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Barabanki News: जाम की समस्या से जूझ रही पर्यटन नगरी देवा
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:50 AM IST
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बाराबंकी। स्थानीय कस्बे में सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार होने के कारण इसकी पहचान पर्यटन नगरी के रूप में है। लेकिन जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर दिन में कई बार जाम लगता है। इससे राहगीर और श्रद्धालु काफी परेशान होते हैं।
जिम्मेदार पुलिसकर्मी इस समस्या से निजात दिलाने के बजाय चुप्पी साधे रहते हैं। यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी कुछ होमगार्ड को सौंपकर कर्तव्य पूरा कर लिया जाता है। अवैध अतिक्रमण और निजी डग्गामार वाहनों का जहां-तहां खड़ा होना जाम का मुख्य कारण है। ये वाहन जहां-तहां झुंड बनाकर खड़े होते हैं और सवारी भरते हैं।
सूफी संत की नगरी होने के कारण यहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। इसके अतिरिक्त, करीब पांच प्रखंडों के लोग देवा कस्बे से होकर गुजरते हैं। पुलिसकर्मियों की भारी संख्या में तैनाती के बावजूद वे जाम से मुक्ति दिलाने में असफल हैं। लोग जाम में फंसकर लंबे समय तक बेहाल रहते हैं। यह समस्या कस्बे में नासूर बन चुकी है।
कस्बे के कुर्सी मार्ग चौराहा, कौमी एकता द्वार, धारे की पुलिया और प्रखंड कार्यालय के सामने अक्सर जाम देखा जाता है। इन स्थानों पर यातायात व्यवस्था के नाम पर केवल कुछ होमगार्ड तैनात रहते हैं। कोतवाली के इंस्पेक्टर अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चैत्र मेले के समापन के बाद श्रद्धालुओं की वापसी से जाम हो रहा है। अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान से प्रमुख चौराहों और मार्गों को जाम से मुक्ति दिलाई जाएगी।
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जिम्मेदार पुलिसकर्मी इस समस्या से निजात दिलाने के बजाय चुप्पी साधे रहते हैं। यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी कुछ होमगार्ड को सौंपकर कर्तव्य पूरा कर लिया जाता है। अवैध अतिक्रमण और निजी डग्गामार वाहनों का जहां-तहां खड़ा होना जाम का मुख्य कारण है। ये वाहन जहां-तहां झुंड बनाकर खड़े होते हैं और सवारी भरते हैं।
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सूफी संत की नगरी होने के कारण यहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। इसके अतिरिक्त, करीब पांच प्रखंडों के लोग देवा कस्बे से होकर गुजरते हैं। पुलिसकर्मियों की भारी संख्या में तैनाती के बावजूद वे जाम से मुक्ति दिलाने में असफल हैं। लोग जाम में फंसकर लंबे समय तक बेहाल रहते हैं। यह समस्या कस्बे में नासूर बन चुकी है।
कस्बे के कुर्सी मार्ग चौराहा, कौमी एकता द्वार, धारे की पुलिया और प्रखंड कार्यालय के सामने अक्सर जाम देखा जाता है। इन स्थानों पर यातायात व्यवस्था के नाम पर केवल कुछ होमगार्ड तैनात रहते हैं। कोतवाली के इंस्पेक्टर अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चैत्र मेले के समापन के बाद श्रद्धालुओं की वापसी से जाम हो रहा है। अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान से प्रमुख चौराहों और मार्गों को जाम से मुक्ति दिलाई जाएगी।
