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Barabanki News: हंगामे के दो दिन बाद हुआ यूरिया का वितरण
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 21 Apr 2026 01:55 AM IST
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सिद्धौर। साधन सहकारी समिति चांदूपुर में यूरिया की कालाबाजारी के मामले में किसानों के हंगामे के बाद कोशिश नाकाम हुई। डीएम की सख्ती के बाद जांच की जद में सचिव से लेकर प्रबंधक व सहायक निबंधन तक आने के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मचा है। जांच शुरू होने की भनक लगते ही सोमवार को समिति पर यूरिया का वितरण शुरू किया गया।
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और एक मई से फार्मर रजिस्ट्री से खाद मिलने की खबरों से किसान अपनी आगामी फसलों के लिए यूरिया का स्टाॅक जमा कर रहे हैं। किसानों की इस जरूरत का फायदा यूरिया खाद के तस्कर उठाने में जुटे है। दाे दिन पहले सिद्धौर की साधन सहकारी समिति पर पीसीएफ के फतेहाबाद गोदाम से 500 की जगह वाहन पर 400 बोरी यूरिया भेजी गई, लेकिन पांच सौ बोरी के कागजात भेज दिए। इस पर सचिव के हस्ताक्षर लेकर सौ बोरी यूरिया की कालाबाजारी की जानी थी। इस कार्य में लगे जिम्मेदारों की यह मंशा पूरी होने से पहले किसानों ने उनकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
किसानों के हंगामे के बाद जिला कृषि अधिकारी राजित राम और उप निबंधन सहकारिता लोकेश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। जांच में सौ बोरी यूरिया मौजूद अभिलेखों से कम थी। पूछताछ में जिम्मेदारों ने वाहन पर चार सौ बोरी यूरिया का लोड उठाने में सक्षम होने की बात कही। उसके बाद दूसरे वाहन से सौ बोरी यूरिया भेज अपना बचाव किया। सोमवार को चांदूपुर, न्योछना समिति पर खाद का वितरण किया गया। बीबियापुर, फिरोजाबाद और सेमरावां समितियों पर ही खाद उपलब्ध है।
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किसानों के हंगामे के बाद जिला कृषि अधिकारी राजित राम और उप निबंधन सहकारिता लोकेश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। जांच में सौ बोरी यूरिया मौजूद अभिलेखों से कम थी। पूछताछ में जिम्मेदारों ने वाहन पर चार सौ बोरी यूरिया का लोड उठाने में सक्षम होने की बात कही। उसके बाद दूसरे वाहन से सौ बोरी यूरिया भेज अपना बचाव किया। सोमवार को चांदूपुर, न्योछना समिति पर खाद का वितरण किया गया। बीबियापुर, फिरोजाबाद और सेमरावां समितियों पर ही खाद उपलब्ध है।

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