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Banda News: किसान के लापता होने के मामले में नए तथ्य जुड़े, पुलिस बता रही हिस्ट्रीशीटर सजायाफ्ता
Thu, 09 Jul 2026 11:06 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:06 PM IST
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बांदा। मटौंध थाना क्षेत्र के गांव ग्योरा मुगली निवासी किसान फारूख के लापता होने के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। परिजन जिसे किसान बता रहे हैं, वह पुलिस रिकार्ड में हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। उसके खिलाफ 18 मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही उसके भाई के खिलाफ 24 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें दोनों भाइयों को आजीवन कारावास की सजा भी मिल चुकी है। उन्होंने हाईकोर्ट में अपील भी की थी, लेकिन आठ जून 2026 को उनकी अपील हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है। साथ ही गिरफ्तारी के लिए वारंट भी जारी हो चुके हैं।
मटौंध थाना क्षेत्र के ग्योरा मुगली निवासी फारूख बीते 12 जून को घर से खेत की जोताई करने के लिए निकला था। उसके बाद वह घर नहीं लौटा, परिजनों ने बीते दिनों पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर हत्या किए जाने की आशंका जता रहे थे। क्योंकि ट्रैक्टर के साथ उसकी चप्पलें व अन्य सामान मिला था। मटौंध थाना इंस्पेक्टर दीपेंद्र सिंह ने बताया कि फारूख और उसका भाई फीमा दोनों हिस्ट्रीशीटर हैं। फारूख के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमले समेत 18 मुकदमे दर्ज हैं।
जबकि फीमा के खिलाफ 24 मुकदमे हैं। दोनों भाइयों ने वर्ष 2002 में शहर कोतवाली क्षेत्र में हत्या की थी। जिसमें उन्हें न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा सुनाई जाने के बाद दोनों ने हाईकोर्ट में अपील डाली थी। जो आठ जून 2026 में खारिज हो चुकी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी हो चुका है।
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जेल जाने से बचने के लिए दोनों भाई फरार हो गए हैं। इंस्पेक्टर ने संदेह जताया है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए परिजनों ने नया हथकंडा अपनाया है। हालांकि पुलिस के पास अब तक ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित हो सके कि फारूख गिरफ्तारी से बचने के लिए लापता हुआ है।
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मटौंध थाना क्षेत्र के ग्योरा मुगली निवासी फारूख बीते 12 जून को घर से खेत की जोताई करने के लिए निकला था। उसके बाद वह घर नहीं लौटा, परिजनों ने बीते दिनों पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर हत्या किए जाने की आशंका जता रहे थे। क्योंकि ट्रैक्टर के साथ उसकी चप्पलें व अन्य सामान मिला था। मटौंध थाना इंस्पेक्टर दीपेंद्र सिंह ने बताया कि फारूख और उसका भाई फीमा दोनों हिस्ट्रीशीटर हैं। फारूख के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमले समेत 18 मुकदमे दर्ज हैं।
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जबकि फीमा के खिलाफ 24 मुकदमे हैं। दोनों भाइयों ने वर्ष 2002 में शहर कोतवाली क्षेत्र में हत्या की थी। जिसमें उन्हें न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा सुनाई जाने के बाद दोनों ने हाईकोर्ट में अपील डाली थी। जो आठ जून 2026 में खारिज हो चुकी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी हो चुका है।
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जेल जाने से बचने के लिए दोनों भाई फरार हो गए हैं। इंस्पेक्टर ने संदेह जताया है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए परिजनों ने नया हथकंडा अपनाया है। हालांकि पुलिस के पास अब तक ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित हो सके कि फारूख गिरफ्तारी से बचने के लिए लापता हुआ है।