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Barabanki News: एसी में ठंडा रहे अफसर, मरीज पसीने से तर बतर
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:54 AM IST
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बाराबंकी। जिला अस्पताल की ओपीडी में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां पर आने वाले मरीज समस्याओं से दो-चार हो रहे हैं। ओपीडी में लगे पंखे खराब पड़े हैं, जिससे इस भीषण गर्मी में इलाज के लिए आने वाले मरीज और बीमार हो रहे हैं। अफसर और चिकित्सक एसी में रहते हैं, जबकि मरीज पसीने से तर बतर हो रहे हैं।
जिले अस्पताल की ओपीडी में करीब एक दर्जन से ज्यादा पंखे लगे हुए हैं। इनमें से आधे से ज्यादा पंखे या तो खराब पड़े हैं, या फिर कम हवा दे रहे हैं। औषधि वितरण कक्ष में दो पंखों में एक खराब पड़ा है। इसी प्रकार सर्जन कक्ष और अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगे पंखे भी खराब पड़े हैं।
सबसे ज्यादा भीड़ अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर और औषधि वितरण कक्ष के पास होती है। यहां के पंखे खराब होने की वजह से मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1400 से 1600 मरीज देखे जाते हैं। भीषण गर्मी के चलते इन दिनों अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, त्वचा रोग और पेट दर्द के आ रहे हैं।
सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य का कहना है कि कई पंखे काफी पुराने हो चुके हैं, जिससे दिक्कत आ रही है। सही कराने पर पंखे कुछ दिन बाद फिर बिगड़ जाते हैं। डीएम से अनुमोदन के बाद यहां पर नए पंखे लगाए जाएंगे।
कोई कहे तो करें...
पंखे खराब होने के बाबत सीएमएस का बयान सरकारी कामकाज की जो परिभाषा बयां कर रहा है, वो मौजूदा परिस्थितियों में स्वीकार्य नहीं हो सकता है। गर्मी आने के पहले ही पुराने पंखे बदलवा देने चाहिए था। जो पंखे खराब पड़े हैं, उनको ठीक कराना चाहिए था। मरीजों की समस्या पर जब खबर लिखी गई और उनसे पूछा गया, तब उनका जवाब आ रहा है कि डीएम से अनुमोदन लेकर पंखे बदलवाएंगे।
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जिले अस्पताल की ओपीडी में करीब एक दर्जन से ज्यादा पंखे लगे हुए हैं। इनमें से आधे से ज्यादा पंखे या तो खराब पड़े हैं, या फिर कम हवा दे रहे हैं। औषधि वितरण कक्ष में दो पंखों में एक खराब पड़ा है। इसी प्रकार सर्जन कक्ष और अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगे पंखे भी खराब पड़े हैं।
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सबसे ज्यादा भीड़ अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर और औषधि वितरण कक्ष के पास होती है। यहां के पंखे खराब होने की वजह से मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1400 से 1600 मरीज देखे जाते हैं। भीषण गर्मी के चलते इन दिनों अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, त्वचा रोग और पेट दर्द के आ रहे हैं।
सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य का कहना है कि कई पंखे काफी पुराने हो चुके हैं, जिससे दिक्कत आ रही है। सही कराने पर पंखे कुछ दिन बाद फिर बिगड़ जाते हैं। डीएम से अनुमोदन के बाद यहां पर नए पंखे लगाए जाएंगे।
कोई कहे तो करें...
पंखे खराब होने के बाबत सीएमएस का बयान सरकारी कामकाज की जो परिभाषा बयां कर रहा है, वो मौजूदा परिस्थितियों में स्वीकार्य नहीं हो सकता है। गर्मी आने के पहले ही पुराने पंखे बदलवा देने चाहिए था। जो पंखे खराब पड़े हैं, उनको ठीक कराना चाहिए था। मरीजों की समस्या पर जब खबर लिखी गई और उनसे पूछा गया, तब उनका जवाब आ रहा है कि डीएम से अनुमोदन लेकर पंखे बदलवाएंगे।

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