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Barabanki News: शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने दूध, बेलपत्र चढ़ा कर मांगा आशीष
Tue, 04 Aug 2026 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 04 Aug 2026 12:53 AM IST
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बाराबंकी। सावन माह के प्रथम सोमवार को जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। भोर से ही मंदिरों में जलाभिषेक और पूजन-अर्चन के लिए लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, सरयू और राप्ती के जल, दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करके परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। मंदिरों में दिनभर बम-बम भोले, ॐ नमः शिवाय व हर हर महादेव के जयघोष से गूंजते रहे।
हैदरगढ़ क्षेत्र के गोमती नदी किनारे स्थित प्राचीन श्री अवसानेश्वर महादेव मंदिर में भी आधी रात के बाद कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। भक्त बगल में गोमती से जल भरकर भगवान शिव का अभिषेक करते रहे। इस दौरान नदी से लेकर मंदिर परिसर तक पुलिस बल निगरानी में जुटा रहा। मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय गिरी के मुताबिक पूरे दिन में करीब 80 हजार श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे।
सिरौलीगौसपुर के किंतूर स्थित महाभारतकालीन कुंतेश्वर महादेव मंदिर में भी आधी रात से जलाभिषेक शुरू हो गया। मान्यता है कि यहां शिवलिंग की स्थापना माता कुंती ने की थी। बाराबंकी ही नहीं, आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु यहां पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा और पुलिस व्यवस्था संभालती रही। यहां जलाभिषेक का सिलसिला आधी रात से शुरू हुआ तो चलता ही रहा। सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में सुबह तीन बजे से जलाभिषेक शुरू हो गया। तहसील प्रशासन और पुलिस की निगरानी में दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा। यहां भी 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर मनोकामनाएं मांगी।
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वनखंडेश्वर महादेव में घंटा किया अर्पण, निकली शोभायात्रा
सूरतगंज। मोहम्मदपुर खाला गांव स्थित प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद घंटा अर्पित किया गया। सावन के पहले सोमवार को घंटा चढ़ाने से पूर्व भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान भजनों और भक्ति गीतों से वातावरण गुंजायमान रहा। शोभायात्रा फूलपुर से शुरू होकर कई गांवों और चौराहों से गुजरी। यह यात्रा सूरतगंज मुख्य चौराहे, पुलिस चौकी, ममतामऊ, अहरी चौराहा, बसौली, इमलीपुर, रायपुर, चंदूरा और मोहम्मदपुर खाला थाना होते हुए मंदिर पहुंची। जहां भक्तों ने भगवान भोलेनाथ को 11 और 21 किलो के घंटे अर्पित किए। भगवान के स्वरूप में मौजूद कलाकारों ने शिव-पार्वती और राधा-कृष्ण की झांकियों से सभी का मन मोह लिया।
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हैदरगढ़ क्षेत्र के गोमती नदी किनारे स्थित प्राचीन श्री अवसानेश्वर महादेव मंदिर में भी आधी रात के बाद कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। भक्त बगल में गोमती से जल भरकर भगवान शिव का अभिषेक करते रहे। इस दौरान नदी से लेकर मंदिर परिसर तक पुलिस बल निगरानी में जुटा रहा। मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय गिरी के मुताबिक पूरे दिन में करीब 80 हजार श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे।
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सिरौलीगौसपुर के किंतूर स्थित महाभारतकालीन कुंतेश्वर महादेव मंदिर में भी आधी रात से जलाभिषेक शुरू हो गया। मान्यता है कि यहां शिवलिंग की स्थापना माता कुंती ने की थी। बाराबंकी ही नहीं, आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु यहां पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा और पुलिस व्यवस्था संभालती रही। यहां जलाभिषेक का सिलसिला आधी रात से शुरू हुआ तो चलता ही रहा। सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में सुबह तीन बजे से जलाभिषेक शुरू हो गया। तहसील प्रशासन और पुलिस की निगरानी में दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा। यहां भी 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर मनोकामनाएं मांगी।
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वनखंडेश्वर महादेव में घंटा किया अर्पण, निकली शोभायात्रा
सूरतगंज। मोहम्मदपुर खाला गांव स्थित प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद घंटा अर्पित किया गया। सावन के पहले सोमवार को घंटा चढ़ाने से पूर्व भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान भजनों और भक्ति गीतों से वातावरण गुंजायमान रहा। शोभायात्रा फूलपुर से शुरू होकर कई गांवों और चौराहों से गुजरी। यह यात्रा सूरतगंज मुख्य चौराहे, पुलिस चौकी, ममतामऊ, अहरी चौराहा, बसौली, इमलीपुर, रायपुर, चंदूरा और मोहम्मदपुर खाला थाना होते हुए मंदिर पहुंची। जहां भक्तों ने भगवान भोलेनाथ को 11 और 21 किलो के घंटे अर्पित किए। भगवान के स्वरूप में मौजूद कलाकारों ने शिव-पार्वती और राधा-कृष्ण की झांकियों से सभी का मन मोह लिया।