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Ballia News: मुंडन संस्कार के दौरान गंगा में रील बनाते समय सगी बहनें डूबीं, बचाने में दो और की जान गई
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दुबहर क्षेत्र के श्रीरामपुर गंगा तट पर दो युवक और दो किशोरियों की डूबने की सूचना पर उपस्थित लो
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बलिया/दुबहड़। शहर के शिवरामपुर गंगा घाट पर रविवार की सुबह मुंडन संस्कार के दौरान गंगा में नहाते समय मोबाइल से सेल्फी लेने और रील बनाते समय सगी बहनें हर्षिता चौहान (16), नंदिता चौहान (10) सहित चार लड़कियां डूबने लगीं। मदद के इरादे से गाजीपुर के तिलाड़ी निवासी अर्जुन चौहान (21) और बलिया के रसड़ा कल्याणपुर निवासी अरुण चौहान (23) ने भी गंगा में छलांग लगा दी लेकिन वे भी डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर नाविक और आसपास के लोग पहुंच गए। इस बीच डूब रहीं अर्पिता और साधना को बचा लिया गया लेकिन चार और लापता हो गए। चार घंटे तक राहत-बचाव कार्य चलता रहा फिर हर्षिता, नंदिता, अर्जुन और अरुण के शव खोज कर निकाले जा सके।
गड़वार थाना के रामपुर भोज गांव निवासी चंदन चौहान की इकलौती बेटी सिंकी का मुंडन संस्कार रविवार को ससुराल फेफना थाना क्षेत्र के कल्याणीपुर से हो रहा था। मुंडन संस्कार में भाई की बेटियां और सगी बहनें हर्षिता चौहान और नंदिता चौहान शिवरामपुर घाट आई थीं। नाच-गाने के बीच परिवार के लोग मुंडन संस्कार की रस्में अदा कर रहे थे। इसी बीच हर्षिता, नंदिता और उनकी रिश्तेदार अर्पिता, साधना गंगा में नहाने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि लड़कियां नहाते समय मोबाइल से सेल्फी ले रही थीं। रील भी बना रही थीं। इसी बीच चारों गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। चीख-पुकार मची , तो मुंडन संस्कार में आए अर्जुन चौहान और अरुण चौहान ने नदी में छलांग लगा दी लेकिन दोनों किसी को बचा नहीं सके और खुद डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। इस पर सदर कोतवाल, दुबहड़ थाने की पुलिस पहुंच गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों और स्थानीय नाविकों की सहायता से डूबे लोगों की तलाश में शुरू की गई। पुलिस ने महा जाल मंगवाया और चार घंटे बाद ही चारों के शव मिल गए। घाट पर अर्जुन की मां सोनी चौहान और अन्य परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। खुशियों वाले घर में मातम पसर गया।
शिवरामपुर गंगा घाट पर मुंडन संस्कार के दौरान डूबने से चार किशोरों की मौत हो गई थी। इसी घाट पर रविवार को चार और लोगों की मौत हो गई। 15 दिनों में ही गंगा और सरयू में डूबने से जिले में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। आठ दिन पहले शिवरामपुर गंगा घाट पर चार किशोरों की डूबने से मौत के बाद जिला प्रशासन ने नाविकों को मानक से ज्यादा लोगों को नाव पर न बैठाने, भीड़भाड़ वाले घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए थे लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई।
डीएम-एसपी ने परिजनों को दी सांत्वना
हादसे की सूचना मिलते ही डीएम मंगला प्रसाद सिंह, एसपी ओमवीर सिंह, एडीएम अनिल कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा, सीओ उस्मान के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। डीएम-एसपी ने परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। हर संभव मदद का भरोसा जताया। डीएम ने कहा कि राज्य आपदा निधि से आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने के निर्देश दिए।
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गड़वार थाना के रामपुर भोज गांव निवासी चंदन चौहान की इकलौती बेटी सिंकी का मुंडन संस्कार रविवार को ससुराल फेफना थाना क्षेत्र के कल्याणीपुर से हो रहा था। मुंडन संस्कार में भाई की बेटियां और सगी बहनें हर्षिता चौहान और नंदिता चौहान शिवरामपुर घाट आई थीं। नाच-गाने के बीच परिवार के लोग मुंडन संस्कार की रस्में अदा कर रहे थे। इसी बीच हर्षिता, नंदिता और उनकी रिश्तेदार अर्पिता, साधना गंगा में नहाने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि लड़कियां नहाते समय मोबाइल से सेल्फी ले रही थीं। रील भी बना रही थीं। इसी बीच चारों गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। चीख-पुकार मची , तो मुंडन संस्कार में आए अर्जुन चौहान और अरुण चौहान ने नदी में छलांग लगा दी लेकिन दोनों किसी को बचा नहीं सके और खुद डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। इस पर सदर कोतवाल, दुबहड़ थाने की पुलिस पहुंच गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों और स्थानीय नाविकों की सहायता से डूबे लोगों की तलाश में शुरू की गई। पुलिस ने महा जाल मंगवाया और चार घंटे बाद ही चारों के शव मिल गए। घाट पर अर्जुन की मां सोनी चौहान और अन्य परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। खुशियों वाले घर में मातम पसर गया।
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शिवरामपुर गंगा घाट पर मुंडन संस्कार के दौरान डूबने से चार किशोरों की मौत हो गई थी। इसी घाट पर रविवार को चार और लोगों की मौत हो गई। 15 दिनों में ही गंगा और सरयू में डूबने से जिले में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। आठ दिन पहले शिवरामपुर गंगा घाट पर चार किशोरों की डूबने से मौत के बाद जिला प्रशासन ने नाविकों को मानक से ज्यादा लोगों को नाव पर न बैठाने, भीड़भाड़ वाले घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए थे लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई।
डीएम-एसपी ने परिजनों को दी सांत्वना
हादसे की सूचना मिलते ही डीएम मंगला प्रसाद सिंह, एसपी ओमवीर सिंह, एडीएम अनिल कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा, सीओ उस्मान के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। डीएम-एसपी ने परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। हर संभव मदद का भरोसा जताया। डीएम ने कहा कि राज्य आपदा निधि से आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने के निर्देश दिए।
