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सरयू का रौद्र रूप: बलिया में नदी में समा गए छह आशियाने, 12 मकान कटान की जद में; पलायन को मजबूर हुए ग्रामीण

Mon, 13 Jul 2026 07:07 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 13 Jul 2026 07:07 PM IST
सार

Ballia News: बलिया जिले में कटान के चलते ग्रामीण चिंतित हैं। लोगों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उधर, नायब तहसीलदार ने कहा कि रिपोर्ट की दोबारा जांच होगी।  

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Six homes swallowed by saryu river 12 houses at risk of erosion in Ballia
बलिया में सरयू नदी में समा गए कई घर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलिया जिले में सरयू नदी का कटान बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर टाड़ी में लगातार चौथे वर्ष भी तबाही मचा रहा है। रविवार की आधी रात तेज कटान के चलते ग्रामीणों के अनुसार छह लोगों के आशियाने सरयू नदी में समा गए, जबकि 10 से अधिक मकान कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं। गांव में दहशत का माहौल है। लोग अपने हाथों से वर्षों की मेहनत से बनाए घरों को उजाड़कर ट्रैक्टर पर सामान लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

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ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद तहसील प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि अधिकारियों की बात तो दूर, लेखपाल ने भी समय पर गांव का हाल जानने की जरूरत नहीं समझी। रविवार रात स्वामीनाथ यादव, किशोरिया देवी पत्नी हरिचरण यादव, अनिल यादव, श्रीनिवास यादव और वीरेंद्र यादव के मकान कटान की भेंट चढ़ गए। वहीं बबन यादव, राजकुमार यादव, सत्यदेव यादव समेत 10 से अधिक परिवारों के मकान अब भी नदी के किनारे खतरे की जद में हैं और कभी भी नदी में समा सकते हैं।

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कटान रोकने के लिए बाढ़ विभाग की ओर से प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरकर कटान स्थल पर डाली जा रही है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इससे कोई प्रभावी राहत नहीं मिल रही। लगातार बढ़ते कटान से पूरे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल है। कटान की तीव्रता से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को मौके पर तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने बाढ़ विभाग और प्रशासन पर समय रहते प्रभावी कटानरोधी कार्य नहीं कराने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय सांसद और विधायक पर भी इस गंभीर समस्या के प्रति पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखाने का आरोप लगाया।

उधर, गोपालनगर और वशिष्ठनगर की सीमा पर भी सरयू नदी ने कटान शुरू कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार नदी अब बस्ती से महज 20 मीटर की दूरी पर बह रही है। यदि कटान की यही रफ्तार बनी रही तो अगले 24 घंटे में कई और मकान इसकी जद में आ सकते हैं।

कटान की जद में प्राथमिक विद्यालय, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
गोपालनगर टाड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय भी कटान के गंभीर खतरे की जद में आ गया है। विद्यालय कटान स्थल से महज 10 मीटर की दूरी पर स्थित है। सोमवार को विद्यालय में छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय को तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

एक साल बाद भी 18 विस्थापित परिवारों को नहीं मिली सहायता
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष सरयू कटान से विस्थापित हुए 18 परिवारों को एक वर्ष बीत जाने के बाद भी गृह अनुदान या अन्य सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है। इससे पीड़ित परिवारों में गहरा आक्रोश है। जिन्हें अब तक सहायता नहीं मिलने का दावा किया गया है, उनमें प्रौढ़रिया देवी, बासमती देवी, ज्योति देवी, राजकुमारी देवी, पूजा देवी, रिंकी देवी, गुलाबी देवी, सुमन देवी, कविता देवी, रामवती देवी, नीलू देवी, नीरजू देवी, सविता यादव, बेचू यादव, सावित्री देवी और चंद्रावती देवी सहित कुल 18 विस्थापित शामिल हैं।
 
अधिकारी बोले: रिपोर्ट की दोबारा होगी जांच
नायब तहसीलदार बैरिया अनिल यादव ने बताया कि लेखपाल आशुतोष पांडे सोमवार को मौके पर गए थे। उनकी जांच रिपोर्ट में किसी भी आवासीय मकान के सरयू नदी में विलीन होने की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार केवल एक गैर-आवासीय मकान नदी में समाया है। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं पूरे मामले की दोबारा जांच करा रहा हूं। यदि लेखपाल की रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो पुनः जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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