{"_id":"6a57cdca0887e947840d67cd","slug":"no-buses-available-for-the-fatehpur-mahoba-route-after-730-pm-banda-news-c-212-1-sknp1006-149699-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: फतेहपुर- महोबा के लिए शाम साढ़े सात बजे के बाद नहीं मिलती बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: फतेहपुर- महोबा के लिए शाम साढ़े सात बजे के बाद नहीं मिलती बसें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय में परिवहन का हाल
- नौ बजे के बाद चित्रकूट के लिए भी नहीं है बस सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल का मुख्यालय बांदा। जहां से दिन व रात सभी रूटों पर बस सेवाएं होनी चाहिए। वहां शाम होते ही बसों का टोटा हो जाता है। हाल यह है कि जिस चित्रकूट के नाम पर मंडल का नाम है। वहां के लिए रात नौ बजे के बाद बांदा से कोई बस सेवा नहीं है। कुछ ऐसा ही हाल फतेहपुर और महोबा जनपद के लिए चलने वाली सेवा का है।
बांदा रोडवेज डिपो से फतेहपुर और महोबा के लिए रात साढ़े सात बजे के बाद बस सेवा बंद हो जाती है। जबकि चित्रकूट जाने के लिए अंतिम बस नौ बजे रवाना होती है। जबकि चित्रकूट एक बड़ा पर्यटन स्थल हैं और यहां पर रोजाना हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं लेकिन बांदा से बस सेवा रात में नहीं मिलती है। इसी तरह से बांदा के सीमावर्ती जनपद फतेहपुर और महोबा की यात्रा करने के लिए आपको रात साढ़े सात से पहले बांदा बस स्टैंड पहुंचना पड़ेगा। ऐसे में अधिकांश यात्री दिन में ही यात्रा करते हैं या फिर रेलवे का सहारा लेकर अपने गंतव्य को रवाना होते हैं। बांदा डिपो में वर्तमान समय में निगम की 155 और अनुबंधित तीन बसें संचालित हो रही है। यात्रियों का कहना है कि सभी रूटों पर अंतिम बस का समय बढ़ाया जाए। जिससे देर रात तक लोगों को आवागमन की सेवा मिल सके।
डिपो की वरिष्ठ केंद्र प्रभारी सुशीला देवी ने बताया कि यात्रियों की उपलब्धता के अनुसार ही गाड़ियों का संचालन होता है। अगर रोजाना यात्री आते हैं तो महोबा, फतेहपुर और चित्रकूट रूट पर अंतिम बस का समय बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
- नौ बजे के बाद चित्रकूट के लिए भी नहीं है बस सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल का मुख्यालय बांदा। जहां से दिन व रात सभी रूटों पर बस सेवाएं होनी चाहिए। वहां शाम होते ही बसों का टोटा हो जाता है। हाल यह है कि जिस चित्रकूट के नाम पर मंडल का नाम है। वहां के लिए रात नौ बजे के बाद बांदा से कोई बस सेवा नहीं है। कुछ ऐसा ही हाल फतेहपुर और महोबा जनपद के लिए चलने वाली सेवा का है।
बांदा रोडवेज डिपो से फतेहपुर और महोबा के लिए रात साढ़े सात बजे के बाद बस सेवा बंद हो जाती है। जबकि चित्रकूट जाने के लिए अंतिम बस नौ बजे रवाना होती है। जबकि चित्रकूट एक बड़ा पर्यटन स्थल हैं और यहां पर रोजाना हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं लेकिन बांदा से बस सेवा रात में नहीं मिलती है। इसी तरह से बांदा के सीमावर्ती जनपद फतेहपुर और महोबा की यात्रा करने के लिए आपको रात साढ़े सात से पहले बांदा बस स्टैंड पहुंचना पड़ेगा। ऐसे में अधिकांश यात्री दिन में ही यात्रा करते हैं या फिर रेलवे का सहारा लेकर अपने गंतव्य को रवाना होते हैं। बांदा डिपो में वर्तमान समय में निगम की 155 और अनुबंधित तीन बसें संचालित हो रही है। यात्रियों का कहना है कि सभी रूटों पर अंतिम बस का समय बढ़ाया जाए। जिससे देर रात तक लोगों को आवागमन की सेवा मिल सके।
विज्ञापन
डिपो की वरिष्ठ केंद्र प्रभारी सुशीला देवी ने बताया कि यात्रियों की उपलब्धता के अनुसार ही गाड़ियों का संचालन होता है। अगर रोजाना यात्री आते हैं तो महोबा, फतेहपुर और चित्रकूट रूट पर अंतिम बस का समय बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन