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Banda News: सिपाही आत्महत्या कांड का हनीट्रैप कनेक्शन, संदिग्ध मोबाइल नंबर, चैट और लेनदेन खंगाले
Tue, 05 May 2026 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 05 May 2026 12:18 AM IST
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बांदा। मरका थाने में डायल-112 में चालक पद तैनात सिपाही गौरव कुमार यादव 15 जनवरी को अपनी पत्नी शिवानी और तीन वर्षीय मासूम बेटी परी की हत्या के बाद खुद नदी में कूदकर आत्महत्या के सनसनीखेज मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस पड़ताल में हनीट्रैप का एंगल सामने आया है, जिसमें सिपाही से कथित तौर पर लाखों रुपये की मांग की जा रही थी। इस दबाव ने उसकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला, जिसकी कड़ियां अब जांच में जोड़ी जा रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार सिपाही गौरव कुमार यादव इस पूरे मामले को परिवार से अलग रहकर खुद सुलझाने की कोशिश कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह लगातार तनाव में था और बाहरी दबाव से जूझ रहा था। हालांकि सभी पहलुओं को बराबरी से परखते हुए साइबर और सर्विलांस टीमों ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों, चैट और लेनदेन के आधार पर कुछ लोगों की पहचान पुख्ता की है। मामले में शामिल लोगों तक पहुंचने के लिए डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का दावा है कि जांच अब फाइनल स्टेज पर है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि किन परिस्थितियों में सिपाही इतना बड़ा कदम उठाने की ओर बढ़ा। उसके कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और व्यक्तिगत संपर्कों की गहन जांच की जा रही है, ताकि घटना के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया जा सके।
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जल्द पेश होगी चार्जशीट
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के मुताबिक सभी साक्ष्य जुटाकर जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इसके साथ ही हनीट्रैप में शामिल लोगों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार सिपाही गौरव कुमार यादव इस पूरे मामले को परिवार से अलग रहकर खुद सुलझाने की कोशिश कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह लगातार तनाव में था और बाहरी दबाव से जूझ रहा था। हालांकि सभी पहलुओं को बराबरी से परखते हुए साइबर और सर्विलांस टीमों ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों, चैट और लेनदेन के आधार पर कुछ लोगों की पहचान पुख्ता की है। मामले में शामिल लोगों तक पहुंचने के लिए डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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पुलिस का दावा है कि जांच अब फाइनल स्टेज पर है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि किन परिस्थितियों में सिपाही इतना बड़ा कदम उठाने की ओर बढ़ा। उसके कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और व्यक्तिगत संपर्कों की गहन जांच की जा रही है, ताकि घटना के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया जा सके।
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अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के मुताबिक सभी साक्ष्य जुटाकर जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इसके साथ ही हनीट्रैप में शामिल लोगों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।