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Balrampur News: नेपाल में सख्ती से व्यापार और पर्यटन को झटका

संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Sun, 10 May 2026 11:05 PM IST
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Strictness in Nepal hits business and tourism
फोटो-25-बलरामपुर के जरवा में सूना पड़ा पर्यटन स्थल ।-संवाद
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तुलसीपुर/जरवा। नेपाल सरकार की ओर से सीमा प्रबंधन को लेकर लागू किए गए नए नियमों का असर अब भारत-नेपाल सीमा से जुड़े बलरामपुर जिले के बाजारों और पर्यटन स्थलों पर दिखाई देने लगा है। नेपाल में प्रवेश के लिए सख्त भंसार व्यवस्था, निजी वाहनों की सीमित आवाजाही और बिना एमआरपी वाले सामान पर रोक के कारण सीमाई व्यापार और पर्यटन दोनों को बड़ा झटका लगा है। कोयलावास बॉर्डर पर कई मालवाहक वाहन जांच के दौरान रोके जा रहे हैं, जबकि नेपाली ग्राहकों की आमद घटने से सीमावर्ती बाजारों में कारोबार ठप पड़ने लगा है।
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तुलसीपुर, पचपेड़वा और जरवा क्षेत्र के बाजार लंबे समय से नेपाल के ग्राहकों पर निर्भर रहे हैं। रोजमर्रा के सामान, कपड़ा, किराना और कृषि उत्पादों की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक यहां पहुंचते थे, लेकिन नेपाल सरकार की सख्ती के बाद यह आवाजाही अचानक कम हो गई है। अब 100 रुपये से अधिक के सामान पर भंसार और प्रत्येक उत्पाद पर एमआरपी अंकित होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके चलते छोटे व्यापारी और ट्रांसपोर्टर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कोयलावास बॉर्डर पर बिना एमआरपी वाले सामान से भरे ट्रकों को रोक दिया जा रहा है। कई मामलों में ट्रकों से सामान उतरवाकर वापस भेजा गया। इससे व्यापारियों के साथ-साथ ट्रांसपोर्टरों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने अब एमआरपी जांच के बाद ही नेपाल के लिए माल बुक करने का निर्णय लिया है।
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30 बार की समय सीमा ने बढ़ाई मुश्किल

नेपाल में निजी वाहनों के प्रवेश पर एक वर्ष में अधिकतम 30 बार की सीमा तय किए जाने से पर्यटन गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। इसका असर बलरामपुर जिले के जरवा क्षेत्र स्थित पर्यटन स्थलों पर भी पड़ा है। नेपाल से आने वाले पर्यटकों की संख्या कम होने से यहां के होटल, ढाबे और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। छुट्टियों में जहां पहले पर्यटकों की भीड़ रहती थी, वहीं अब सन्नाटा नजर आने लगा है।


चौपट हो रहा व्यापार

सीमा पर अचानक बढ़ी सख्ती से सीमाई क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल लाठ ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध भी जुड़े हैं। ऐसे में नियमों को व्यावहारिक बनाना जरूरी है। वहीं उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता ने कहा कि यदि जल्द राहत नहीं दी गई तो छोटे कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।


रिश्तेदारी और इलाज के लिए आने-जाने वालों की बढ़ीं दिक्कतें

नए नियम लागू होने के बाद सीमावर्ती गांवों के लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। नेपाल में रिश्तेदारी, उपचार और धार्मिक कार्यों से जुड़े लोग अब वाहन संबंधी औपचारिकताओं में उलझ रहे हैं। स्थानीय नागरिक संतोष कुमार, महेंद्र व पप्पू आदि का कहना है कि पहले जहां सीमा पार करना सामान्य प्रक्रिया थी, वहीं अब कागजी कार्रवाई और निगरानी के कारण यात्रा कठिन हो गई है।

फोटो-25-बलरामपुर के जरवा में सूना पड़ा पर्यटन स्थल ।-संवाद

फोटो-25-बलरामपुर के जरवा में सूना पड़ा पर्यटन स्थल ।-संवाद

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