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Barabanki News: डीएम ने स्कूल बसों की फिटनेस जांच सख्ती से कराने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 14 Jan 2026 10:17 PM IST
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बाराबंकी। कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में बुधवार को डीएम शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक हुई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में संचालित सभी स्कूल बसों की फिटनेस जांच हर हाल में समयबद्ध तरीके से पूरी कराई जाए।
डीएम ने निर्देश दिए कि स्कूल बस चालकों व हेल्परों का अनिवार्य रूप से चरित्र सत्यापन और उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।यातायात पुलिस व परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में अनधिकृत रूप से मॉडिफाइड अथवा इलेक्ट्रिक फिटिंग में बदलाव किए गए वाहनों का प्रयोग बच्चों के परिवहन में न किया जाए। बच्चों को स्कूल आने-जाने में एक घंटे से अधिक समय नहीं लगना चाहिए। साथ ही विद्यालय प्रबंधन द्वारा शिक्षा के व्यावसायीकरण संबंधी जांच समिति द्वारा निर्धारित अनुरक्षण शुल्क ही विद्यार्थियों से वसूला जाए। विद्यालयी वाहनों में अनिवार्य रूप से परिचर की तैनाती तथा छात्राओं के वाहनों में महिला परिचर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति के गठन, वाहनों को मानक अनुरूप कराने तथा मानकों का पालन न करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि किसी भी छात्र-छात्रा का आवागमन अनधिकृत या असुरक्षित वाहनों जैसे ई-रिक्शा व ऑटो से न कराया जाए। बैठक में एएसपी उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी, सीओ आलोक पाठक, एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला, यातायात प्रभारी रामयतन यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी त्रिपाठी, ईओ संजय शुक्ला मौजूद रहे।
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डीएम ने निर्देश दिए कि स्कूल बस चालकों व हेल्परों का अनिवार्य रूप से चरित्र सत्यापन और उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।यातायात पुलिस व परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में अनधिकृत रूप से मॉडिफाइड अथवा इलेक्ट्रिक फिटिंग में बदलाव किए गए वाहनों का प्रयोग बच्चों के परिवहन में न किया जाए। बच्चों को स्कूल आने-जाने में एक घंटे से अधिक समय नहीं लगना चाहिए। साथ ही विद्यालय प्रबंधन द्वारा शिक्षा के व्यावसायीकरण संबंधी जांच समिति द्वारा निर्धारित अनुरक्षण शुल्क ही विद्यार्थियों से वसूला जाए। विद्यालयी वाहनों में अनिवार्य रूप से परिचर की तैनाती तथा छात्राओं के वाहनों में महिला परिचर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति के गठन, वाहनों को मानक अनुरूप कराने तथा मानकों का पालन न करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि किसी भी छात्र-छात्रा का आवागमन अनधिकृत या असुरक्षित वाहनों जैसे ई-रिक्शा व ऑटो से न कराया जाए। बैठक में एएसपी उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी, सीओ आलोक पाठक, एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला, यातायात प्रभारी रामयतन यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी त्रिपाठी, ईओ संजय शुक्ला मौजूद रहे।
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