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Barabanki News: जिला अस्पताल में 30 बेड का बनेगा नया वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 05 Apr 2026 12:30 AM IST
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बाराबंकी। जिला अस्पताल परिसर में 30 बेड का नया वार्ड बनाया जाएगा। इस वार्ड के बन जाने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी। अस्पताल प्रशासन ने इसका प्रस्ताव तैयार शासन को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल में मौजूदा समय में बेडों की संख्या 150 है। इसके अलावा 30 बेड की इमरजेंसी संचालित हो रही है। यहां पर प्रतिदिन करीब 1400 से 1800 मरीज इलाज के लिए ओपीडी में आते हैं। इनमें से 15 से 20 मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया जाता है लेकिन कभी-कभी बेड खाली न होने पर इनका प्राथमिक उपचार कर रेफर कर दिया जाता है।
इससे इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। क्योंकि सबसे ज्यादा दबाव इमरजेंसी पर ही रहता है और सबसे ज्यादा मरीज भी यहीं पर ही आते हैं। बेड की कमी की समस्या सबसे ज्यादा यहीं पर रहती है और बेड न होने की वजह से अक्सर मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर किया जाता है।
यही वजह है कि इस 30 बेड के वार्ड को इमरजेंसी के आसपास ही बनाने की तैयारी चल रही है। जिससे की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को इसका लाभ मिल सके। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि इमरजेंसी में बढ़ते दबाव को देखते हुए 30 बेड के एक वार्ड की आवश्यकता है। अस्पताल परिसर में इसे बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जिलाधिकारी से अनुमोदन के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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जिला अस्पताल में मौजूदा समय में बेडों की संख्या 150 है। इसके अलावा 30 बेड की इमरजेंसी संचालित हो रही है। यहां पर प्रतिदिन करीब 1400 से 1800 मरीज इलाज के लिए ओपीडी में आते हैं। इनमें से 15 से 20 मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया जाता है लेकिन कभी-कभी बेड खाली न होने पर इनका प्राथमिक उपचार कर रेफर कर दिया जाता है।
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इससे इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। क्योंकि सबसे ज्यादा दबाव इमरजेंसी पर ही रहता है और सबसे ज्यादा मरीज भी यहीं पर ही आते हैं। बेड की कमी की समस्या सबसे ज्यादा यहीं पर रहती है और बेड न होने की वजह से अक्सर मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर किया जाता है।
यही वजह है कि इस 30 बेड के वार्ड को इमरजेंसी के आसपास ही बनाने की तैयारी चल रही है। जिससे की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को इसका लाभ मिल सके। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि इमरजेंसी में बढ़ते दबाव को देखते हुए 30 बेड के एक वार्ड की आवश्यकता है। अस्पताल परिसर में इसे बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जिलाधिकारी से अनुमोदन के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

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