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Ballia News: गोपाल नगर टाड़ी के छह मकान सरयू में समाए
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बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर टाड़ी में मकान के बचे अवशेष भाग को ठोकर मारती सरयू नदी की लहरे।संवाद
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बैरिया। उत्तरी दियरांचल में सरयू नदी की कटान लगातार तेज हो रही है। कटान की भयावह स्थिति को देखते हुए वशिष्ठ नगर, गोपाल नगर, गोपाल नगर टाड़ी और शिवाल मठिया के लोग सहमे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार की रात से गोपाल नगर टाड़ी में निशु देवी, चिंता देवी, मुसाफिर यादव, जवाहर यादव, मंजू देवी और रामनाथ यादव के छह मकानों का आधे से अधिक हिस्सा सरयू नदी में समा गया। इस साल नदी में अब तक 16 मकान समा चुके हैं।
वहीं शिवकुमार यादव, सुदर्शन यादव, विनोद, अर्जुन यादव, लाल साहब यादव, राजेंद्र यादव, दीपक यादव, विमल यादव, रामदुलार यादव समेत 12 से अधिक लोगों के मकान कटान के मुहाने पर हैं। नदी के बढ़ते वेग को देखकर ग्रामीण अपने-अपने घरों का सामान समेटने और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर बाढ़ विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का कोई अता-पता नहीं है। प्रशासन की ओर से भी कटान की जद में आए मकानों को बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है। सबसे गंभीर स्थिति गोपाल नगर टाड़ी की बताई जा रही है। वहीं शिवाल मठिया में भी सरयू नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे तटवर्ती परिवार अपने मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।
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वशिष्ठ नगर और गोपाल नगर गांव से सरयू नदी की दूरी अब महज 50 मीटर रह गई है। इन गांवों के सामने उपजाऊ कृषि भूमि भी तेजी से नदी में समाहित हो रही है। इसके अलावा चाई छपरा, अधसिझुआ, गुमानी के डेरा और बकुलहा गांव के सामने भी खेती योग्य जमीन कटकर सरयू नदी में विलीन हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बाढ़ विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी नजर नहीं आ रहा।
हालांकि एसडीएम बैरिया शशिभूषण मिश्रा नियमित रूप से सुबह-शाम कटान स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं, लेकिन अधिकार सीमित होने के कारण वे भी कटान पीड़ितों को तत्काल राहत नहीं दिला पा रहे हैं।
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वहीं शिवकुमार यादव, सुदर्शन यादव, विनोद, अर्जुन यादव, लाल साहब यादव, राजेंद्र यादव, दीपक यादव, विमल यादव, रामदुलार यादव समेत 12 से अधिक लोगों के मकान कटान के मुहाने पर हैं। नदी के बढ़ते वेग को देखकर ग्रामीण अपने-अपने घरों का सामान समेटने और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर बाढ़ विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का कोई अता-पता नहीं है। प्रशासन की ओर से भी कटान की जद में आए मकानों को बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है। सबसे गंभीर स्थिति गोपाल नगर टाड़ी की बताई जा रही है। वहीं शिवाल मठिया में भी सरयू नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे तटवर्ती परिवार अपने मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।
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वशिष्ठ नगर और गोपाल नगर गांव से सरयू नदी की दूरी अब महज 50 मीटर रह गई है। इन गांवों के सामने उपजाऊ कृषि भूमि भी तेजी से नदी में समाहित हो रही है। इसके अलावा चाई छपरा, अधसिझुआ, गुमानी के डेरा और बकुलहा गांव के सामने भी खेती योग्य जमीन कटकर सरयू नदी में विलीन हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बाढ़ विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी नजर नहीं आ रहा।
हालांकि एसडीएम बैरिया शशिभूषण मिश्रा नियमित रूप से सुबह-शाम कटान स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं, लेकिन अधिकार सीमित होने के कारण वे भी कटान पीड़ितों को तत्काल राहत नहीं दिला पा रहे हैं।