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Barabanki News: थानों से विदा होंगे 126 रजिस्टर, सबकुछ होगा ऑनलाइन
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:43 AM IST
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बाराबंकी। थाने या कोतवाली का नाम सुनते ही अब तक दिमाग में मोटे-मोटे रजिस्टरों के ढेर, धूल से भरी अलमारियां और फाइलों में उलझे पुलिसकर्मी की तस्वीर उभरती है, लेकिन अब यह तस्वीर तेजी से बदलने जा रही है। यूपी पुलिस ने थानों में वर्षों से चली आ रही रजिस्टर संस्कृति को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बाराबंकी, अमेठी, सीतापुर और हरदोई जिलों के दो-दो थानों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत अब 132 रजिस्टरों की जगह सिर्फ आठ रजिस्टर ही रखे जाएंगे, बाकी 126 रजिस्टर ऑनलाइन होगा।
बाराबंकी में इस बदलाव की शुरुआत शहर कोतवाली और फतेहपुर कोतवाली से की जा रही है। जिले के 24 थानों में 132 रजिस्टर संचालित हो रहे हैं। इनमें से 72 रजिस्टर तो पारंपरिक पुलिसिंग व्यवस्था के तहत वर्षों से चले आ रहे हैं, जबकि बाकी रजिस्टर समय-समय पर जारी नए आदेशों के चलते जुड़ते गए। हालात यह हो गए कि हर नई व्यवस्था के साथ एक नया रजिस्टर बनता गया। पुलिस के पास पहले से ही क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) जैसा आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म मौजूद है, लेकिन उसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। फिलहाल स्थिति यह है कि केवल एफआईआर दर्ज करने जैसी सीमित सेवाएं ही ऑनलाइन हो रही हैं। अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत नई व्यवस्था लागू होने के बाद थानों में अधिकांश रजिस्टर डिजिटल फॉर्म में परिवर्तित हो जाएंगे और हर एंट्री सीधे कंप्यूटर में दर्ज की जाएगी। इससे न सिर्फ रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, बल्कि उसे कभी भी आसानी से खोजा जा सकेगा।
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बाराबंकी में इस बदलाव की शुरुआत शहर कोतवाली और फतेहपुर कोतवाली से की जा रही है। जिले के 24 थानों में 132 रजिस्टर संचालित हो रहे हैं। इनमें से 72 रजिस्टर तो पारंपरिक पुलिसिंग व्यवस्था के तहत वर्षों से चले आ रहे हैं, जबकि बाकी रजिस्टर समय-समय पर जारी नए आदेशों के चलते जुड़ते गए। हालात यह हो गए कि हर नई व्यवस्था के साथ एक नया रजिस्टर बनता गया। पुलिस के पास पहले से ही क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) जैसा आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म मौजूद है, लेकिन उसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। फिलहाल स्थिति यह है कि केवल एफआईआर दर्ज करने जैसी सीमित सेवाएं ही ऑनलाइन हो रही हैं। अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत नई व्यवस्था लागू होने के बाद थानों में अधिकांश रजिस्टर डिजिटल फॉर्म में परिवर्तित हो जाएंगे और हर एंट्री सीधे कंप्यूटर में दर्ज की जाएगी। इससे न सिर्फ रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, बल्कि उसे कभी भी आसानी से खोजा जा सकेगा।
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