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राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने श्रुति गंगवार को बनाया प्रत्याशी, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की हैं बेटी
Mon, 05 Oct 2026 03:28 PM IST
Mukesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Mon, 05 Oct 2026 03:28 PM IST
सार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश से आठ उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। सूची में बरेली की श्रुति गंगवार का नाम भी शामिल है। श्रुति गंगवार झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी हैं। वह अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष भी हैं।
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राज्यसभा उम्मीदवार श्रुति गंगवार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा चुनाव के लिए बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए बरेली में चार दशकों से सियासत के धुरंधर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को अपना प्रत्याशी बनाया है। पार्टी के इस कदम को रूहेलखंड क्षेत्र में सामाजिक संतुलन साधने, कुर्मी वोट बैंक को मजबूती से बांधे रखने और पार्टी के प्रति निष्ठावान पुराने नेतृत्व का सम्मान करने के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह फैसला महज एक सीट का नामांकन नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भावी राजनीति की दिशा तय करने वाला मास्टरस्ट्रोक है।
यह भी पढ़ें- यूपी: राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने आठ उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की, यहां देखें पूरी सूची
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रूहेलखंड क्षेत्र विशेषकर बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में कुर्मी समुदाय की निर्णायक उपस्थिति है। आठ बार के सांसद रहे संतोष गंगवार इस वर्ग के सर्वमान्य चेहरे माने जाते रहे हैं। श्रुति गंगवार को उच्च सदन भेजकर पार्टी ने ओबीसी वोट बैंक को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह फैसला महज एक सीट का नामांकन नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भावी राजनीति की दिशा तय करने वाला मास्टरस्ट्रोक है।
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रूहेलखंड क्षेत्र विशेषकर बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में कुर्मी समुदाय की निर्णायक उपस्थिति है। आठ बार के सांसद रहे संतोष गंगवार इस वर्ग के सर्वमान्य चेहरे माने जाते रहे हैं। श्रुति गंगवार को उच्च सदन भेजकर पार्टी ने ओबीसी वोट बैंक को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
पिता संतोष गंगवार हैं झारखंड के राज्यपाल
2024 के लोकसभा चुनावों में टिकटों के पुनर्गठन और नई पीढ़ी को मौका देने के क्रम में संतोष गंगवार का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय कैडर में जो असमंजस था, पार्टी ने उसे क्रमवार दूर किया है। पहले संतोष गंगवार को झारखंड के राज्यपाल के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई और अब उनकी पुत्री को उच्च सदन का प्रत्याशी बनाकर भाजपा ने यह साबित किया है कि वह अपने समर्पित परिवारों को दरकिनार नहीं करती।
इसके अलावा समाजवादी पार्टी द्वारा लगातार 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नैरेटिव गढ़ने के बीच भाजपा लगातार उच्च शिक्षित, पेशेवर और युवाओं को आगे लाकर इस रणनीति की धार कुंद कर रही है। आईआईटी पृष्ठभूमि से आने वाली पेशेवर इंजीनियर श्रुति गंगवार को मुख्यधारा की राजनीति में लाकर भाजपा ने एक नई और आधुनिक छवि पेश की है।
अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की हैं अध्यक्ष
अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की कमान संभालने और लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रहने के बाद, श्रुति गंगवार का यह औपचारिक राजनीतिक पर्दापण रूहेलखंड में भाजपा को एक मजबूत और युवा महिला चेहरा प्रदान करेगा। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा का यह कदम कुर्मी बहुल सीटों पर विपक्षी दलों के जातिगत प्रयोगों पर ब्रेक लगाएगा। संतोष गंगवार की राजनीतिक विरासत को नई ऊर्जा मिलने से बरेली और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी कैडर के भीतर अनुशासन और एकजुटता और मजबूत होगी।
अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की कमान संभालने और लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रहने के बाद, श्रुति गंगवार का यह औपचारिक राजनीतिक पर्दापण रूहेलखंड में भाजपा को एक मजबूत और युवा महिला चेहरा प्रदान करेगा। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा का यह कदम कुर्मी बहुल सीटों पर विपक्षी दलों के जातिगत प्रयोगों पर ब्रेक लगाएगा। संतोष गंगवार की राजनीतिक विरासत को नई ऊर्जा मिलने से बरेली और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी कैडर के भीतर अनुशासन और एकजुटता और मजबूत होगी।