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Banda News: बसों में लू से बचाव के लिए पानी-ओआरएस नदारद
Tue, 05 May 2026 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 05 May 2026 12:26 AM IST
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बांदा। भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में यात्रियों को लू से बचाव के लिए आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। शासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद बसों में ठंडा पानी और ओआरएस उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
यात्रियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है, प्राथमिक उपचार की सुविधाएं भी नदारद हैं। सरकार ने लू से निपटने के लिए विशेष निर्देश जारी किए थे। इनमें बस स्टेशनों पर ठंडे पानी और बसों में तीन से पांच लीटर ठंडा पानी व ओआरएस पैकेट रखने के निर्देश थे। यात्री रामभवन ने बताया कि उनकी पत्नी को उल्टी होने पर कंडक्टर ने पानी या दवा नहीं दी। सरजू ने कहा कि बसों में प्राथमिक उपचार पेटी केवल दिखावा हैं और उनमें आवश्यक दवाएं नहीं हैं।
यात्री शंभू ने बताया कि बसों को भीषण गर्मी में 20-20 मिनट तक धूप में खड़ा किया जाता है। कंडक्टरों का कहना है कि उन्हें पानी-ओआरएस रखने के स्पष्ट निर्देश नहीं मिले या सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। कई कंडक्टर आपातकालीन स्थिति के लिए अपनी जेब से कुछ दवाएं खरीदकर रखते हैं।
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क्षेत्रीय प्रबंधक का बयान
क्षेत्रीय प्रबंधक रामलवट औलट का कहना है कि कंडक्टरों को बसों को छाया में खड़ा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक बस को प्रतिदिन 20-20 ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके विपरीत दिखती है। शासन द्वारा अधिकृत ढाबों में भी छाया की व्यवस्था नहीं है।
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यात्रियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है, प्राथमिक उपचार की सुविधाएं भी नदारद हैं। सरकार ने लू से निपटने के लिए विशेष निर्देश जारी किए थे। इनमें बस स्टेशनों पर ठंडे पानी और बसों में तीन से पांच लीटर ठंडा पानी व ओआरएस पैकेट रखने के निर्देश थे। यात्री रामभवन ने बताया कि उनकी पत्नी को उल्टी होने पर कंडक्टर ने पानी या दवा नहीं दी। सरजू ने कहा कि बसों में प्राथमिक उपचार पेटी केवल दिखावा हैं और उनमें आवश्यक दवाएं नहीं हैं।
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यात्री शंभू ने बताया कि बसों को भीषण गर्मी में 20-20 मिनट तक धूप में खड़ा किया जाता है। कंडक्टरों का कहना है कि उन्हें पानी-ओआरएस रखने के स्पष्ट निर्देश नहीं मिले या सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। कई कंडक्टर आपातकालीन स्थिति के लिए अपनी जेब से कुछ दवाएं खरीदकर रखते हैं।
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क्षेत्रीय प्रबंधक का बयान
क्षेत्रीय प्रबंधक रामलवट औलट का कहना है कि कंडक्टरों को बसों को छाया में खड़ा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक बस को प्रतिदिन 20-20 ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके विपरीत दिखती है। शासन द्वारा अधिकृत ढाबों में भी छाया की व्यवस्था नहीं है।