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Banda News: चंद्रावल नदी में पानी रपटा पुल के ऊपर, 70 हजार की आबादी कैद
Fri, 07 Aug 2026 11:06 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:06 PM IST
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फोटो 11- अमारा-गौरी कला में रपटा पुल के ऊपर से बहता पानी व मौजूद पुलिस बल।
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बांदा/जसपुरा। तीन दिन से हो रही बारिश से यमुना, केन के बाद चंद्रावल नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। हालात यह है कि अमारा-गौरी कला में चंद्रावल नदी पर बना रपटा पुल डूब गया है।
नदी का पानी रपटा पुल के ऊपर से बह रह है। इससे करीब 70-75 हजार की आबादी घरों में कैद हो गई है। पुलिस ने चौकसी शुरू कर दी है। पुल से आवागमन न करने के निर्देश पुलिस ने दिए हैं।
जसपुरा के अमारा-गौरी कला में चंद्रावल नदी पर बना रपटा पुल डूब गया है। नदी का पानी, रपटा पुल के ऊपर से बहने इस गांव से जुड़े पांच बड़े गांव अमारा, कुटी डेरा, बरेहटा, रामपुर, मड़ौली व 30 मजरे प्रभावित हैं। एक बड़े गांव की आबादी लगभग 10 हजार है।
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इसी तरह से मजरों में एक मजरे में 1500 से दो हजार लोग रहते हैं। ऐसे में पांच गावों की करीब 50 हजार आबादी मिला दें तो तकरीबन 70-75 हजार की आबादी के आवागमन का संकट पैदा हो गया है। यह सभी चंद्रावल नदी में पानी उफनाने से प्रभावित हैं। हालांकि गांव के अंदर पानी नहीं घुसता है।
जसपुरा थाना इंस्पेक्टर ऋषिदेव सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे से अमारा-गौरी कला में चंद्रावल नदी पर बना रपटा पुल पर पानी का बहाव तेज हो गया था। आसपास के करीब 15 गांवों के लोगों को भी सतर्क कर दिया गया है। पुलिस की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है।
जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल और राहत दल भी तैनात किए जाएंगे। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान नदी और रपटा पुल के पास अनावश्यक भीड़ न लगाएं। बच्चों और मवेशियों को नदी की ओर न जाने दें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस डायल-112 में देने को कहा गया है।
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हमीरपुर-बांदा आने-जाने के लिए यही एक मार्ग, नहीं तो 20 किलोमीटर का चक्कर
बांदा। हमीरपुर व बांदा आने-जाने के लिए यही एक मार्ग होने से अब उन्हें करीब 20 किलोमीटर का चक्कर लगाकर कैथी गड़रिया गांव से घूमकर जाना पड़ेगा। इससे उनका समय और रास्ता भी काफी घुमावदार व कच्चा मार्ग होने से परेशानी से भरा रहेगा। ज्यादातर ग्रामीण इस रपटे से न होकर नाव से सफर करते हैं। जसपुरा थाना इंस्पेक्टर ऋषिदेव सिंह ने बताया कि चंद्रावल नदी का रपटा कोई पार न करने पाए इसके लिए एहतियात के तौर पर शिफ्ट वार पुलिस तैनात की गई है। (संवाद)
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उफनाए बरसाती नालों में अब तक तीन की मौत
बांदा। जिले में तकरीबन 15 छोटे-बड़े रपटे हैं। इनमें कुछ बरसाती नाले हैं। जिनसे होकर ग्रामीणों का आवागमन होता है। बीते दिवस देहात कोतवाली क्षेत्र के छनेहरा लालपुर गांव स्थित बरसाती नाले के रपटे से 17 वर्षीय आरती का पैर फिसल जाने से डूब गई थी, उसका शव मिल गया है।
इसी तरह से तिंदवारी थाना क्षेत्र के माचाहार के पास उसरा नाला चेकडैम में भैंस निकालते समय बबेरू के अजय की पानी में बह जाने से मौत हो गई थी।चिल्ला के दतरौली गांव स्थित नाले में रेखा नाम की महिला की पानी में डूबकर मौत हो गई थी। बारिश के पानी से इस समय सभी नाला-नालियां उफान पर चल रही हैं।
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केन का जलस्तर घटा यमुना में बढ़ोतरी जारी
बांदा। जनपद में लगातार जारी बारिश के बीच नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
शुक्रवार दोपहर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार केन नदी का जलस्तर घट रहा है जबकि यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि दोनों नदियां अभी अपने चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, जिससे फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
भूरागढ़ गेज स्टेशन पर केन नदी का जलस्तर 93.64 मीटर दर्ज किया गया, जो लगातार घटने की प्रवृत्ति में है। केन नदी का चेतावनी स्तर 103.00 मीटर, खतरे का स्तर 104.00 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 113.29 मीटर निर्धारित है। वहीं चिल्लाघाट गेज स्टेशन पर यमुना नदी का जलस्तर 86.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो बढ़ने की प्रवृत्ति में है। यमुना नदी का चेतावनी स्तर 99.00 मीटर, खतरे का स्तर 100.00 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर 105.16 मीटर निर्धारित है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। (संवाद)
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जर्जर बागेन नदी पुल के पुनर्निर्माण की मांग
अतर्रा (बांदा)। बदौसा कस्बे में नेशनल हाईवे बांदा-प्रयागराज पर स्थित बागेन नदी पर जर्जर पुल राहगीरों और वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। लोगों ने कई बार पुल के पुनर्निर्माण की मांग की लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
यह पुल बांदा, चित्रकूट और प्रयागराज को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग में है, जिससे प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इसी पुल से आवागमन करते हैं।
स्थानीय राजेश गुप्ता, विजय यादव, रामजस निषाद, विनोद गांधी और रज्जु वर्मा ने बताया कि बारिश में पुल के स्लैब से कंक्रीट झड़ रही है। कई स्थानों पर रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सत्यम तिवारी और अनिल गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है कि पुल का निरीक्षण कराकर उसके पुनर्निर्माण को मंजूरी दी जाए। (संवाद)
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नदी का पानी रपटा पुल के ऊपर से बह रह है। इससे करीब 70-75 हजार की आबादी घरों में कैद हो गई है। पुलिस ने चौकसी शुरू कर दी है। पुल से आवागमन न करने के निर्देश पुलिस ने दिए हैं।
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जसपुरा के अमारा-गौरी कला में चंद्रावल नदी पर बना रपटा पुल डूब गया है। नदी का पानी, रपटा पुल के ऊपर से बहने इस गांव से जुड़े पांच बड़े गांव अमारा, कुटी डेरा, बरेहटा, रामपुर, मड़ौली व 30 मजरे प्रभावित हैं। एक बड़े गांव की आबादी लगभग 10 हजार है।
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इसी तरह से मजरों में एक मजरे में 1500 से दो हजार लोग रहते हैं। ऐसे में पांच गावों की करीब 50 हजार आबादी मिला दें तो तकरीबन 70-75 हजार की आबादी के आवागमन का संकट पैदा हो गया है। यह सभी चंद्रावल नदी में पानी उफनाने से प्रभावित हैं। हालांकि गांव के अंदर पानी नहीं घुसता है।
जसपुरा थाना इंस्पेक्टर ऋषिदेव सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे से अमारा-गौरी कला में चंद्रावल नदी पर बना रपटा पुल पर पानी का बहाव तेज हो गया था। आसपास के करीब 15 गांवों के लोगों को भी सतर्क कर दिया गया है। पुलिस की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है।
जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल और राहत दल भी तैनात किए जाएंगे। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान नदी और रपटा पुल के पास अनावश्यक भीड़ न लगाएं। बच्चों और मवेशियों को नदी की ओर न जाने दें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस डायल-112 में देने को कहा गया है।
हमीरपुर-बांदा आने-जाने के लिए यही एक मार्ग, नहीं तो 20 किलोमीटर का चक्कर
बांदा। हमीरपुर व बांदा आने-जाने के लिए यही एक मार्ग होने से अब उन्हें करीब 20 किलोमीटर का चक्कर लगाकर कैथी गड़रिया गांव से घूमकर जाना पड़ेगा। इससे उनका समय और रास्ता भी काफी घुमावदार व कच्चा मार्ग होने से परेशानी से भरा रहेगा। ज्यादातर ग्रामीण इस रपटे से न होकर नाव से सफर करते हैं। जसपुरा थाना इंस्पेक्टर ऋषिदेव सिंह ने बताया कि चंद्रावल नदी का रपटा कोई पार न करने पाए इसके लिए एहतियात के तौर पर शिफ्ट वार पुलिस तैनात की गई है। (संवाद)
उफनाए बरसाती नालों में अब तक तीन की मौत
बांदा। जिले में तकरीबन 15 छोटे-बड़े रपटे हैं। इनमें कुछ बरसाती नाले हैं। जिनसे होकर ग्रामीणों का आवागमन होता है। बीते दिवस देहात कोतवाली क्षेत्र के छनेहरा लालपुर गांव स्थित बरसाती नाले के रपटे से 17 वर्षीय आरती का पैर फिसल जाने से डूब गई थी, उसका शव मिल गया है।
इसी तरह से तिंदवारी थाना क्षेत्र के माचाहार के पास उसरा नाला चेकडैम में भैंस निकालते समय बबेरू के अजय की पानी में बह जाने से मौत हो गई थी।चिल्ला के दतरौली गांव स्थित नाले में रेखा नाम की महिला की पानी में डूबकर मौत हो गई थी। बारिश के पानी से इस समय सभी नाला-नालियां उफान पर चल रही हैं।
केन का जलस्तर घटा यमुना में बढ़ोतरी जारी
बांदा। जनपद में लगातार जारी बारिश के बीच नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
शुक्रवार दोपहर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार केन नदी का जलस्तर घट रहा है जबकि यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि दोनों नदियां अभी अपने चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, जिससे फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
भूरागढ़ गेज स्टेशन पर केन नदी का जलस्तर 93.64 मीटर दर्ज किया गया, जो लगातार घटने की प्रवृत्ति में है। केन नदी का चेतावनी स्तर 103.00 मीटर, खतरे का स्तर 104.00 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 113.29 मीटर निर्धारित है। वहीं चिल्लाघाट गेज स्टेशन पर यमुना नदी का जलस्तर 86.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो बढ़ने की प्रवृत्ति में है। यमुना नदी का चेतावनी स्तर 99.00 मीटर, खतरे का स्तर 100.00 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर 105.16 मीटर निर्धारित है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। (संवाद)
जर्जर बागेन नदी पुल के पुनर्निर्माण की मांग
अतर्रा (बांदा)। बदौसा कस्बे में नेशनल हाईवे बांदा-प्रयागराज पर स्थित बागेन नदी पर जर्जर पुल राहगीरों और वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। लोगों ने कई बार पुल के पुनर्निर्माण की मांग की लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
यह पुल बांदा, चित्रकूट और प्रयागराज को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग में है, जिससे प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इसी पुल से आवागमन करते हैं।
स्थानीय राजेश गुप्ता, विजय यादव, रामजस निषाद, विनोद गांधी और रज्जु वर्मा ने बताया कि बारिश में पुल के स्लैब से कंक्रीट झड़ रही है। कई स्थानों पर रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सत्यम तिवारी और अनिल गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है कि पुल का निरीक्षण कराकर उसके पुनर्निर्माण को मंजूरी दी जाए। (संवाद)

फोटो 11- अमारा-गौरी कला में रपटा पुल के ऊपर से बहता पानी व मौजूद पुलिस बल।

फोटो 11- अमारा-गौरी कला में रपटा पुल के ऊपर से बहता पानी व मौजूद पुलिस बल।