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Ballia News: मरीजों की संख्या बढ़ी लेकिन काउंटर नहीं जांच और दवा लेने में लगे 3 घंटे से ज्यादा
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जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर उमड़ी मरीजों और तीमारदारों की भीड़।संवाद
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बलिया। जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भीड़ उमड़ी तो व्यवस्था नाकाफी साबित हुई। पर्ची काउंटर से दवा लेने तक तीन घंटे से ज्यादा का समय लग गया। भीड़ के कारण दवा वितरण काउंटर न बढ़ने के कारण ज्यादा समय लगा। 10 बजे के बाद इलाज के लिए पहुंचे मरीजों की जांच रिपोर्ट भी नहीं मिली।
मौसम में बदलाव से गलन बढ़ गई है। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुली तो मरीजों की सुबह नौ बजे तक पर्ची काउंटर पर लंबी लाइन लग गई। ओपीडी में कुल 1724 मरीज इलाज कराने पहुंचे। आम दिनों में 1000-1200 मरीज पहुंचते हैं। भीड़ को देखते हुए सीएमएस डॉक्टर एसके यादव तीन-चार कर्मचारियों के साथ खड़े होकर मरीजों का रजिस्ट्रेशन व पर्ची कटवाने में मदद करवाते दिखे। लेकिन चार ही पंजीकरण काउंटर होने से समय लगा। इसी तरह से जांच के बाद दवा काउंटर पर भी लोगों की भीड़ रही। चार काउंटर होने से लोगों को लंबे समय तक खड़ा रहना पड़ा।
मरीजों की भीड़ बढ़ने से अस्पताल परिसर में सक्रिय दलाल मरीजों को रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के यहां न ले जाकर आयुष व अपने सेटिंग वाले चिकित्सकों को यहां ले जाते दिखे। ओपीडी में बैठने की व्यवस्था कम होने व मरीज जमीन पर बैठे दिखे। पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी व दवा काउंटर तक लंबी लाइन लगी रही। पर्ची कटाने के बाद जांच कराने में तीन घंटा का समय लगा। सुबह 10 बजे के बाद चिकित्सक बैठने से जांच कराने में विलंब हुआ। एक्सरे विभाग में दो बजे के बाद तक लाइन लगी रही, करीब 13 मरीजों की जांच न होने से निराश हो कर लौटना पड़ा। पहले जांच कराने को लेकर कई बार तीमारदारों के बीच बहस हुई।
सीटी स्कैन कराने के लिए दूर दराज क्षेत्रों में मरीज पहुंचे। कुछ तीमारदार अपने मरीज की जल्द जांच कराने के लिए जबरदस्ती कराने पर उतारू रहे। कर्मचारियों व मरीजों से नोकझोंक होती रही। तीन बजे तक लाइन लगी रही। शाम तक जांच रिपोर्ट दी गई। कई मरीज दूसरे दिन रिपोर्ट दिखाने की बात कह घर चले गए। ढाई बजे तक दवा काउंटर पर दवा का वितरण होता रहा।
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317 लोगों को जुकाम, खांसी, सांस लेने में तकलीफ
जिला अस्पताल में सोमवार को सबसे ज्यादा मरीज फिजिशियन से जांच कराने वाले रहे। 317 मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी, सांस लेने में तकलीफ वाले रहे। मरीजों में गले की खराश की समस्या भी रही। डॉक्टर विनोद कुमार ने बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। बाल रोग ओपीडी में 273 मरीज, आर्थो सर्जन ओपीडी में 214 मरीज, ईएनटी सर्जन व नेत्र रोग चिकित्सक की ओपीडी में भी भीड़ रही। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ एके उपाध्याय व डॉ. विनेश कुमार ने बताया कि ओपीडी में निमोनिया, सीने की जकड़न व डायरिया से परेशान बच्चे ज्यादा रहे। आर्थो सर्जन डॉक्टर करण सिंह चौहान ने कहा कि सबसे ज्यादा जोड़ों व पुराने चोट के स्थान पर दर्द वाले मरीज आ रहे हैं।
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मरीजों की भीड़ बढ़ने से अस्पताल परिसर में सक्रिय दलाल मरीजों को रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के यहां न ले जाकर आयुष व अपने सेटिंग वाले चिकित्सकों को यहां ले जाते दिखे। ओपीडी में बैठने की व्यवस्था कम होने व मरीज जमीन पर बैठे दिखे। पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी व दवा काउंटर तक लंबी लाइन लगी रही। पर्ची कटाने के बाद जांच कराने में तीन घंटा का समय लगा। सुबह 10 बजे के बाद चिकित्सक बैठने से जांच कराने में विलंब हुआ। एक्सरे विभाग में दो बजे के बाद तक लाइन लगी रही, करीब 13 मरीजों की जांच न होने से निराश हो कर लौटना पड़ा। पहले जांच कराने को लेकर कई बार तीमारदारों के बीच बहस हुई।
सीटी स्कैन कराने के लिए दूर दराज क्षेत्रों में मरीज पहुंचे। कुछ तीमारदार अपने मरीज की जल्द जांच कराने के लिए जबरदस्ती कराने पर उतारू रहे। कर्मचारियों व मरीजों से नोकझोंक होती रही। तीन बजे तक लाइन लगी रही। शाम तक जांच रिपोर्ट दी गई। कई मरीज दूसरे दिन रिपोर्ट दिखाने की बात कह घर चले गए। ढाई बजे तक दवा काउंटर पर दवा का वितरण होता रहा।
317 लोगों को जुकाम, खांसी, सांस लेने में तकलीफ
जिला अस्पताल में सोमवार को सबसे ज्यादा मरीज फिजिशियन से जांच कराने वाले रहे। 317 मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी, सांस लेने में तकलीफ वाले रहे। मरीजों में गले की खराश की समस्या भी रही। डॉक्टर विनोद कुमार ने बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। बाल रोग ओपीडी में 273 मरीज, आर्थो सर्जन ओपीडी में 214 मरीज, ईएनटी सर्जन व नेत्र रोग चिकित्सक की ओपीडी में भी भीड़ रही। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ एके उपाध्याय व डॉ. विनेश कुमार ने बताया कि ओपीडी में निमोनिया, सीने की जकड़न व डायरिया से परेशान बच्चे ज्यादा रहे। आर्थो सर्जन डॉक्टर करण सिंह चौहान ने कहा कि सबसे ज्यादा जोड़ों व पुराने चोट के स्थान पर दर्द वाले मरीज आ रहे हैं।

जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर उमड़ी मरीजों और तीमारदारों की भीड़।संवाद
