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स्वामीजी के विचार आज भी प्रासंगिक : अजय
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बलिया। स्वामी विवेकानंद जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में सोमवार को महाविद्यालय के बहुउद्देशीय कक्ष में पुरातन छात्र उत्प्रेरक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विश्व गुरु भारत का दृष्टिकोण एवं स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर व्याख्यान हुआ।
मुख्य अतिथि प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव प्राचार्य, गुलाब देवी महिला पीजी कॉलेज, मुख्य वक्ता डॉ. अजय कुमार चौबे सह आचार्य, अंग्रेजी विभाग, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय और प्रबंध समिति सदस्य अखिलेश राय सहित महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फिरोज खान ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता डॉ. अजय कुमार चौबे ने कहा कि मानव के भीतर असीम शक्ति निहित है, आवश्यकता है उसे पहचानने की। उन्होंने कहा कि विश्व धर्म सम्मेलन में दिए गए स्वामीजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
प्रबंध समिति सदस्य अखिलेश राय ने स्वामी विवेकानंद के आदर्श वाक्य उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव ने युवाओं से कहा कि अनुभव ही सबसे बड़ा शिक्षक है और आत्मबोध से ही व्यक्तित्व का विकास संभव है। समारोह में पुरातन छात्र प्रतिनिधि अनीश कुमार सहित अन्य पुरातन छात्र-छात्राओं को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और महाविद्यालयी पत्रिका देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व त्रिदिवसीय खेलकूद व निबंध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. फिरोज खान ने किया।
जेएनसीयू में राष्ट्रीय युवा दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन
बलिया l जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जय प्रकाश नारायण सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं तक पहुंचाना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना था l संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय नेपाली कार्य संयोजक प्रियांशु त्रिपाठी ने युवाओं की भूमिका, सामाजिक परिवर्तन तथा राष्ट्र विकास में उनके योगदान पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किया। विशेष प्रवर्तन डॉ. गुंजन कुमार, सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग ने युवा समस्याओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता डॉ. शैलेन्द्र सिंह, सहायक आचार्य, इतिहास विभाग ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में युवाओं की भूमिका पर विचार रखा। विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट विभाग के विद्यार्थियों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी तथा एड्स रोग की रोकथाम विषय पर आकर्षक पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुष्पा मिश्रा व संचालन योगिता पाण्डेय ने किया l
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प्रबंध समिति सदस्य अखिलेश राय ने स्वामी विवेकानंद के आदर्श वाक्य उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव ने युवाओं से कहा कि अनुभव ही सबसे बड़ा शिक्षक है और आत्मबोध से ही व्यक्तित्व का विकास संभव है। समारोह में पुरातन छात्र प्रतिनिधि अनीश कुमार सहित अन्य पुरातन छात्र-छात्राओं को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और महाविद्यालयी पत्रिका देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व त्रिदिवसीय खेलकूद व निबंध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. फिरोज खान ने किया।
जेएनसीयू में राष्ट्रीय युवा दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन
बलिया l जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत कुमार गुप्ता के संरक्षण में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जय प्रकाश नारायण सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं तक पहुंचाना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना था l संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय नेपाली कार्य संयोजक प्रियांशु त्रिपाठी ने युवाओं की भूमिका, सामाजिक परिवर्तन तथा राष्ट्र विकास में उनके योगदान पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किया। विशेष प्रवर्तन डॉ. गुंजन कुमार, सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग ने युवा समस्याओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता डॉ. शैलेन्द्र सिंह, सहायक आचार्य, इतिहास विभाग ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में युवाओं की भूमिका पर विचार रखा। विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट विभाग के विद्यार्थियों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी तथा एड्स रोग की रोकथाम विषय पर आकर्षक पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुष्पा मिश्रा व संचालन योगिता पाण्डेय ने किया l