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Barabanki News: कटान रोकने के लिए बनाया नहर जैसा चैनल
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सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी में हो रहा ड्रेजिंग का कार्य। - संवाद
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कोटवाधाम। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी की धारा मोड़कर तटवर्ती गांवों को कटान से बचाने का प्रयास चल रहा है। कोठरीगौरिया गांव के सामने वाराणसी अनुरक्षण खंड द्वारा गाद निकालने का कार्य करीब डेढ़ माह से जारी है। परियोजना का लक्ष्य नदी की आधी धारा मोड़ना है, जिससे आबादी की ओर पानी का दबाव कम हो।
नदी के किनारे बसे गांवों को कटान से रोकने के लिए एक नहर जैसा चैनल बनाया जा रहा है। उत्खनन मशीनों से निर्मित यह चैनल अभी अधूरा है। इसमें पानी छोड़ दिया गया है, जिससे यह अपेक्षित कार्य नहीं कर पा रहा है। अलीनगर रानीमऊ तटबंध के बगल में लोधमऊ गांव के पास भी गाद निकालने वाली मशीन से कार्य हो रहा है। यहां तटबंध के करीब नदी बह रही है, जिससे भविष्य में कटान का खतरा बढ़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि मशीनें तो चल रही हैं, पर नदी अभी किसी ओर जाती नहीं दिख रही है। नदी में पानी आने में अब एक माह से कम समय बचा है। ऐसे में समय पर कार्य पूरा होना बड़ी चुनौती होगी। बाढ़ खंड के यांत्रिक विभाग के रवि केसरी ने बताया कि यह परियोजना गोंडा जिले से संचालित है। इसका कार्य बाराबंकी में हो रहा है। उन्होंने समय पर कार्य पूरा कर क्षेत्र को कटान से बचाने पर जोर दिया।
नदी के किनारे बसे गांवों को कटान से रोकने के लिए एक नहर जैसा चैनल बनाया जा रहा है। उत्खनन मशीनों से निर्मित यह चैनल अभी अधूरा है। इसमें पानी छोड़ दिया गया है, जिससे यह अपेक्षित कार्य नहीं कर पा रहा है। अलीनगर रानीमऊ तटबंध के बगल में लोधमऊ गांव के पास भी गाद निकालने वाली मशीन से कार्य हो रहा है। यहां तटबंध के करीब नदी बह रही है, जिससे भविष्य में कटान का खतरा बढ़ सकता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि मशीनें तो चल रही हैं, पर नदी अभी किसी ओर जाती नहीं दिख रही है। नदी में पानी आने में अब एक माह से कम समय बचा है। ऐसे में समय पर कार्य पूरा होना बड़ी चुनौती होगी। बाढ़ खंड के यांत्रिक विभाग के रवि केसरी ने बताया कि यह परियोजना गोंडा जिले से संचालित है। इसका कार्य बाराबंकी में हो रहा है। उन्होंने समय पर कार्य पूरा कर क्षेत्र को कटान से बचाने पर जोर दिया।