'मैं हाउस अरेस्ट हूं': बरेली में अलंकार अग्निहोत्री का फिर बड़ा दावा, आवास के बाहर पहरा, लग रहे सीसीटीवी कैमरे
Bareilly News: बरेली में प्रशासन पर बंधक बनाने का आरोप लगाने वाले निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने बुधवार को एक और दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया है। उन्हें उनके आवास से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर एडीएम सिटी ने कहा कि आरोप निराधार और गलत हैं।
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बरेली में निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने मंगलवार की रात अपने व्हाट्स एप पर स्टेट्स अपडेट किया। उन्होंने लिखा कि मैं एडीएम कंपाउंड में हाउस अरेस्ट हूं। बातचीत का एकमात्र जरिया यह मोबाइल फोन है। अगर मुझसे संपर्क न हो पाए तो सभी को भारत के संविधान के तहत हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दाखिल करें। अगर हमसे संपर्क नहीं हो पाता है, तो कृपया प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री के ऑफिस के साथ ही हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकीलों को सूचित करें। पुलिसकर्मियों को एडीएम कंपाउंड में मोबाइल जैमर लगाने का निर्देश दिया गया है। ताकि, हमें बाहरी दुनिया से अलग किया जा सके। सभी अंदरूनी जानकारी देने वालों का धन्यवाद। आपको सलाम, लोकतंत्र बचाओ।
अलंकार अग्निहोत्री के इन आरोपों पर बुधवार को एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने सफाई दी। एडीएम सिटी ने कहा कि निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री को हाउस अरेस्ट नहीं किया गया है। अलंकार अग्निहोत्री अभी सरकारी सेवा में हैं और लोकसेवक होने के नाते वह सुरक्षा प्रोटोकॉल के दायरे में है। वह एक आवासीय कॉलोनी में रहते हैं, जहां अन्य अधिकारी भी परिवार के साथ रहते हैं। ऐसे में परिसर की सुरक्षा के मद्देनजर बाहरी लोगों को एक निश्चित सीमा तक ही प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। हाउस अरेस्ट जैसी बात पूरी तरह से निराधार और गलत है।
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आवास पर अधिकारियों और पुलिस का पहरा
निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री बुधवार को दोपहर एक बजे तक सरकारी आवास से बाहर नहीं निकले। वह आवास के अंदर ही मौजूद हैं। जबकि उनके सरकारी आवास के सामने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में उनके समर्थकों की भीड़ जुटी है। सुबह अलंकार आवास से निकलकर गेट पर जरूर आए थे और मीडिया कर्मियों से खुद को हाउस अरेस्ट होना बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रशासन ने उन्हें आवास के अंदर ही रहने की हिदायत दी है और वह कानून को मानकर अपने आवास में ही हैं।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उन्हें उनके आवास से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि आपको बाहर न जाने देने के निर्देश मिले हैं। उन्होंने कहा कि उनके आवास पर अनावश्यक रूप से सीसी कैमरे लगा कर उनकी निजता का हनन किया जा रहा है। आवास के अंदर परिसर में एडीएम सिटी सौरभ दुबे, प्रभारी रामजनम यादव, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार और सीओ पंकज श्रीवास्तव सुबह से ही मौजूद हैं। आवास के चारों तरफ पुलिस का पहरा है।
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साढ़े दस साल की उम्र से कर रहा हूं संघर्ष
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जब वह साढ़े दस साल के थे, तभी पिता का निधन हो गया था। उसी समय से जीवन में संघर्ष शुरू हो गया था। संघर्ष करते हुए ही जीवन के इस मुकाम तक पहुंचा और जो भी निर्णय लिया हूं सोच-समझ कर लिया हूं। जल्द ही भविष्य की कार्ययोजना साझा करूंगा।
अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफा दिए जाने और उनके निलंबन होने के बाद बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का पद रिक्त हो गया था। डीएम अविनाश सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट पद का अतिरिक्त चार्ज अपार उप जिलाधिकारी रामजनम यादव को बुधवार को दे दिया है। इस संबंध में उन्होंने आदेश भी जारी कर दिया है।
