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Banda News: चक्रवात के चक्कर में किसान बने घनचक्कर
Fri, 30 Oct 2026 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:39 PM IST
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फोटो -11- अतर्रा में खेत में गिरे धान की फसल दिखाता किसान। संवाद
बांदा। बेमौसम बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 18 घंटे से बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है, वहीं कटी पड़ी फसल भीग गई है।
कई खेतों में पानी भरने से बालियों के सड़ने का खतरा है। ज्वार और अरहर की फसल को भी नुकसान की आशंका है। किसानों का कहना है कि चक्रवात के चक्कर में वह घनचक्कर बन गए हैं।
जिले में करीब 50 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है। इस समय फसल पककर तैयार है। कई क्षेत्रों में कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि कुछ जगह किसान कटाई की तैयारी में थे।
ऐसे में बृहस्पतिवार से चली तेज हवाओं और रात से लगातार हो रही बूंदाबांदी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नरैनी तहसील के पिपरा गांव के मजरा नरसिंहपुर में तेज हवा और बारिश से ज्वार की फसल खेतों में बिछ गई। किसान रामस्वरूप, महरू, राजकुमार, लल्लू और रोहित ने बताया कि फसल तैयार होने के कगार पर थी, लेकिन मौसम बिगड़ने से काफी हिस्सा जमीन पर गिर गया।
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करतल और नहरी न्याय पंचायतों की 14 ग्राम पंचायतों और 24 मजरों में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों के मुताबिक धान की फसल में पहले से गेरुआ रोग का प्रकोप है। अब बारिश से बालियां खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
अतर्रा तहसील के महोतरा गांव में किसान माताप्रसाद तिवारी की दस बीघा धान की फसल में आधे बीघे का काला नमक धान गिरकर खराब हो रहा है। किसान राजू की एक बीघा और अधरोरी निवासी योगेंद्र कुशवाहा की करीब पांच बीघा धान की फसल प्रभावित हुई है।
किसानों का कहना है कि लागत बढ़ रही है। इस साल तिलहन की पैदावार भी कमजोर रही है। बारिश से दोहरी आर्थिक मार पड़ने की आशंका है। बटाई पर खेती करने वालों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है।
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कई खेतों में पानी भरने से बालियों के सड़ने का खतरा है। ज्वार और अरहर की फसल को भी नुकसान की आशंका है। किसानों का कहना है कि चक्रवात के चक्कर में वह घनचक्कर बन गए हैं।
जिले में करीब 50 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है। इस समय फसल पककर तैयार है। कई क्षेत्रों में कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि कुछ जगह किसान कटाई की तैयारी में थे।
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ऐसे में बृहस्पतिवार से चली तेज हवाओं और रात से लगातार हो रही बूंदाबांदी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नरैनी तहसील के पिपरा गांव के मजरा नरसिंहपुर में तेज हवा और बारिश से ज्वार की फसल खेतों में बिछ गई। किसान रामस्वरूप, महरू, राजकुमार, लल्लू और रोहित ने बताया कि फसल तैयार होने के कगार पर थी, लेकिन मौसम बिगड़ने से काफी हिस्सा जमीन पर गिर गया।
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करतल और नहरी न्याय पंचायतों की 14 ग्राम पंचायतों और 24 मजरों में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों के मुताबिक धान की फसल में पहले से गेरुआ रोग का प्रकोप है। अब बारिश से बालियां खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
अतर्रा तहसील के महोतरा गांव में किसान माताप्रसाद तिवारी की दस बीघा धान की फसल में आधे बीघे का काला नमक धान गिरकर खराब हो रहा है। किसान राजू की एक बीघा और अधरोरी निवासी योगेंद्र कुशवाहा की करीब पांच बीघा धान की फसल प्रभावित हुई है।
किसानों का कहना है कि लागत बढ़ रही है। इस साल तिलहन की पैदावार भी कमजोर रही है। बारिश से दोहरी आर्थिक मार पड़ने की आशंका है। बटाई पर खेती करने वालों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है।

फोटो -11- अतर्रा में खेत में गिरे धान की फसल दिखाता किसान। संवाद