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Banda News: मानमनौवल के लिए पहुंचे राज्यमंत्री, दो किसानों का नहीं तोड़ सकें अनशन
Wed, 08 Jul 2026 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 08 Jul 2026 12:01 AM IST
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मंडलायुक्त अजीत सिंह को ज्ञापन देती शालिनी सिंह व अन्य लोग। स्रोत: संगठन
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बांदा। 22 दिन से धरना और छह दिन से भूख हड़ताल पर बैठे किसानों को मनाने के लिए जल शक्ति राज्य मंत्री अधिकारियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। काफी मान-मनौव्वल के बाद उन्होंने चार किसानों को जूस तो पिलाया, लेकिन दो किसानों ने जूस न पीने व आंदोलन समाप्त करने से मना कर दिया। जिसके बाद राज्य मंत्री व अधिकारी लौट गए। किसानों के ज्ञापन पर मंडलायुक्त ने समिति का गठन कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल धरना जारी रहेगा। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले इस धरने को समाप्त करने के लिए प्रशासन ने हाथ-पैर मारना शुरू कर दिए हैं।
अशोक लाट तिराहा पर 22 दिनों से किसान धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें पिछले छह दिन से छह किसान भूख हड़ताल कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि सदर तहसील क्षेत्र के अमलीकौर और लोहरा गांव में चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितता की गई है। वह इसकी निष्पक्ष जांच के लिए आंदोलन कर रहे हैं। नौ जुलाई को मुख्यमंत्री का आगमन होना है। ऐसे में प्रशासन ने इस आंदोलन को बीच-बचाव करके समाप्त कराने का प्रयास मंगलवार को किया।
जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद व प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांग पूरी करने का आश्वासन देते हुए धरना समाप्त करने के लिए कहा। काफी देर बातचीत के बाद राज्य मंत्री ने आमरण अनशन पर चार किसानों को किसी तरह से जूस पिलाया, लेकिन वहां मौजूद दो किसान संतोष सिंह व अर्पित ने जूस पीने से मना किया और कहा कि यह आंदोलन ठोस आश्वासन नहीं मिलने तक जारी रहेगा। इसके बाद शालिनी सिंह पटेल की अगुवाई में किसान मंडलायुक्त अजीत सिंह से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
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जिसमें प्रकरण की जांच के लिए समिति का गठन और किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से मिलाने की मांग रखी गई। शालिनी सिंह पटेल ने बताया कि मंडलायुक्त ने मांगों पर विचार करते हुए तुरंत समिति का गठन करने के निर्देश दिए। इसमें चित्रकूट, हमीरपुर, बांदा के अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह पूरा प्रयास करेंगे कि किसानों का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रख सके।
उन्होंने बताया कि आंदोलन अभी जारी रहेगा, जब तक किसानों को न्याय नहीं मिल जाता है। इस मौके पर रावेंद्र सिंह, नवरतन सिंह, सद्दाम हुसैन, प्रेम सिंह, राजवीर सिंह, नारायण सिंह, ओमप्रकाश सिंह, राम सिंह, गौरव सिंह, राजेश, बृजेश, गुड़िया देवी आदि मौजूद रहे।
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अशोक लाट तिराहा पर 22 दिनों से किसान धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें पिछले छह दिन से छह किसान भूख हड़ताल कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि सदर तहसील क्षेत्र के अमलीकौर और लोहरा गांव में चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितता की गई है। वह इसकी निष्पक्ष जांच के लिए आंदोलन कर रहे हैं। नौ जुलाई को मुख्यमंत्री का आगमन होना है। ऐसे में प्रशासन ने इस आंदोलन को बीच-बचाव करके समाप्त कराने का प्रयास मंगलवार को किया।
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जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद व प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांग पूरी करने का आश्वासन देते हुए धरना समाप्त करने के लिए कहा। काफी देर बातचीत के बाद राज्य मंत्री ने आमरण अनशन पर चार किसानों को किसी तरह से जूस पिलाया, लेकिन वहां मौजूद दो किसान संतोष सिंह व अर्पित ने जूस पीने से मना किया और कहा कि यह आंदोलन ठोस आश्वासन नहीं मिलने तक जारी रहेगा। इसके बाद शालिनी सिंह पटेल की अगुवाई में किसान मंडलायुक्त अजीत सिंह से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
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जिसमें प्रकरण की जांच के लिए समिति का गठन और किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से मिलाने की मांग रखी गई। शालिनी सिंह पटेल ने बताया कि मंडलायुक्त ने मांगों पर विचार करते हुए तुरंत समिति का गठन करने के निर्देश दिए। इसमें चित्रकूट, हमीरपुर, बांदा के अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह पूरा प्रयास करेंगे कि किसानों का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रख सके।
उन्होंने बताया कि आंदोलन अभी जारी रहेगा, जब तक किसानों को न्याय नहीं मिल जाता है। इस मौके पर रावेंद्र सिंह, नवरतन सिंह, सद्दाम हुसैन, प्रेम सिंह, राजवीर सिंह, नारायण सिंह, ओमप्रकाश सिंह, राम सिंह, गौरव सिंह, राजेश, बृजेश, गुड़िया देवी आदि मौजूद रहे।