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Barabanki News: लापरवाही पर सीडीपीओ सूरतगंज का रोका वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 17 Apr 2026 02:13 AM IST
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बाराबंकी। जिला स्तरीय पोषण समिति की समीक्षा डीएम शशांक त्रिपाठी के तेवर काफी सख्त दिखे। डीएम ने लापरवाही मिलने पर बाल विकास परियोजना अधिकारी सूरतगंज का वेतन रोक दिया है। साथ ही उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने पोषण को एक समेकित दायित्व बताया। उन्होंने सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय पर जोर दिया। सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को सीवियर एनीमिक गर्भवती महिलाओं की व्यक्तिगत निगरानी के निर्देश दिए गए।
उन्हें शीघ्र लाभान्वित करने को कहा गया। डीएम ने गंभीर तीव्र कुपोषित (सैम) और मध्यम तीव्र कुपोषित (मैम) बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए सख्त निर्देश दिए। सैम एवं मैम बच्चों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने का आदेश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) टीम को नियमित विजिट के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
पोषण ट्रैकर अनुप्रयोग पर बल
बैठक में पोषण ट्रैकर अनुप्रयोग पर शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया। डीएम ने कहा कि इस माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है। उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी लाभार्थी छूटने न पाए।
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बैठक में पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने पोषण को एक समेकित दायित्व बताया। उन्होंने सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय पर जोर दिया। सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को सीवियर एनीमिक गर्भवती महिलाओं की व्यक्तिगत निगरानी के निर्देश दिए गए।
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उन्हें शीघ्र लाभान्वित करने को कहा गया। डीएम ने गंभीर तीव्र कुपोषित (सैम) और मध्यम तीव्र कुपोषित (मैम) बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए सख्त निर्देश दिए। सैम एवं मैम बच्चों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने का आदेश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) टीम को नियमित विजिट के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
पोषण ट्रैकर अनुप्रयोग पर बल
बैठक में पोषण ट्रैकर अनुप्रयोग पर शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया। डीएम ने कहा कि इस माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है। उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी लाभार्थी छूटने न पाए।

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