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Banda News: रंगदारी वसूलने में दो भाइयों समेत चार दोषी करार, 3-3 साल की सजा
Sat, 09 May 2026 01:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 09 May 2026 01:14 AM IST
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बांदा। विशेष न्यायाधीश डकैती गगन कुमार भारतीय की अदालत ने रंगदारी वसूलने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दो भाइयों सहित चार दोषियों को तीन-तीन साल की सश्रम कारावास सुनाया है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर उन्हें तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थाना कोतवाली नगर में 4 अप्रैल 2010 को अवधेश सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अवधेश सिंह बिजली विभाग में ठेकेदारी करते थे। मंडी के पास पेयजल नलकूपों को स्वतंत्र फीडर से जोड़ने का कार्य कर रहे थे। 30 मार्च 2010 को दोपहर करीब 12:30 बजे, जब वे अपने कर्मचारी राम स्वरूप के साथ अपनी साइट पर जा रहे थे। तभी यादव होटल के सामने उन्हें बबलू और गुड्डू (पुत्र जफर), जाबिर और पप्पू ने रोक लिया था। दोषियों ने अवधेश से 10 हजार रुपये की मांग की थी।
विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करने लगे और धमकी दी कि यदि पैसा नहीं दिया तो उन्हें जान से मार देंगे। इसके बाद, चारों आरोपियों ने अवधेश सिंह और राम स्वरूप को लाठी-डंडों और लात-घूसों से पीटा था। चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने उन्हें बचाया था। आरोपियों ने फिर से धमकी दी कि अगर 10 हजार रुपये नहीं पहुंचाए तो जान से मार डालेंगे। इस मारपीट में अवधेश सिंह का हाथ टूट गया था और राम स्वरूप को भी गंभीर चोटें आई थीं।
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विवेचक द्वारा मामले का आरोप पत्र 1 जून 2010 को पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान 3 सितंबर 2010 को सभी के विरुद्ध आरोप तय किए गए थे। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 17 पृष्ठों के फैसले में बबलू, गुड्डू, जाबिर और पप्पू को दोषी पाया। न्यायाधीश गगन कुमार भारतीय ने साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को रंगदारी मांगने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी ठहराया।
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थाना कोतवाली नगर में 4 अप्रैल 2010 को अवधेश सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अवधेश सिंह बिजली विभाग में ठेकेदारी करते थे। मंडी के पास पेयजल नलकूपों को स्वतंत्र फीडर से जोड़ने का कार्य कर रहे थे। 30 मार्च 2010 को दोपहर करीब 12:30 बजे, जब वे अपने कर्मचारी राम स्वरूप के साथ अपनी साइट पर जा रहे थे। तभी यादव होटल के सामने उन्हें बबलू और गुड्डू (पुत्र जफर), जाबिर और पप्पू ने रोक लिया था। दोषियों ने अवधेश से 10 हजार रुपये की मांग की थी।
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विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करने लगे और धमकी दी कि यदि पैसा नहीं दिया तो उन्हें जान से मार देंगे। इसके बाद, चारों आरोपियों ने अवधेश सिंह और राम स्वरूप को लाठी-डंडों और लात-घूसों से पीटा था। चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने उन्हें बचाया था। आरोपियों ने फिर से धमकी दी कि अगर 10 हजार रुपये नहीं पहुंचाए तो जान से मार डालेंगे। इस मारपीट में अवधेश सिंह का हाथ टूट गया था और राम स्वरूप को भी गंभीर चोटें आई थीं।
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विवेचक द्वारा मामले का आरोप पत्र 1 जून 2010 को पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान 3 सितंबर 2010 को सभी के विरुद्ध आरोप तय किए गए थे। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 17 पृष्ठों के फैसले में बबलू, गुड्डू, जाबिर और पप्पू को दोषी पाया। न्यायाधीश गगन कुमार भारतीय ने साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को रंगदारी मांगने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी ठहराया।