Barabanki: एचटी लाइन से उतरे करंट ने ली युवक की जान, मासूमों के सिर से उठ गया पिता का साया; बिलख उठे घरवाले
बाराबंकी में एचटी लाइन से उतरे करंट ने युवक की जान ले ली। वह फसल की रखवाली के लिए खेत गया था। फिर कभी घर नहीं लौट सका। दो मासूमों के सिर से पिता का साया उठ गया। जवान बेटे की लाश देखकर घरवाले बिलख उठे। आगे पढ़ें पूरा मामला...
विस्तार
यूपी के बाराबंकी में बृहस्पतिवार की देर रात हाईटेंशन लाइन के तार से उतरे करंट ने युवक की जान ले ली। वह फसल की रखवाली करने खेत गया था। आसपास के लोगों ने देखा तो घरवालों को सूचना दी। खबर मिली तो घर में चीख पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली।
घटना सतरिख थाना क्षेत्र के बड़ापुरा गांव के पास की है। क्षेत्र के ही गढ़ी प्रथम मोहल्ला निवासी मुन्नालाल का पुत्र विनय कुमार (26) फसल की रखवाली के लिए खेत गया था। परिजनों ने बताया कि छुट्टा मवेशियों से फसल बचाने के लिए रखवाली करनी पड़ती है। रात करीब 11 बजे विनय खेत पहुंचा था।
पुलिस के अनुसार, खेत के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से एक रस्सी लटक रही थी। रात में ओस गिरने के कारण रस्सी गीली हो गई थी। इसमें करंट उतर आया था। अंधेरे में विनय को इसका अंदाजा नहीं लगा पाया। जैसे ही वह उस रस्सी के संपर्क में आया, करंट लगा और वह वहीं पर गिर पड़ा।
आसपास के लोगों ने देखा तो घरवालों को दी सूचना
आसपास के खेतों में फसल की रखवाली कर रहे दो अन्य लोग भी थे। काफी देर तक जब उन्होंने विनय की टॉर्च की रोशनी नहीं देखी तो चिंता हुई। वे लोग उसके खेत की ओर पहुंचे तो देखा कि विनय जमीन पर पड़ा है। उन्होंने परिजनों को सूचना दी। आनन-फानन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने बताया कि तीन भाइयों में विनय मझले नंबर पर था। उसको दो बच्चे हैं। एक डेढ़ साल और दूसरा तीन महीने का है। खबर मिली तो पत्नी बदहवास होकर बेहोश हो गई। गांव की महिलाएं और परिजन उसे संभालने में जुटे रहे। एसएचओ डीके सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
छुट्टा मवेशियों की समस्या... किसानों के लिए मौत का रास्ता
ग्रामीण इलाकों में छुट्टा मवेशियों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। रात के समय यह मवेशी आलू, अफीम और अन्य कीमती फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। मजबूरी में किसान अपनी जान जोखिम में डालकर रात-रातभर खेतों में पहरा देते हैं। टॉर्च की रोशनी और लाठी के सहारे मवेशियों को भगाने की कोशिश करते हैं।
