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Banda News: सर सैयद जयंती पर साझा किए एएमयू के अनुभव
Mon, 19 Oct 2026 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 19 Oct 2026 12:26 AM IST
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बांदा। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के संस्थापक और मशहूर शिक्षाविद सर सैयद अहमद खां की जयंती पर शनिवार देर शाम एचएम सिद्दीकी मेमोरियल इंटर कॉलेज में समारोह आयोजित किया गया। पुरातन छात्र-छात्राओं ने अनुभव साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
जीजीआईसी बांदा की शिक्षिका डॉ. महजबी खान ने विश्वविद्यालय में बिताए दिनों को याद किया। पुरातन छात्र और चिकित्सक डॉ. मगफूर और डॉ. मस्जूद ने कहा कि एएमयू सिर्फ तालीम का केंद्र नहीं, बल्कि सर सैयद की सोच का नमूना है। प्रवक्ता डॉ. सबीहा रहमानी ने सर सैयद को विश्व का मार्गदर्शक बताया। नवनियुक्त पीसीएस अधिकारी मो. तौसीफ ने युवाओं से शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की।
जीआईसी की उर्दू शिक्षिका पुष्पा राजन ने कविता और शायरी से भाव व्यक्त किए। डीसीडीएफ के पूर्व अध्यक्ष लाखन सिंह ने कहा कि मिर्जा गालिब ने सर सैयद को प्रेरणा दी। हथौरा मदरसे के मौलाना शकील अहमद ने तिलावत के बाद संबोधित किया। शायर डॉ. खालिद इजहार ने नात और नज्म पेश की।
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फखरे आलम और बशीर तालिब ने शायरी के जरिये सर सैयद को खिराज-ए-अकीदत पेश की। मुफ्ती मौलाना नजीब अहमद (हथौरा), सैयद मुन्ने मगरबी, हाजी गुलाम मुस्तफा, मो. इदरीस, शब्बीर अली बबलू, मो. शाकिर, मुशीर अहमद, मुजीब अहमद, पूर्व एओ सईद अहमद, इमरान अली राजू, मो. असलम, एचएमएस स्कूल के मुसाब अहमद, मो. अनवर, खुर्शीद और इरफान सहित अन्य मौजूद रहे।
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जीजीआईसी बांदा की शिक्षिका डॉ. महजबी खान ने विश्वविद्यालय में बिताए दिनों को याद किया। पुरातन छात्र और चिकित्सक डॉ. मगफूर और डॉ. मस्जूद ने कहा कि एएमयू सिर्फ तालीम का केंद्र नहीं, बल्कि सर सैयद की सोच का नमूना है। प्रवक्ता डॉ. सबीहा रहमानी ने सर सैयद को विश्व का मार्गदर्शक बताया। नवनियुक्त पीसीएस अधिकारी मो. तौसीफ ने युवाओं से शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की।
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जीआईसी की उर्दू शिक्षिका पुष्पा राजन ने कविता और शायरी से भाव व्यक्त किए। डीसीडीएफ के पूर्व अध्यक्ष लाखन सिंह ने कहा कि मिर्जा गालिब ने सर सैयद को प्रेरणा दी। हथौरा मदरसे के मौलाना शकील अहमद ने तिलावत के बाद संबोधित किया। शायर डॉ. खालिद इजहार ने नात और नज्म पेश की।
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फखरे आलम और बशीर तालिब ने शायरी के जरिये सर सैयद को खिराज-ए-अकीदत पेश की। मुफ्ती मौलाना नजीब अहमद (हथौरा), सैयद मुन्ने मगरबी, हाजी गुलाम मुस्तफा, मो. इदरीस, शब्बीर अली बबलू, मो. शाकिर, मुशीर अहमद, मुजीब अहमद, पूर्व एओ सईद अहमद, इमरान अली राजू, मो. असलम, एचएमएस स्कूल के मुसाब अहमद, मो. अनवर, खुर्शीद और इरफान सहित अन्य मौजूद रहे।