UP: बरेली से बाहर भेजे गए अलंकार अग्निहोत्री, समर्थकों ने किया कार रोकने का प्रयास, पुलिस से धक्कामुक्की
Bareilly News: निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री को बुधवार दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच बरेली से बाहर भेज दिया गया। इस दौरान उनके समर्थकों ने गाड़ी रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस अलंकार अग्निहोत्री को वाहन में बैठाकर बाहर भेजने में कामयाब रही।
विस्तार
बरेली में निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री को बुधवार दोपहर 2:18 बजे निजी वाहन से बरेली से बाहर भेज दिया गया। इस दौरान उनके समर्थकों में जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला। समर्थकों ने अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से बाहर न जाने देने के लिए रोकने का भरकस प्रयास किया। गुस्साए समर्थकों ने पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की कर दी।
धक्कामुक्की होने से एक इंस्पेक्टर जमीन पर गिर गए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर समर्थकों को गाड़ी के आगे से हटाया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से बाहर भेजने में कामयाब रहा। इसके बाद उनके समर्थकों ने रामपुर की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू दी।
हाउस अरेस्ट करने का लगाया था आरोप
इससे पहले, बुधवार को सुबह अलंकार अग्निहोत्री सरकारी आवास से निकलकर गेट पर आए थे और मीडिया कर्मियों से खुद को हाउस अरेस्ट होना बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रशासन ने उन्हें आवास के अंदर ही रहने की हिदायत दी है और वह कानून को मानकर अपने आवास में ही रुके। अलंकार ने कहा कि उन्हें उनके आवास से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।
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अलंकार अग्निहोत्री ने कहा था कि उनके आवास पर अनावश्यक रूप से सीसी कैमरे लगा कर उनकी निजता का हनन किया जा रहा है। आवास के अंदर परिसर में एडीएम सिटी सौरभ दुबे, प्रभारी रामजनम यादव, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार और सीओ पंकज श्रीवास्तव सुबह से ही मौजूद रहे। आवास के चारों तरफ पुलिस का पहरा रहा।
एडीएम सिटी ने कहा- आरोप निराधार
अलंकार अग्निहोत्री के इन आरोपों पर बुधवार को एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने सफाई दी। एडीएम सिटी ने कहा कि निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री को हाउस अरेस्ट नहीं किया गया है। अलंकार अग्निहोत्री अभी सरकारी सेवा में हैं और लोकसेवक होने के नाते वह सुरक्षा प्रोटोकॉल के दायरे में थे। वह एक आवासीय कॉलोनी में रहते हैं, जहां अन्य अधिकारी भी परिवार के साथ रहते हैं। ऐसे में परिसर की सुरक्षा के मद्देनजर बाहरी लोगों को एक निश्चित सीमा तक ही प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। हाउस अरेस्ट जैसी बात पूरी तरह से निराधार और गलत है।
शामली के कलेक्टर ऑफिस से किया गया अटैच
गणतंत्र दिवस पर कलक्ट्रेट में झंडा फहराने के बाद 2019 बैच के पीसीएस अफसर अलंकार ने अपने इस्तीफा देने की बात सार्वजनिक कर दी थी। इस्तीफा भेजने के बाद अलंकार मुखर हो गए थे और यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य के अपमान पर वह केंद्र-राज्य सरकार को घेरने लगे थे। फिर देर शाम डीएम से मिलने उनके आवास गए थे।
वहां से बाहर निकलने पर उन्होंने डीएम आवास में 45 मिनट तक बंधक बनाए रखे जाने का आरोप लगाया। हालांकि डीएम ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। देर रात अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया था। उन्हें शामली के कलेक्टर ऑफिस से अटैच किया गया है। मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को सौंपी गई है।
व्हाट्सएप पर लगाया था ये स्टेट्स
अलंकार अग्निहोत्री ने मंगलवार की रात अपने व्हाट्सएप पर स्टेट्स अपडेट किया। उन्होंने लिखा कि मैं एडीएम कंपाउंड में हाउस अरेस्ट हूं। बातचीत का एकमात्र जरिया यह मोबाइल फोन है। अगर मुझसे संपर्क न हो पाए तो सभी को भारत के संविधान के तहत हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दाखिल करें। अगर हमसे संपर्क नहीं हो पाता है, तो कृपया प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री के ऑफिस के साथ ही हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकीलों को सूचित करें। पुलिसकर्मियों को एडीएम कंपाउंड में मोबाइल जैमर लगाने का निर्देश दिया गया है। ताकि, हमें बाहरी दुनिया से अलग किया जा सके। सभी अंदरूनी जानकारी देने वालों का धन्यवाद। आपको सलाम, लोकतंत्र बचाओ।
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