हो सकी। जिससे परियोजनाएं निरस्त हो गईं। अब एक वर्ष बाद उसी दोनों परियोजनाओं के लिए एक बार फिर मार्च महीने में स्वीकृति मिली है। इससे पूरे एक और साल तक एनएच-727बी पर धरहरा चट्टी से कशेरुआ-भरतपुरा और बांसडीह-बैरिया मार्ग से 5.5 किमी लंबे करमानपुर खस्ताहाल मार्ग पर लोगों को हिचकोले खाने पड़े।
सदर विधानसभा में पांच साल से ज्यादा पहले बने एनएच-727बी पर धरहरा चट्टी से कशेरुआ-भरतपुरा तक ढाई किमी लंबे मार्ग खाफी खस्ता हालत में है। सड़क के कई स्थानों से टूटने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। वहीं, हालत बैरिया विधानसभा में बांसडीह-बैरिया मार्ग से 5.5 किमी लंबे करमानपुर मार्ग की है। नारायणगढ़ से अमर शहीद कौशल कुमार द्वार (करमानपुर) तक अत्यंत जर्जर सड़क से हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। पिछले साल मार्च के आखिरी दिन दोनों मार्गों के चौड़ीकरण के लिए 16.86 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति दी गई थी। निमार्ण शुरू करने के लिए 25-25 लाख की धनराशि भी जारी की गई थी।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन समय से आवंटन प्राप्त नहीं होने के कारण दोनों ही परियोजनाएं खटाई में पड़ गईं। साल भर दोनों परियोजनाएं वैसी ही पड़ी रहीं। अंतत: शासन को इसे निरस्त करना पड़ा। अब एक बार फिर मार्च में ही इसे स्वीकृति दी गई है। इसमें एनएच 727बी पर धरहरा चट्टी से कशेरुआ-भरतपुरा तक ढाई किमी लंबे मार्ग के लिए 5.86 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पहली किस्त में 57.32 लाख रुपये भी मिले हैं। बांसडीह-बैरिया मार्ग से 5.5 किमी लंबे करमानपुर अन्य जिला मार्ग के लिए 10.96 करोड़ की स्वीकृति मिली है। पहली किस्त में 1.07 करोड़ जारी किए गए हैं।
दुर्जनपुर-सुरेमनपुर मार्ग का भी होगा चौड़ीकरण
सब ठीक रहा तो देवपुर रेगुलेटर से दुर्जनपुर होते हुए सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन तक करीब छह किमी लंबी सड़क का भी चौड़ीकरण किया जाएगा। फिलहाल यह प्रस्ताव शासन के पास लंबित है। विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए शासन को पत्र लिखा है। दुर्जनपुर से सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन मार्ग अत्यंत जर्जर है। इससे दुर्जनपुर, हनुमानगंज, देवपुर मठिया, नरायनगढ़, हेमन्तपुर, गंगापुर आदि गांवों के हजारों लोगों को परेशानी होती है। प्रतिदिन सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन ट्रेन पकड़ने और रानीगंज बाजार जाने के लिए इस मार्ग का लोग प्ररोग करते हैं।
विभाग ने पहले ही कराया प्री टेंडर
बलिया। हालांकि विभाग इस बार इन परियोजनाओं को लेकर पहले से सक्रिय है। दोनों ही परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए पहले ही प्री-टेंडर करा लिया है। अप्रैल में काम शुरू कराने की बात कही जा रही है। दोनों मार्गों का कार्यदायी संस्था को पांच साल तक अनुरक्षण भी करना है। दुर्जनपुर, नारायणगढ़, सियरहिया दुखहरन गिरी के मठिया, देवी चौधरी के हाता, करमानपुर, जमालपुर, गंगापाण्डेय के टोला आदि गांव के हजारों लोगों को सड़क का निर्माण होने से लाभ मिलेगा। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एसके सिंह ने बताया कि गंगा पांडेय के चट्टी से करमानपुर होते हुए नारायणगढ़-दुर्जनपुर चट्टी तक सड़क निर्माण का साढ़े पां मीटर चौड़ीकरण किया जाएगा।
उक्त दोनों ओडीआर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए परियोजना स्वीकृत हुई है। प्री-टेंडर पहले ही कराया जा चुका है। अप्रैल में काम शुरू करा दिया जाएगा। - केशरी प्रसाद, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड
Trending Videos
सदर विधानसभा में पांच साल से ज्यादा पहले बने एनएच-727बी पर धरहरा चट्टी से कशेरुआ-भरतपुरा तक ढाई किमी लंबे मार्ग खाफी खस्ता हालत में है। सड़क के कई स्थानों से टूटने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। वहीं, हालत बैरिया विधानसभा में बांसडीह-बैरिया मार्ग से 5.5 किमी लंबे करमानपुर मार्ग की है। नारायणगढ़ से अमर शहीद कौशल कुमार द्वार (करमानपुर) तक अत्यंत जर्जर सड़क से हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। पिछले साल मार्च के आखिरी दिन दोनों मार्गों के चौड़ीकरण के लिए 16.86 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति दी गई थी। निमार्ण शुरू करने के लिए 25-25 लाख की धनराशि भी जारी की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन समय से आवंटन प्राप्त नहीं होने के कारण दोनों ही परियोजनाएं खटाई में पड़ गईं। साल भर दोनों परियोजनाएं वैसी ही पड़ी रहीं। अंतत: शासन को इसे निरस्त करना पड़ा। अब एक बार फिर मार्च में ही इसे स्वीकृति दी गई है। इसमें एनएच 727बी पर धरहरा चट्टी से कशेरुआ-भरतपुरा तक ढाई किमी लंबे मार्ग के लिए 5.86 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पहली किस्त में 57.32 लाख रुपये भी मिले हैं। बांसडीह-बैरिया मार्ग से 5.5 किमी लंबे करमानपुर अन्य जिला मार्ग के लिए 10.96 करोड़ की स्वीकृति मिली है। पहली किस्त में 1.07 करोड़ जारी किए गए हैं।
दुर्जनपुर-सुरेमनपुर मार्ग का भी होगा चौड़ीकरण
सब ठीक रहा तो देवपुर रेगुलेटर से दुर्जनपुर होते हुए सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन तक करीब छह किमी लंबी सड़क का भी चौड़ीकरण किया जाएगा। फिलहाल यह प्रस्ताव शासन के पास लंबित है। विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए शासन को पत्र लिखा है। दुर्जनपुर से सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन मार्ग अत्यंत जर्जर है। इससे दुर्जनपुर, हनुमानगंज, देवपुर मठिया, नरायनगढ़, हेमन्तपुर, गंगापुर आदि गांवों के हजारों लोगों को परेशानी होती है। प्रतिदिन सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन ट्रेन पकड़ने और रानीगंज बाजार जाने के लिए इस मार्ग का लोग प्ररोग करते हैं।
विभाग ने पहले ही कराया प्री टेंडर
बलिया। हालांकि विभाग इस बार इन परियोजनाओं को लेकर पहले से सक्रिय है। दोनों ही परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए पहले ही प्री-टेंडर करा लिया है। अप्रैल में काम शुरू कराने की बात कही जा रही है। दोनों मार्गों का कार्यदायी संस्था को पांच साल तक अनुरक्षण भी करना है। दुर्जनपुर, नारायणगढ़, सियरहिया दुखहरन गिरी के मठिया, देवी चौधरी के हाता, करमानपुर, जमालपुर, गंगापाण्डेय के टोला आदि गांव के हजारों लोगों को सड़क का निर्माण होने से लाभ मिलेगा। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एसके सिंह ने बताया कि गंगा पांडेय के चट्टी से करमानपुर होते हुए नारायणगढ़-दुर्जनपुर चट्टी तक सड़क निर्माण का साढ़े पां मीटर चौड़ीकरण किया जाएगा।
उक्त दोनों ओडीआर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए परियोजना स्वीकृत हुई है। प्री-टेंडर पहले ही कराया जा चुका है। अप्रैल में काम शुरू करा दिया जाएगा। - केशरी प्रसाद, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड