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Banda News: बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार मामले में वादी के हुए बयान
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लोगो = अदालत से =
- पाटीदार व पूर्व थानाध्यक्ष की ओर से लगी हाजिरी माफी की अर्जी
- सिपाही अरुण, सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त न्यायालय में हुए पेश
- न्यायालय ने अगली तारीख 31 जुलाई निर्धारित की, तारीख में होंगे वादी के बयान
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। महोबा से बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार मामले में भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में की विशेष अदालत में बुधवार को वादी मुकदमा रविकांत त्रिपाठी के बयान हुए। दो घंटे तक बयान चले। इस मामले में मणिलाल पाटीदार व पूर्व थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला की ओर से उनके अधिवक्ता ने हाजिरी माफी की अर्जी लगाई। जबकि सिपाही अरुण यादव व मामले में सहयोगी रहे सूर्या केमिकल के डीलर सुरेश सोनी व अजय इंटरप्राइजेज के प्रोपाइटर ब्रह्मदत्त अदालत में पेश हुए। न्यायालय ने इस मामले की अगली तारीख अब 31 जुलाई निर्धारित की है।
इसके पूर्व दो जुलाई को हुई न्यायालय में पेशी में अधिवक्ताओं की हड़ताल की वजह से कोई भी आरोपी न्यायालय में पेश नहीं हुए थे और न ही कोई गवाह अदालत में हाजिर हुए थे। जिस पर न्यायाधीश ने अगली तारीख दी थी। बताते चलें कि मणिलाल पाटीदार करीब तीन बार पूर्व में हाजिरी माफी लगाने के बाद 16 जून को न्यायालय में पेश हुए थे। तब से उनकी हाजिरी माफी लग रही है।
न्यायालय में विचाराधीन मामले में मणिलाल पाटीदार पर क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी से प्रतिमाह छह लाख रुपये रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं। इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को रिश्वत मांगने का वीडियो प्रचलित किया था, जिसके बाद आठ सितंबर 2020 को उन्हें गोली लगी और 13 सितंबर 2020 को उनकी मौत हो गई थी। इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर पाटीदार व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसके बाद 22 जुलाई 2021 को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया और मामले की सुनवाई लखनऊ की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में चल रही थी। अब इस मामले की सुनवाई मंडल मुख्यालय बांदा के भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में हो रही है।
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विशेष लोक अभियोजक ने बताया पाटीदार सहित, पूर्व थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला की हाजिरी माफी की अर्जी लगाई गई है, जबकि सिपाही अरुण यादव, ब्रह्मदत्त और सुरेश सोनी न्यायालय में पेशी में आए थे। इस मामले की सुनवाई की अगली तिथि अब 31 जुलाई निर्धारित की गई है। इस मामले में कुल 53 गवाह हैं। सभी के बयान दर्ज किए जाने हैं।
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- पाटीदार व पूर्व थानाध्यक्ष की ओर से लगी हाजिरी माफी की अर्जी
- सिपाही अरुण, सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त न्यायालय में हुए पेश
- न्यायालय ने अगली तारीख 31 जुलाई निर्धारित की, तारीख में होंगे वादी के बयान
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। महोबा से बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार मामले में भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में की विशेष अदालत में बुधवार को वादी मुकदमा रविकांत त्रिपाठी के बयान हुए। दो घंटे तक बयान चले। इस मामले में मणिलाल पाटीदार व पूर्व थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला की ओर से उनके अधिवक्ता ने हाजिरी माफी की अर्जी लगाई। जबकि सिपाही अरुण यादव व मामले में सहयोगी रहे सूर्या केमिकल के डीलर सुरेश सोनी व अजय इंटरप्राइजेज के प्रोपाइटर ब्रह्मदत्त अदालत में पेश हुए। न्यायालय ने इस मामले की अगली तारीख अब 31 जुलाई निर्धारित की है।
इसके पूर्व दो जुलाई को हुई न्यायालय में पेशी में अधिवक्ताओं की हड़ताल की वजह से कोई भी आरोपी न्यायालय में पेश नहीं हुए थे और न ही कोई गवाह अदालत में हाजिर हुए थे। जिस पर न्यायाधीश ने अगली तारीख दी थी। बताते चलें कि मणिलाल पाटीदार करीब तीन बार पूर्व में हाजिरी माफी लगाने के बाद 16 जून को न्यायालय में पेश हुए थे। तब से उनकी हाजिरी माफी लग रही है।
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न्यायालय में विचाराधीन मामले में मणिलाल पाटीदार पर क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी से प्रतिमाह छह लाख रुपये रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं। इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को रिश्वत मांगने का वीडियो प्रचलित किया था, जिसके बाद आठ सितंबर 2020 को उन्हें गोली लगी और 13 सितंबर 2020 को उनकी मौत हो गई थी। इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर पाटीदार व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसके बाद 22 जुलाई 2021 को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया और मामले की सुनवाई लखनऊ की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में चल रही थी। अब इस मामले की सुनवाई मंडल मुख्यालय बांदा के भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में हो रही है।
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विशेष लोक अभियोजक ने बताया पाटीदार सहित, पूर्व थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला की हाजिरी माफी की अर्जी लगाई गई है, जबकि सिपाही अरुण यादव, ब्रह्मदत्त और सुरेश सोनी न्यायालय में पेशी में आए थे। इस मामले की सुनवाई की अगली तिथि अब 31 जुलाई निर्धारित की गई है। इस मामले में कुल 53 गवाह हैं। सभी के बयान दर्ज किए जाने हैं।