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Banda News: एएसपी शिवराज बने साइबर सुरक्षा के डॉक्टर
Thu, 07 May 2026 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 07 May 2026 12:38 AM IST
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फोटो- 02 पूर्व डीजीपी डॉ. विक्रम सिंह से साइबर अपराध विषय में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करते एए
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बांदा। जिले के अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवराज ने इनसे निपटने के लिए शोध और जागरूकता की मजबूत पहल की है। साइबर अपराध प्रबंधन में पीएचडी पूरी कर उन्होंने न सिर्फ एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है, बल्कि पुलिसिंग के क्षेत्र में एक नई सोच भी विकसित की है।
फतेहपुर जनपद के चांदपुर थाना क्षेत्र के अमौली गांव निवासी डॉ. शिवराज का यह शोध कार्य उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डीजीपी डॉ. विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में पूरा हुआ। यह शोध मौजूदा समय की जरूरतों के अनुरूप है और साइबर अपराध नियंत्रण में उपयोगी साबित हो सकता है। खास बात यह है कि उनकी रिसर्च केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत से जुड़ी हुई है, जिसका सीधा लाभ आमजन और पुलिस विभाग दोनों को मिल सकता है।
साइबर और पॉक्सो अपराधों पर आधारित उनकी पुस्तक हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के अहम निर्णयों के साथ आईपीसी और आईटी एक्ट के प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया गया है। यही वजह है कि यह किताब पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी एक मार्गदर्शिका बनती जा रही है।
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नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित
डॉ. शिवराज के इस सराहनीय कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। उन्हें भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उनके शोध, समर्पण और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एएसपी शिवराज का मानना है कि यदि लोग सतर्क और जागरूक होंगे, तो साइबर अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
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फतेहपुर जनपद के चांदपुर थाना क्षेत्र के अमौली गांव निवासी डॉ. शिवराज का यह शोध कार्य उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डीजीपी डॉ. विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में पूरा हुआ। यह शोध मौजूदा समय की जरूरतों के अनुरूप है और साइबर अपराध नियंत्रण में उपयोगी साबित हो सकता है। खास बात यह है कि उनकी रिसर्च केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत से जुड़ी हुई है, जिसका सीधा लाभ आमजन और पुलिस विभाग दोनों को मिल सकता है।
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साइबर और पॉक्सो अपराधों पर आधारित उनकी पुस्तक हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के अहम निर्णयों के साथ आईपीसी और आईटी एक्ट के प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया गया है। यही वजह है कि यह किताब पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी एक मार्गदर्शिका बनती जा रही है।
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नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित
डॉ. शिवराज के इस सराहनीय कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। उन्हें भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उनके शोध, समर्पण और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एएसपी शिवराज का मानना है कि यदि लोग सतर्क और जागरूक होंगे, तो साइबर अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।