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Banda News: आग उगलते मौसम में बढ़ा डायरिया, लू के मरीज बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 23 Apr 2026 12:33 AM IST
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बांदा। जिले में डायरिया और लू के मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऐसे मरीज भर्ती हो रहे हैं।
रोजाना 20 से 25 डायरिया मरीज भर्ती किए जा रहे हैं, जबकि ओपीडी में आने वाले 300 से 400 मरीजों में से 50 से अधिक डायरिया व बुखार के होते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने डायरिया, बुखार और लू के मरीजों हेतु अलग से वार्ड बनाए हैं। इन वार्डों में दवाओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया गया है, साथ ही मरीजों की देखभाल के लिए एक चिकित्सक, एक नर्स और दो वार्ड बॉय तैनात किए गए हैं। विशेषज्ञों ने बासी खाना खाने और बिना गमछा के धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।
गर्मी से निपटने के लिए 52 किस्म की दवाएं
जिला अस्पताल के दवा स्टोर में विभिन्न बीमारियों की कुल 320 प्रकार की दवाएं उपलब्ध है। स्टोर इंचार्ज के अनुसार डायरिया, बुखार, उल्टी-दस्त, लू आदि से संबंधित 52 किस्म की इंजेक्शन और दवाएं सेफ्ट्राइक्सोन, जेंटा माइसिन, एमिकासिन, ओंडेन सेट्रॉन, डाइक्लो, मेट्रो, पैरासिटामॉल, मेट्रोजिल व ओआरएस आदि उपलब्ध है।
विशेष वार्ड में दो कूलर और चार पंखे लगे
डायरिया व बुखार के लिए निर्धारित विशेष वार्ड में दो कूलर व चार पंखे लगे हैं। सीएमएस डॉ. के कुमार का कहना है कि वार्ड में मरीजों के लिए ठंडक की पूरी व्यवस्था की गई है। वार्ड से कुछ दूरी पर वॉटर फ्रीजर लगा है। वार्ड में पर्याप्त दवाएं भी उपलब्ध करा दी गई हैं। स्वास्थ्य कर्मी निरंतर मरीजों की देखभाल कर रहे हैं।
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रोजाना 20 से 25 डायरिया मरीज भर्ती किए जा रहे हैं, जबकि ओपीडी में आने वाले 300 से 400 मरीजों में से 50 से अधिक डायरिया व बुखार के होते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने डायरिया, बुखार और लू के मरीजों हेतु अलग से वार्ड बनाए हैं। इन वार्डों में दवाओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया गया है, साथ ही मरीजों की देखभाल के लिए एक चिकित्सक, एक नर्स और दो वार्ड बॉय तैनात किए गए हैं। विशेषज्ञों ने बासी खाना खाने और बिना गमछा के धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।
गर्मी से निपटने के लिए 52 किस्म की दवाएं
जिला अस्पताल के दवा स्टोर में विभिन्न बीमारियों की कुल 320 प्रकार की दवाएं उपलब्ध है। स्टोर इंचार्ज के अनुसार डायरिया, बुखार, उल्टी-दस्त, लू आदि से संबंधित 52 किस्म की इंजेक्शन और दवाएं सेफ्ट्राइक्सोन, जेंटा माइसिन, एमिकासिन, ओंडेन सेट्रॉन, डाइक्लो, मेट्रो, पैरासिटामॉल, मेट्रोजिल व ओआरएस आदि उपलब्ध है।
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विशेष वार्ड में दो कूलर और चार पंखे लगे
डायरिया व बुखार के लिए निर्धारित विशेष वार्ड में दो कूलर व चार पंखे लगे हैं। सीएमएस डॉ. के कुमार का कहना है कि वार्ड में मरीजों के लिए ठंडक की पूरी व्यवस्था की गई है। वार्ड से कुछ दूरी पर वॉटर फ्रीजर लगा है। वार्ड में पर्याप्त दवाएं भी उपलब्ध करा दी गई हैं। स्वास्थ्य कर्मी निरंतर मरीजों की देखभाल कर रहे हैं।

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