एलपीजी की कालाबाजारी: बरेली में अफसरों के दावे धुआं, घरों-दुकानों में धड़ल्ले से बिक रहे गैस सिलिंडर
जहां एक तरफ उपभोक्ता गैस सिलिंडर न मिलने से परेशान हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सिलिंडर की धड़ल्ले से कालाबाजारी हो रही है। दुकानों पर ब्लैक में 15 सौ रुपये तक का सिलिंडर बिक रहा है। अमर उजाला की टीम ने स्टिंग किया तो यह खुलासा हुआ।
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बरेली में एलपीजी की किल्लत के बीच गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और ओवररेटिंग धड़ल्ले से जारी है। कई मोहल्लों के घरों और दुकानों से चोरी-छिपे मनमुताबिक कीमत पर सिलिंडर रिफिलिंग का खेल जारी है। इससे जहां प्रशासनिक दावे तार-तार हो रहे हैं, वहीं हादसे की आशंका भी बनी हुई है। अमर उजाला की टीम ने बुधवार को स्टिंग किया तो यह हकीकत बेपर्दा हुई।
संकरी गलियों में न तो निगरानी का असर है, न ही कार्रवाई हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन में इन दुकानों के शटर बंद रहते हैं। रात में कालाबाजारी की जा रही है। टीम ने सिलिंडर लदे वाहनों का पीछा किया तो इन ठिकानों का पता चला।
'कड़ी निगरानी हो रही है, शाम को रुपये लेकर आना'
कटरा चांद खां में मौर्य मंदिर की ओर जा रहे सिलिंडर लदे वाहन के पीछे टीम गई। वाहन मंदिर के सामने खड़ा हो गया। वाहन चालक ने बताया कि वह लल्ला मार्केट स्थित गैस एजेंसी से आ रहा है। उसने एक-एक कर आठ सिलिंडर उतारे और पास के घर में पहुंचा दिए। टीम के साथी ने आवाज दी तो घर से एक व्यक्ति निकला। सिलिंडर रिफिल के लिए पूछने पर उसने शाम को रुपये लेकर आने की बात कही। घर के अंदर सिलिंडर का भार नापने का कांटा भी था। कुछ परिचित लोग सिलिंडर लेकर आए तो उन्हें लेकर अंदर चला गया।
खाली सिलिंडर और 15 सौ रुपये लाना दिलवा देंगे
सतीपुर चौराहा पर ठेले पर घरेलू सिलिंडर से पकौड़ी, समोसा, चाय, छोला-कुल्चा आदि बनाया जा रहा था। सिलिंडर कहां से मिले, पूछने पर बताया कि एक गैस गोदाम पर शाम को सिलिंडर मिल जाते हैं। अगर चाहिए तो शाम को 15 सौ रुपये लेकर आना। अभी जांच चल रही है, इसलिए दोपहर में खुलेआम कोई सौदा नहीं होगा। हम साथ चलकर दिलवा देंगे। बताया कि सिलिंडर अब दो सौ रुपये किलो में भर रहे हैं।
घर में बने जनरल स्टोर में रखे कॉमर्शियल सिलिंडर
नवादा से सतीपुर रोड की ओर एक जनरल स्टोर के बाहर सिलिंडर लदा वाहन खड़ा था। दुकान से खाली कॉमर्शियल सिलिंडर निकालकर एक व्यक्ति ने वाहन में रखा और भरे हुए तीन सिलिंडर लिए। यह स्थिति तब है, जब कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति ठप है। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि फास्ट फूड विक्रेता यहां आकर गैस रिफिल कराते हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि एलपीजी सिलिंडरों की जमाखोरी और ओवर रेटिंग पर नियंत्रण के लिए टीमें निगरानी कर रही हैं। किसी घर या दुकान में अगर अवैध रिफिलिंग हो रही है तो जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।