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Banda News: मोबाइल हैक कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, नौ गिरफ्तार

Mon, 13 Jul 2026 01:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Mon, 13 Jul 2026 01:43 AM IST
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Gang involved in cyber fraud via mobile hacking busted; nine arrested.
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। स्रोत- पुलिस
बांदा। साइबर क्राइम थाना, कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त टीम ने मोबाइल हैक कर लोगों से साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 52.47 हजार रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, छह एटीएम कार्ड, लैपटॉप, पैन कार्ड समेत एक बोलेरो वाहन बरामद किया गया है।
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सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक ने बताया कि साइबर क्राइम थाना को एक संदिग्ध बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम जमा होने की सूचना मिली थी। जांच में यह खाता नरैनी के जवाहर नगर निवासी प्रेम प्रकाश के नाम पर मिला। पुलिस ने उसे मवई बाईपास के पास गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम मंगवाता था और इसके एवज में कमीशन लेता था।
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उसकी निशानदेही पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के नीचे खड़ी बोलेरो से आठ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें बिजली खेड़ा निवासी सूरज, किरन कॉलेज निवासी समीर, जरैली कोठी निवासी अभिषेक, कंचन पुरवा निवासी जीतू, पल्हरी गांव निवासी योगेश, डिग्गी चौराहा निवासी कृष्णा, कनवारा निवासी सुशील कुमार और मटौंध के सहरी गांव निवासी मुकेश कुमार शामिल हैं।
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ऐसे करते थे ठगी
पुलिस का दावा है कि गिरोह के गुर्गे एपीके फाइल और अन्य एप्लिकेशन के जरिये लोगों के मोबाइल फोन हैक करता था। इसके बाद लोगों को झांसे में लेकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल कर फर्जी फर्मों व कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी सिम कार्ड भी लिए जाते थे। साइबर ठगी से हासिल रकम इन खातों में मंगाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी या नकद निकाली जाती थी। पहचान छिपाने के लिए आरोपी इस्तेमाल किए गए मोबाइल और सिम कार्ड नष्ट कर देते थे।
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सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की होगी जांच
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी बैंक खातों, सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क और ठगी की रकम के लेनदेन की जांच कर रही है। बरामद मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी ताकि गिरोह से जुड़ी अन्य साइबर वारदातों का भी खुलासा हो सके। साइबर गिरोह का पर्दाफाश करने वाली संयुक्त टीम को एसपी पलाश बंसल ने 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।


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बहलाकर हासिल करते थे दस्तावेज
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। लोगों को बहलाकर या झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज हासिल किए जाते थे। इनका दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों और कंपनियों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे। साथ ही इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी सिम कार्ड भी लिए जाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने, उसे विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने, नकद निकालने और अपनी पहचान छिपाने के लिए किया जाता था।



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इन्होंने किया खुलासा
संयुक्त टीम में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक सुखराम सिंह व उनकी टीम, एसओजी प्रभारी आनंद कुमार व उनकी टीम तथा कोतवाली नगर की कृषि विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी दीपक सैनी की टीम शामिल रही।
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