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Banda News: अपहरण व एसिड अटैक के मामले में दो दोषियों को सात साल का कारावास
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-स्पेशल डकैती कोर्ट ने सुनाया फैसला
-29 अक्टूबर 2020 की घटना
-पत्नी ने अपने साथी के साथ मिलकर दिया था घटना को अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। स्पेशल, डकैती कोर्ट न्यायाधीश गगन कुमार भारती ने अपहरण कर तेजाब डालकर युवक को जलाने के मामले में पीड़ित की पत्नी व उसके साथी को सात-सात वर्ष का कारावास और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
बबेरू के गांव फफूंदी निवासी महेंद्र कुशवाहा ने देहात कोतवाली में 31 अक्टूबर 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था कि वह घटना के समय बांदा शहर के गायत्री नगर मोहल्ले में परिवार के साथ रहकर मजदूरी करता था। 29 अक्टूबर 2020 को पत्नी संताेषी उसे योजनाबद्ध तरीके से बीमा का पैसा दिलाने के नाम पर गांव हथौड़ा ले गई, लेकिन वहां पैसा नहीं मिला। पत्नी ने अपने साथी देहात कोतवाली क्षेत्र के दोहा गांव निवासी प्रधान गुप्ता उर्फ सत्यप्रकाश को बुला लिया। दोनों उसे बातों में उलझाए रहे। इस बीच पत्नी संतोषी के साथी प्रधान गुप्ता ने उसे लात मारकर गिरा दिया और उसकी पत्नी ने उसके दोनों पैर बांधकर संतोषी ने तेजाब की बोतल अपने साथी को दी। प्रधान गुप्ता ने उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया, घटना के बाद दोनों चारपहिया गाड़ी में डालकर चित्रकूट की ओर ले गए और पुलिया के ऊपर से पानी में फेंक दिया।
वह किसी तरह पानी से निकलकर बाहर आया और सड़क मार्ग से चलकर बदौसा पहुंचा। एक बुजुर्ग की मदद से बदौसा थाने गया। थाने से कहा गया कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज कराओ। तब उसने देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की तत्कालीन विवेचक विजय कुमार ओझा ने विवेचना की और आरोप पत्र छह दिसंबर 2020 को न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से छह गवाह प्रस्तुत किए गए। अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने संतोषी व उसके साथी को अपहरण व एसिड अटैक का दोषी पाया। न्यायालय ने दोनों दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास व 12-12 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।
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-29 अक्टूबर 2020 की घटना
-पत्नी ने अपने साथी के साथ मिलकर दिया था घटना को अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। स्पेशल, डकैती कोर्ट न्यायाधीश गगन कुमार भारती ने अपहरण कर तेजाब डालकर युवक को जलाने के मामले में पीड़ित की पत्नी व उसके साथी को सात-सात वर्ष का कारावास और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
बबेरू के गांव फफूंदी निवासी महेंद्र कुशवाहा ने देहात कोतवाली में 31 अक्टूबर 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था कि वह घटना के समय बांदा शहर के गायत्री नगर मोहल्ले में परिवार के साथ रहकर मजदूरी करता था। 29 अक्टूबर 2020 को पत्नी संताेषी उसे योजनाबद्ध तरीके से बीमा का पैसा दिलाने के नाम पर गांव हथौड़ा ले गई, लेकिन वहां पैसा नहीं मिला। पत्नी ने अपने साथी देहात कोतवाली क्षेत्र के दोहा गांव निवासी प्रधान गुप्ता उर्फ सत्यप्रकाश को बुला लिया। दोनों उसे बातों में उलझाए रहे। इस बीच पत्नी संतोषी के साथी प्रधान गुप्ता ने उसे लात मारकर गिरा दिया और उसकी पत्नी ने उसके दोनों पैर बांधकर संतोषी ने तेजाब की बोतल अपने साथी को दी। प्रधान गुप्ता ने उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया, घटना के बाद दोनों चारपहिया गाड़ी में डालकर चित्रकूट की ओर ले गए और पुलिया के ऊपर से पानी में फेंक दिया।
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वह किसी तरह पानी से निकलकर बाहर आया और सड़क मार्ग से चलकर बदौसा पहुंचा। एक बुजुर्ग की मदद से बदौसा थाने गया। थाने से कहा गया कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज कराओ। तब उसने देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की तत्कालीन विवेचक विजय कुमार ओझा ने विवेचना की और आरोप पत्र छह दिसंबर 2020 को न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से छह गवाह प्रस्तुत किए गए। अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने संतोषी व उसके साथी को अपहरण व एसिड अटैक का दोषी पाया। न्यायालय ने दोनों दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास व 12-12 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।
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